ईरान पर हमले में पहली बार उतरा B-1 बॉम्बर, अमेरिका ने और घातक कर दी जंग

ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने पहली बार B-1 लांसर बॉम्बर का इस्तेमाल किया है. माना जा रहा है कि इससे अमेरिकी सैन्य अभियान और तेज हो सकता है, जबकि ट्रंप अब भी बड़े सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं.

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अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए B-1 बॉम्बर को किया तैनात. (photo: Getty) अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए B-1 बॉम्बर को किया तैनात. (photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को पहली बार B-1 लांसर लॉन्ग-रेंज बॉम्बर का इस्तेमाल करते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर भीषण हमला किया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, 12 दिन पहले जंग दोबारा शुरू होने के बाद ये पहला मौका है जब B-1 लैंसर बॉम्बर को मिशन पर भेजा गया है.

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B-1 बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना का सबसे ताकतवार बमवर्षक और सबसे भारी बम ले जाने वाला विमान है जो कम ऊंचाई पर आवाज की रफ्तार से भी तेज उड़ सकता है. ये बॉम्बर दो दर्जन 2,000 पाउंड के बम या दर्जनों क्रूज मिसाइलें ले जाने में सक्षम है. ऐसे में इसका इस्तेमाल अमेरिकी अभियान के बड़े विस्तार का संकेत माना जा रहा है. ऑनलाइन प्लेन ट्रैकिंग वेबसाइटों पर इस बॉम्बर की यूके एयरबेस से रवानगी दर्ज की गई.

होर्मुज में खींचतान जारी

रिपोर्ट के मुताबिक, B-1 बॉम्बर ने ब्रिटेन स्थित एयरबेस से उड़ान भरी थी. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक बयान में B-1 मिशन का जिक्र नहीं किया. उसने केवल इतना कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट और सैन्य लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता कमजोर की जा सके.

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बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं. अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में लड़ाई और तेज हो सकती है. वहीं ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले जारी रखे तो अमेरिका तेहरान समेत ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है.

ईरान-अमेरिका ने फिर दी एक-दूसरे को धमकी

अमेरिका के व्यापक हमलों के बावजूद ईरानी शासन का रुख ढीला नहीं पड़ा है और उसने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं. ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले जारी रहने पर तेहरान के पुलों और पावर प्लांटों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी है, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की धमकी दी है.

हूतियों ने रेड सी में शुरू किए हमले

उधर, ईरान के उकसावे पर यमन के हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब के बंदरगाहों पर नाकाबंदी का ऐलान कर सऊदी जहाजों पर पहला हमला कर दिया है. इस नए मोर्चे के खुलने और बाब अल-मंदेब में हमलों के डर से कई कमर्शियल जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है.

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होर्मुज खोलने को बातचीत जारी

इस बीच कतर और ओमान की मध्यस्थता से होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और युद्ध रोकने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है.क्योंकि ईरानी नेतृत्व ने नए प्रस्ताव को अभी स्वीकार नहीं किया है. जॉर्जिया में एक भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान भारी मार झेल रहा है और बहुत जल्द समझौते के लिए तैयार हो जाएगा.

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