एक वक्त था जब अच्छी नौकरी का मतलब सिर्फ अच्छी सैलरी, नौकरी की सिक्योरिटी और वक्त पर प्रमोशन से होता था. लेकिन काम की दुनिया के बदलते माहौल के साथ नौकरी को लेकर लोगों की उम्मीदें भी बदल रही हैं. जेन जी के लिए ऑफिस सिर्फ कमाई की जगह नहीं है, बल्कि दिन का एक बड़ा हिस्सा यहां बीतता है. इसलिए वे ये भी देखते हैं कि काम के दौरान उन्हें कैसा माहौल मिल रहा है, उनके पास अपनी लाइफ के लिए कितना वक्त बच रहा है और क्या ये नौकरी उन्हें आगे बढ़ने का मौका दे रही है. यानी जेन जी के लिए सवाल सिर्फ 'कितनी सैलरी मिलेगी?' का नहीं, बल्कि 'इस नौकरी में मेरी जिंदगी कैसी रहेगी?' का भी है.
वर्क-लाइफ बैलेंस है जरूरी
जेन जी ऐसी नौकरी चाहती है जहां काम और पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बना रहे. ऑफिस का काम खत्म होने के बाद लगातार कॉल, मैसेज या काम की उम्मीद उन्हें पसंद नहीं आती. उनके लिए ये जरूरी है कि नौकरी उनकी पूरी जिंदगी पर हावी न हो.
सीखने और आगे बढ़ने का मौका
सिर्फ सैलरी बढ़ना ही जेन जी के लिए करियर ग्रोथ नहीं है. वे नई स्किल सीखना, अलग तरह के काम करना और अपने करियर में आगे बढ़ने के मौके चाहती हैं. अगर एक नौकरी में लंबे समय तक सीखने या आगे बढ़ने की गुंजाइश न हो, तो वे दूसरे ऑप्शन्स पर भी विचार कर सकती हैं.
अच्छा वर्क कल्चर
ऑफिस का माहौल भी जेन जी की प्रायररिटीज में शामिल है. रिसपेक्ट के साथ बात करना, मैनेजर और टीम का सपोर्ट मिलना और अपनी बात रखने की आजादी उनके लिए जरूरी है. न कि बस ऑफिस आए काम किया, बॉस ने कुछ कहा तो सुन लिया.
फ्लेक्सिबिलिटी भी मायने रखती है
काम करने के तरीके में थोड़ी आजादी जेन जी को पसंद आती है. हाइब्रिड वर्क, जरूरत के हिसाब से काम करने का टाइम और अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से संभालने की सुविधा नौकरी को ज्यादा अट्रैक्टिव बना सकती है.
काम में पहचान
जेन जी के लिए ये जानना भी जरूरी है कि वे जो काम कर रहे हैं, उसका कोई उद्देश्य है या नहीं. वे ऐसा काम चाहती हैं जहां उनकी राय को तवज्जो मिले और उन्हें सिर्फ एक एम्प्लॉय की तरह नहीं, बल्कि टीम के जरूरी हिस्से के रूप में देखा जाए.
इसलिए जेन जी के लिए जॉब का पैकेज सिर्फ एक हिस्सा है. अच्छा वर्क कल्चर, सीखने के मौके, निजी जिंदगी के लिए टाइम, रिसपेक्ट और करियर ग्रोथ भी नौकरी को लेकर उनकी उम्मीदों में शामिल हैं.
aajtak.in