सोशल मीडिया ने लोगों को केवल पॉजिटिव नहीं निगेटिव काम को करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है. दरअसल, कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू करने या कंटेंट क्रिएटर के फील्ड में आगे बढ़ने का ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा है. स्थिर नौकरी को छोड़कर कुछ ऐसा काम करना जो, आपको जुनून से भर दे वाली कहानियां लोगों को खूब पसंद आती हैं. लेकिन अगर आप इस क्षेत्र में सफल हो जाए तो अच्छा लेकिन अगर इस आपका ये काम सफल नहीं हुआ तो? मानसी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. इसके बाद से उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने अनुभव के बारे में बताते हुए सलाह भी दी है.
पोस्ट में क्या-क्या?
मानसी खंडेलवाल ने बताया कि मैंने बहुत बड़ी गलती की है आप मत करना. कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ चुकीं खंडेलवाल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने बताया कि सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति की सोशल मीडिया पोस्ट देखकर नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों नहीं करना चाहिए. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर अक्सर नौकरी छोड़ने का फैसला तो नजर आता है, लेकिन उसके पीछे होने वाली परेशानी किसी को दिखाई नहीं देती है. नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ जाता है.
खंडेलवाल ने बताया कि उन्हें अक्सर ऐसे मैसेज मिलते हैं, जिनमें लोग कहते हैं कि कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने से जुड़ी उनकी पोस्ट देखकर उन्हें भी नौकरी छोड़ने का मन हुआ. ऐसे लोगों को उनका जवाब साफ होता है नौकरी मत छोड़ो.
क्या अभी के लाइफस्टाइल को कर लेंगे मैनेज
उन्होंने आगे बताया कि नौकरी छोड़ने के उनका यह फैसला अचानक या खुद को बहादुर दिखाने के लिए नहीं था. नौकरी छोड़ने से पहले उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हिसाब लगाया था. उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि अगर उनकी कमाई अचानक बंद हो जाए तो क्या वह जो लाइफस्टाइल जी रही हैं, उसका खर्च बिना नौकरी के उठा पाएंगी?
अगर दो साल तक नहीं मिली नौकरी तो?
मानसी के मन में ये सवाल कई बार उठा. उन्होंने खुद से ये सवाल किया कि मान लेते हैं कि अगर उन्हें एक या दो साल तक कोई नौकरी न मिले या कोई ग्राहक न मिले तो वह क्या करेंगी? इस स्थिति में उन्हें अपने लाइफस्टाइल में बहुत बदलाव करने होंगे. वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद से एक एक सवाल किया और जवाब नहीं आया. क्या उन्हें अपना फ्लैट बदलना होगा? जवाब फिर नहीं आया. क्या उन्हें घूमने-फिरने पर खर्च कम करना पड़ेगा? इसका जवाब भी नहीं था.
यानी अगर एक-दो साल तक उनकी कोई कमाई नहीं होते हुए भी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पहले जैसी चल सकती थी. यही एक भरोसे ने उन्हें नौकरी छोड़ने के फैसले में उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना. उन्हें पता था कि नियमित सैलरी बंद होने के बाद भी उनके पास अपनी जिंदगी संभालने के लिए पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा है.
नौकरी छोड़ने से पहले साढ़े छह साल तक की बचत
खंडेलवाल ने वीडियो में आगे बताया कि जो सोशल मीडिया पर आसानी से नजर नहीं आता. लोग उनकी पोस्ट देखकर सिर्फ इतना जानते हैं कि उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी लेकिन इस फैसले के पीछे कई साल की आर्थिक तैयारी भी थी. उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ने से पहले उन्होंने करीब साढ़े छह साल तक पैसे बचाए थे. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जब वह बताती हैं कि उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी, तो वह यह बात अक्सर नहीं बतातीं कि इस फैसले से पहले उन्होंने साढ़े छह साल तक बचत की थी. सोशल मीडिया पर ये काम बहुत साहस वाला लग सकता है लेकिन इसके पीछे की कहानी वहीं जानते हैं, जो इससे गुजर रहे हों.
बहादुर बनने के लिए न छोड़ो नौकरी
अपनी इस वीडियो पोस्ट में मानसी ने लोगों से अपील की है कि केवल बहादुर बनने के लिए नौकरी छोड़ना बेवकूफी है. हालांकि, उनके इस वीडियो को शेयर करने का मतलब केवल इतना था कि उन्होंने खुद नौकरी छोड़ने से पहले कई तैयारी की थी और सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर चीज जरूरी नहीं है कि सही ही हो. खंडेलवाल ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो के कैप्शन में भी इसी बात पर जोर दिया. उन्होंने लिखा कि सिर्फ इसलिए हार मत मानो क्योंकि तुम्हें लगता है कि तुम बहादुर हो. मैंने इसलिए हार मानी क्योंकि मैंने हिसाब-किताब कर लिया था और मुझे उम्मीद है कि इससे तुम्हें भी मदद मिलेगी.
आजतक एजुकेशन डेस्क