बढ़ते ऑटोमेशन के इस्तेमाल से कई बड़ी कंपनियां AI में निवेश कर रही हैं और छंटनी कर रही हैं लेकिन एंथ्रोपिक राइटिंग से जुड़ी नौकरी के लिए 3.25 करोड़ रुपये देने के लिए भी तैयार है. यह इसलिए भी हैरान कर रहा है क्योंकि जो काम इंसान 1 घंटे में करेगा, वह एआई कुछ सेकंड में कर सकता है. इसके बाद भी इस पद के लिए कंपनी इतने पैसे क्यों दे रही है.
AI कुछ सेकंड में एक ईमेल लिख सकता है, कुछ मिनटों में एक ब्लॉग पोस्ट का ड्राफ्ट बना सकता है और कंपनियों को उस स्केल पर कंटेंट बनाने में मदद कर सकता है जिसके लिए पहले पूरी टीम की जरूरत होती थी. ऐसे में कई लेखकों के मन में सवाल है कि अगर मशीनें भी लिखने लगी हैं, तो उनके काम की अहमियत क्या रह जाएगी?
हालांकि, AI बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने इस सवाल के बीच एक खास नौकरी निकाली है. कंपनी इस पद के लिए सालाना 2,95,000 से 3,45,000 डॉलर तक सैलरी दे रही है, जो भारतीय रुपये में करीब 2.5 करोड़ से 3.25 करोड़ रुपये तक बैठती है. लेकिन यह नौकरी सामान्य आर्टिकल लिखने वाले राइटर्स के लिए नहीं है. इसके लिए उम्मीदवार के पास वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करते हुए एग्जीक्यूटिव कम्युनिकेशन के क्षेत्र में कम से कम 8 साल का अनुभव होना चाहिए.
एक AI कंपनी राइटर को इतनी ज्यादा सैलरी क्यों दे रही है?
लेकिन सवाल यह कि जब काम एआई से हो सकता है तो, एंथ्रोपिक इस पद के लिए इतने पैसे क्यों दे रहा है. तो बता दें कि एंथ्रोपिक में इस पद पर काम करने वाले व्यक्ति को कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना होगा. उसे अहम मौकों पर कंपनी की बात लोगों तक पहुंचाने के लिए मैसेज तैयार करने होंगे और मुश्किल मुद्दों को आसान भाषा में समझाना होगा. इसके लिए अच्छी लिखने की क्षमता के साथ सही समय पर सोच-समझकर जवाब देने और रणनीति बनाने की समझ भी जरूरी है.
यह नौकरी वेबसाइट के लिए आर्टिकल या प्रोडक्ट की जानकारी लिखने तक सीमित नहीं है. इसमें ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जो किसी मुद्दे को गहराई से समझ सके. यह सोच सके कि लोगों पर किसी संदेश का क्या असर पड़ेगा और कंपनी के अधिकारियों को यह तय करने में मदद कर सके कि उन्हें क्या और किस तरह कहना चाहिए.
एंथ्रोपिक ही नहीं, OpenAI भी राइटर्स को दे चुका है बड़ा सैलरी ऑफर
एंथ्रोपिक अकेली AI कंपनी नहीं है, जो राइटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़े कामों के लिए लोगों को अच्छी सैलरी दे रही है. सितंबर 2025 में OpenAI ने भी कंटेंट स्ट्रैटेजी से जुड़े एक पद के लिए सालाना करीब 4 लाख डॉलर के पैकेज वाली नौकरी निकाली थी. इस पद पर काम करने वाले व्यक्ति को ChatGPT की ब्रांड पहचान को बेहतर बनाने, कंटेंट तैयार करने और इंजीनियरों व डिजाइनरों के साथ मिलकर काम करने की जिम्मेदारी दी जानी थी.
हालांकि, इन नौकरियों का मतलब यह नहीं है कि राइटिंग के क्षेत्र में हर जगह सैलरी बढ़ रही है. इससे इतना जरूर पता चलता है कि कुछ AI कंपनियां ऐसे अनुभवी लोगों को अहमियत दे रही हैं, जो अच्छा लिखने के साथ रणनीति बनाने, लोगों की जरूरत समझने और मुश्किल बातों को आसान तरीके से समझाने में भी माहिर हों.
AI की वजह से कुछ राइटर्स के हाथ से निकला काम
इस स्टोरी का दूसरा पहलू भी है. जून 2023 में एक कंटेंट राइटर ने बताया था कि ChatGPT के आने के बाद उसके कुछ क्लाइंट्स ने उसे काम देना बंद कर दिया. वह वेबसाइट के लिए कंटेंट और प्रोडक्ट की जानकारी लिखता था. ऐसे काम अब AI टूल्स की मदद से तेजी से तैयार किए जा सकते हैं, जिससे इस तरह के राइटिंग असाइनमेंट पर दबाव बढ़ा है.
एक तरफ अनुभवी कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स को लाखों रुपये की सैलरी वाले ऑफर मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ सामान्य कंटेंट लिखने वाले कुछ फ्रीलांसर्स के लिए काम पाना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि सभी शुरुआती स्तर की राइटिंग नौकरियां खत्म हो रही हैं या हर वरिष्ठ राइटर की नौकरी सुरक्षित है. AI का असर इस बात पर भी निर्भर करता है कि काम किस तरह का है और क्लाइंट उसके लिए कितना भुगतान करना चाहता है.
AI से लिखे कंटेंट को चेक करने की है जरूरत
राइटर का काम केवल कंटेंट तैयार करना नहीं है बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि जानकारी सही है या नहीं, कहीं कोई जरूरी बात छूट तो नहीं गई है और जो कंटेंट लिखा है, वह लोगों के लिए सही है या नहीं. सितंबर 2025 की एक रिपोर्ट में AI से तैयार कंटेंट की गलतियां सुधारने और उसे बेहतर बनाने से जुड़े काम का भी जिक्र किया गया था.
इससे पता चलता है कि AI के लिखे ड्राफ्ट को जांचने और सुधारने के लिए भी लोगों की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, यह मान लेना सही नहीं होगा कि एडिटिंग और फैक्ट-चेकिंग की नौकरियां पूरी तरह सुरक्षित हैं. AI टूल्स इन कामों में भी मदद कर सकते हैं. ऐसे में राइटर्स के लिए सिर्फ ड्राफ्ट लिखना ही नहीं, बल्कि उसमें गलतियां पहचानना, जानकारी की पुष्टि करना और जरूरी संदर्भ जोड़ना भी अहम होता जा रहा है.
नए राइटर्स के लिए क्या है सीख?
एंथ्रोपिक की यह नौकरी सभी राइटर्स के लिए नहीं है. यह सीनियर लेवल का पोस्ट है. जिसके लिए कई साल काम के अनुभव वाले कर्मचारी की जरूरत है. इसलिए इसे देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि राइटिंग में हर किसी को इतनी सैलरी मिल सकती है. जर्नलिज्म, कंटेंट राइटिंग और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन में करियर बनाने वालों के लिए अच्छा लिखने के साथ रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग, विषय की समझ और क्रिटिकल थिंकिंग जैसी स्किल्स भी जरूरी हैं. AI टूल्स का सही इस्तेमाल सीखना भी फायदेमंद हो सकता है.
जो राइटर्स AI की मदद से तेजी से काम करने के साथ जानकारी की जांच, बेहतर संपादन और अपनी मौलिक सोच का इस्तेमाल कर सकते हैं, वे बदलते कामकाजी माहौल के अनुसार खुद को तैयार कर सकते हैं. आखिरकार, AI कंपनियों की बड़ी सैलरी वाली नौकरियां यह साबित नहीं करतीं कि राइटिंग का करियर हर जगह सुरक्षित है. लेकिन वे एक अहम सवाल जरूर उठाती हैं.
जब AI शब्द लिखने का काम तेजी से कर सकता है, तो इंसानी राइटर की सबसे बड़ी ताकत क्या होगी? जवाब सिर्फ अच्छा लिखने में नहीं, बल्कि सही जानकारी चुनने, उसका मतलब समझने और यह तय करने में भी हो सकता है कि पाठकों तक क्या पहुंचना चाहिए.
आजतक एजुकेशन डेस्क