नौकरी बची तो लगा टल गई परेशानी... लेकिन फिर सामने आई नई दिक्कत, टेक कर्मचारी ने बयां किया दर्द

आज के जॉब मार्केट में नौकरी बचाना सबसे बड़ा टास्क है. बढ़ती महंगाई और परिवार की जिम्मेदारियां को पूरी करने के लिए नौकरी अब केवल कमाई का जरिया नहीं रह गया है बल्कि लाइफ सेविंग जैकेट बन गया है. लेकिन एआई और ऑटोमेशन के दौर में छंटनी का खतरा लोगों को डरा रहा है.

Advertisement
नौकरी तो बच गई लेकिन काम नहीं हो रहा है खत्म. नौकरी तो बच गई लेकिन काम नहीं हो रहा है खत्म.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

नौकरी बच गई तो लगता है कि एक बड़ी परेशानी टल गई है... ये हालात आज के जॉब मार्केट की है. किस कर्मचारी को किस वजह से नौकरी से निकाला जा रहा है कोई नहीं जानता. लेकिन जरा सोचिए उस कर्मचारी की हालात जो छंटनी से तो बच गया लेकिन अब उसे काम भी ज्यादा मिल रहा है. वह इस करने से मना भी नहीं कर सकता है क्योंकि फिर नौकरी जाने का खतरा बढ़ जाएगा. 

Advertisement

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें व्यक्ति ने बताया है कि कंपनी में हुई छंटनी में भले ही उसका नाम नहीं था लेकिन इसके बाद से काम का दबाव उसके ऊपर पहले से ज्यादा बढ़ गया है. हालांकि, नौकरी जाने की चिंता से तो राहत मिल गई है, लेकिन काम का प्रेशर मानसिक स्थिति को खराब कर रहा है. अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी IT सेक्टर में छंटनी के बीच अब एक और सवाल सामने आ रहा है कि जिन कर्मचारियों की नौकरी बच रही है, क्या उन्हें अपने साथियों का काम भी संभालना पड़ रहा है? 

दो लोगों की नौकरी गई, बाकी कर्मचारियों को संभालना पड़ा काम

वायरल हो रहे पोस्ट में कर्मचारी ने बताया कि उनकी कंपनी ने खर्च कम करने के लिए दो लोगों को नौकरी से निकाल दिया. इनमें एक स्क्रम मास्टर और दूसरा सीनियर डेवलपर था. दोनों के कंपनी से जाने के बाद उनकी जिम्मेदारियां टीम के दूसरे कर्मचारियों को दे दी गईं. पोस्ट के मुताबिक, स्क्रम मास्टर का काम एक सीनियर कर्मचारी को सौंपा गया, जबकि सीनियर डेवलपर की जिम्मेदारी टेक लीड को संभालनी पड़ी यानी कंपनी से दो लोग कम हो गए, लेकिन उनका काम खत्म नहीं हुआ. अब वही काम उन कर्मचारियों को करना है, जिनके पास पहले से अपनी जिम्मेदारियां थीं.

Advertisement

नौकरी जाने का डर अलग, काम बढ़ने की चिंता अलग

किसी कर्मचारी के लिए नौकरी बच जाना बड़ी राहत की बात हो सकती है. लेकिन अगर इसके बाद काम भी बढ़ जाए, तो परेशानी दूसरी तरह की हो जाती है. एक तरफ अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करनी होती हैं, दूसरी तरफ टीम के उन कामों को भी देखना पड़ता है जिन्हें पहले दूसरे लोग संभालते थे. ऐसे में कर्मचारियों के सामने काम का दबाव बढ़ने का खतरा रहता है. नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता हो, तो अतिरिक्त जिम्मेदारियों पर सवाल उठाना भी आसान नहीं होता. हालांकि, हर कंपनी में स्थिति एक जैसी हो, ऐसा जरूरी नहीं है. इस पोस्ट में 50 फीसदी ज्यादा काम दिए जाने की आशंका भी जताई गई है. लेकिन इसे पूरे IT सेक्टर का आंकड़ा नहीं माना जा सकता. यह कर्मचारी की पोस्ट में सामने आया दावा है.

छंटनी का असर सिर्फ नौकरी गंवाने वालों पर नहीं

जब किसी कंपनी में छंटनी होती है, तो सबसे पहले उन कर्मचारियों की चिंता सामने आती है, जिनकी नौकरी चली जाती है. लेकिन इसके बाद कंपनी में काम कर रहे लोगों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है. टीम छोटी होने के बाद काम का बंटवारा बदल सकता है और पहले से काम कर रहे कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. अगर अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ पर्याप्त समय और संसाधन न मिलें, तो कर्मचारियों के लिए काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि छंटनी को सिर्फ नौकरी जाने की संख्या से समझना काफी नहीं है. यह भी देखना जरूरी है कि इसका असर उन लोगों पर किस तरह पड़ रहा है, जो कंपनी में बने हुए हैं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »