रूस ने यूक्रेन पर 60 से ज्यादा मिसाइलों से किया डबल टैप अटैक, कीव में भारी तबाही

रूस ने यूक्रेन के कीव, खारकीव और निप्रो जैसे कई शहरों पर 60 से अधिक घातक मिसाइलों से भीषण हमला किया है. इस हमले में रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं. कई लोग मारे गए.

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यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार मिसाइलों से हमला किया गया. (Photo: AFP) यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार मिसाइलों से हमला किया गया. (Photo: AFP)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:50 AM IST

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर बेहद भयानक रूप ले लिया है. रूस ने यूक्रेन के कई बड़े शहरों पर अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है. इस हमले की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूक्रेन की राजधानी कीव सहित खारकीव, ज़ापोरिझिया, निप्रो और कामियांस्के जैसे प्रमुख शहर धमाकों से दहल उठे हैं. रात भर चले इस भारी हमले में न केवल सैन्य ठिकानों को बल्कि रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है. 

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कीव के आसमान में नॉन-स्टॉप धमाकों के साथ अजीब और डरावनी चमकीली रोशनी देखी गई. हमले के तुरंत बाद स्टारोकोस्तियानटिनिव एयर बेस से भी आग लगने की खबरें आईं, जिसने पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है और यह हमला ठीक उसी का नतीजा है.

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खतरनाक हथियारों और मिसाइलों का घातक कॉम्बिनेशन

इस हमले को अंजाम देने के लिए रूस ने अपने सबसे आधुनिक और विनाशकारी हथियारों के जखीरे का इस्तेमाल किया है. इस हमले में रूस की घातक इस्कंदर-एम (Iskander-M) बैलिस्टिक मिसाइलें, टॉरनैडो-एस (Tornado-S) मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, जिरकॉन (Zircon) हाइपरसोनिक मिसाइल और एस-300/400 (S-300/400) एयर डिफेंस मिसाइलें शामिल थीं. 

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यूक्रेन पर कुल मिलाकर 60 से अधिक क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को रोकने की पूरी कोशिश की, जिसके कारण कीव को बहुत लंबे समय के बाद इतनी बड़ी संख्या में अपने पैट्रियट इंटरसेप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा. आसमान में रूसी मिसाइलों और यूक्रेनी डिफेंस सिस्टम के बीच हुई इस जंग की वजह से राजधानी में लगातार भीषण विस्फोटों की आवाजें गूंजती रहीं.

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कीव में तबाही: रिहायशी इमारतें जमींदोज  

रूस ने इस बार सीधे तौर पर आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है. कीव के पोडिल्स्की जिले में एक बहुमंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक पूरी तरह से ढह गया. कीव के मेयर के मुताबिक, रूस ने यहां डबल टैप (Double Tap) तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें एक ही जगह पर थोड़ी देर के अंतराल में दो बार हमला किया जाता है ताकि बचाव दल भी इसकी चपेट में आ जाए.

इस मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसके अलावा, शेवचेंकिव्स्की (Shevchenkivskyi) जिले में एक 24-मंजिला आवासीय इमारत पर मिसाइल गिरने से भीषण आग लग गई, जबकि पोडिल में एक अन्य नौ-मंजिला इमारत की छत पर मिसाइल का मलबा गिरने से आग भड़क उठी.

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जान-माल का नुकसान और मेट्रो स्टेशनों में कैद जिंदगी

इस विनाशकारी हमले ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को हिलाकर रख दिया है. अकेले कीव में कम से कम 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. शहर के तीन बड़े जिलों की बिजली पूरी तरह से गुल हो गई है. यूक्रेन के अन्य हिस्सों में हुए हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए.

हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कीव के हजारों नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए पूरी रात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी. इस समय मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना ही प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.  

रूस की पहले से तय रणनीति और विदेशी नागरिकों को चेतावनी

यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि रूस ने इसके लिए बाकायदा पहले से ही जमीन तैयार कर ली थी. पिछले हफ्ते ही रूस ने खुले तौर पर चेतावनी दी थी कि वह कीव पर योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से बड़े हमले शुरू करने जा रहा है. रूस ने यहां तक कि विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को जल्द से जल्द कीव छोड़ने की सलाह भी दी थी.

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राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी सोमवार को देश को आगाह किया था कि रूस एक बड़े हमले की तैयारी कर चुका है. रिहायशी इलाकों पर हुआ यह क्रूर हमला दिखाता है कि युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां आम नागरिक इस टकराव की सबसे भारी कीमत चुका रहे हैं.

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