K-पॉप बैंड BTS के गानों, ChatGPT के सहारे श्रुति बनीं CA टॉपर! जानिए उनके 'सक्सेस सीक्रेट्स'

10वीं और 12वीं में स्कूल टॉप करने वाली चेन्नई की श्रुति वी ने अब CA इंटरमीडिएट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल कर कमाल कर दिया है. 600 में से 492 अंक (82%) लाने वाली श्रुति को रिजल्ट का पता तब चला जब खुद ICAI के प्रेसिडेंट ने उन्हें कॉल किया. मुश्किल तैयारी के दौरान कोरियन बैंड BTS के संगीत और AI टूल्स ने उनका हौसला बनाए रखा.

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जानिए बिना किसी एक्स्ट्रा बुक के कैसे 10वीं-12वीं की टॉपर ने CA Inter में लहराया परचम (AI-enhanced) जानिए बिना किसी एक्स्ट्रा बुक के कैसे 10वीं-12वीं की टॉपर ने CA Inter में लहराया परचम (AI-enhanced)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

अक्सर कहा जाता है कि सीए (CA) जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने के लिए सब कुछ छोड़कर सिर्फ किताबों में डूबना पड़ता है. लेकिन चेन्नई की श्रुति वी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है. 10वीं और 12वीं की टॉपर रह चुकीं श्रुति ने CA इंटरमीडिएट परीक्षा (सितंबर 2026) में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल की है. उन्होंने 600 में से 492 अंक (82%) प्राप्त किए हैं.

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सबसे मजेदार बात यह रही कि श्रुति को रिजल्ट वेबसाइट पर जाकर देखने की जरूरत ही नहीं पड़ी. खुद इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के प्रेसिडेंट CA प्रसन्न कुमार ने उन्हें फोन करके इस उपलब्धि की जानकारी दी, जिसे सुनकर वे एक पल के लिए स्पीच लेस रह गईं. 

BTS के गानों से मिली पढ़ाई की एनर्जी

अपनी इस कठिन तैयारी के सफर में श्रुति ने अपनी हॉबीज को कभी खुद से दूर नहीं होने दिया. वे खुद को एक 'म्यूजिक एडिक्ट' बताती हैं. पढ़ाई के दौरान तनाव को दूर करने के लिए वे कोरियन के-पॉप बैंड BTS के गाने सुना करती थीं और उनके वीडियो देखा करती थीं. श्रुति का कहना है कि मुश्किल दिनों में संगीत और BTS के कंटेंट ने उनका हौसला बनाए रखा और रिफ्रेश होने में मदद की.

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कठिन कॉन्सेप्ट्स को समझने के लिए लिया AI का सहारा

श्रुति ने अपनी पढ़ाई में मॉडर्न टेक्नोलॉजी का भी बेहतरीन इस्तेमाल किया. जब कभी लॉ या ऑडिट जैसे थ्योरी सब्जेक्ट्स के कठिन पैराग्राफ या लीगल लैंग्वेज को समझने में दिक्कत आती थी, तो वे ChatGPT और Gemini जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद लेती थीं. वे किताबों के कठिन हिस्से का फोटो अपलोड कर AI से उसे आसान भाषा में समझाने को कहती थीं.

श्रुति के 'गोल्डन रूल्स' 

श्रुति ने किसी भी एक्स्ट्रा रेफरेंस बुक का इस्तेमाल नहीं किया. उनका कहना है कि ICAI का स्टडी मटेरियल अपने आप में पूरा है. छात्रों को सिर्फ उसी पर भरोसा रखना चाहिए और बार-बार रिवीजन करना चाहिए. वो रोज टाइमटेबल की जगह फ्लेक्सिबल रूटीन फॉलो करती थीं. एक मजबूत और एक कमजोर विषय का कॉम्बिनेशन बनाकर पढ़ाई करती थीं, ताकि दिमाग पर ज्यादा बोझ न पड़े.

श्रुति का मानना है कि परीक्षा से पहले पूरा 100% सिलेबस परफेक्ट होना लगभग नामुमकिन है. उन्होंने खुद कुछ चैप्टर्स छोड़ दिए थे, लेकिन अपने टीचर्स के भरोसे पर परीक्षा दी और इतिहास रच दिया.

एसएस एकेडमी (तिरुचिरापल्ली) से ऑनलाइन क्लासेस लेने वाली श्रुति अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और टीचर्स को देती हैं, जिन्होंने खुद से ज्यादा उन पर भरोसा जताया. अब उनका अगला लक्ष्य अपनी आर्टिकलशिप पूरी कर फाइनल परीक्षा क्लियर करना और एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है.

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