पार्टी, अच्छा खाना और घूमना... ये करियर करा सकते हैं लाखों की कमाई, 12वीं के बाद कर लें ये कोर्स 

देश में हर साल लाखों छोटी-बड़े कार्यक्रम होते रहते हैं. कभी शादी का फंक्शन होता है, तो वहीं फेस्टिवल और कॉर्पोरेट इवेंट होते हैं. लोगों का झुकाव अब सेल्फ-मैनेज्ड इवेंट से हटकर प्रोफेशनल टीम पर आ गया है. यही वजह है कि इवेंट मैनेजर्स को लाखों के प्रोजेक्ट मिल रहे हैं.

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कैसे बनाए इवेंट मैनेजमेंट में करियर? कैसे बनाए इवेंट मैनेजमेंट में करियर?

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:38 AM IST

अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका है और साथ ही त्योहारों का टाइम आ गया है. घर से लेकर ऑफिस तक अब पार्टियों का दौर शुरू होने वाला है. ऐसे में अगर आप अकेले घर या ऑफिस में पार्टी की तैयारी करते हैं, तो ये आपके लिए आसान नहीं होता है. सजावट, खाना, और गिफ्ट्स की व्यवस्था आप अकेले नहीं कर पाते हैं. इसके लिए लोग इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को हायर करते हैं. आज के समय में ये ऐसा फील्ड बन गया है जहां क्रिएटिविटी और मैनेजमेंट स्किल दोनों का बेहतरीन इस्तेमाल होता है.

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शादी, कॉर्पोरेट इवेंट, बड़े शो, म्यूजिक कॉन्सर्ट और फेस्टिवल जैसी तमाम चीजें बढ़ रही हैं और इन्हें प्रोफेशनल तरीके से संभालने के लिए इवेंट मैनेजर की मांग आसमान छू रही है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में अब लाखों की कमाई करना बिल्कुल मुश्किल नहीं है. इसमें यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इवेंट मैनेजमेंट में केवल एक तरह की नौकरियां नहीं होती हैं. 

12वीं के बाद कर सकते हैं कोर्स 

इवेंट मैनेजमेंट के कोर्स में जाने के लिए कई तरह के कोर्स होते हैं, जिन्हें आप 12वीं के बाद कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू का डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए है. इस डिप्लोमा की न्यूनतम अवधि एक साल और अधिकतम अवधि तीन साल की है. इग्नू की वेबसाइट पर इस कार्यक्रम की फीस करीब 8,200 रुपये दी गई है. इसके अलावा इवेंट मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन या पब्लिक रिलेशन से जुड़े कोर्स भी इस क्षेत्र में करियर बनाने में मदद कर सकते हैं. 

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कौन-कौन से करियर विकल्प हैं?

इवेंट प्लानर

बता दें कि इवेंट प्लानर काम किसी एक कार्यक्रम की पूरी प्लानिंग करने का होता है. क्लाइंट की जरूरतों को समझते हुए वह डेकोरेशन, खाना, थीम, बजट, समय और दूसरी तैयारियों पर फोकस करते हैं. 

इवेंट कोऑर्डिनेटर

इवेंट कोऑर्डिनेटर कार्यक्रम से जुड़े अलग-अलग कामों के बीच तालमेल बनाता है. वेंडर्स, स्टाफ और दूसरी टीमों के साथ समन्वय करना इस काम का अहम हिस्सा होता है. कौन सा काम कब और कौन करेगा, ये तय करना इनका काम होता है.

वेडिंग प्लानर

शादी और डेस्टिनेशन वेडिंग का आयोजन वाला हिस्सा भी इवेंट मैनेजमेंट का ही होता है. वेडिंग प्लानर सजावट, वेंडर, मेहमानों और कार्यक्रम की दूसरी तैयारियों के लिए जाने जाते हैं. 

कॉरपोरेट इवेंट मैनेजर

कंपनियों की मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, प्रोडक्ट लॉन्च और दूसरे प्रोग्राम को मैनेज करने के लिए कॉरपोरेट इवेंट मैनेजर की जरूरत होती है. इस काम में प्लानिंग के साथ बजट और टीम मैनेजमेंट भी शामिल हो सकता है. ऑफिस में किस तरह का थीम चाहिए या क्या-क्या होना चाहिए यह तय करना कॉरपोरेट इवेंट मैनेजर का काम होता है. 

वेन्यू मैनेजर

किसी कार्यक्रम के लिए जगह यानी वेन्यू का मैनेजमेंट भी एक अलग करियर विकल्प है. वेन्यू मैनेजर कार्यक्रम की जगह, सुविधाओं और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालता है. 

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कितनी हो सकती है कमाई?

अब जो सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है, वह ये है कि इवेंट मैनेजमेंट में कमाई कितनी होती है? तो बता दें कि इसके लिए किसी तरह का कोई तय नियम नहीं है. कमाई पद, अनुभव, कंपनी, शहर और काम के हिसाब से बदल सकती है. हालांकि, शुरुआत में करीब 20 से 30 हजार रुपये प्रति माह मिल सकते हैं लेकिन जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है और आपको बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने लगते हैं ये 1 से 5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.

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