ब्रह्मोस से पाकिस्तान की हवा टाइट, PAK अधिकारी ने फिर भारत पर लगाए बेतुके आरोप

पाकिस्तान के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और न्यूक्लियर एडवाइजर मजर जमील ने भारत पर TTP और BLA जैसे संगठनों को समर्थन देने का बेतुका आरोप लगाया है. लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी कई दावे किए, जिनमें ब्रह्मोस मिसाइल को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताया.

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पाकिस्तान में ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी तबाही मचाई थी. (Photo- ITG) पाकिस्तान में ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी तबाही मचाई थी. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

पाकिस्तान अपनी करतूतों पर नजर डालने के बजाय भारत पर बेतुके आरोप लगाने से बाज नहीं आता. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के हमलों से हुए नुकसान को भुलाकर अब पाकिस्तान के न्यूक्लियर एडवाइजर भारत पर आतंकवाद फैलाने के आरोप लगा रहे हैं. पाकिस्तान के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल मजर जमील ने दावा किया है कि भारत तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन देता है. उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की नीति का हवाला देते हुए भी भारत पर पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने का बेतुका आरोप लगाया.

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लंदन में 13 अक्टूबर को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जमील ने भारत पर कई आरोप लगाए. अपने बयानों में आरोप तो लगाए लेकिन भारतीय हथियारों की ताकत भी समझी. मसलन, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताया.

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भारत पर आतंकवाद फैलाने का बेतुका आरोप

पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार मजर जमील ने दावा किया कि भारत आतंकवाद को अपनी नीति के औजार के तौर पर इस्तेमाल करता है. उन्होंने 1971 में मुक्ति वाहिनी को भारत के समर्थन, 1980 के दशक में लिट्टे और अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के दौरान अफगान-पाक सीमा पर भारतीय वाणिज्य दूतावासों का जिक्र किया.

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हालांकि, इन ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए जमील ने अपने मौजूदा आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश नहीं किए. पाकिस्तान की तरफ से भारत पर बेतुका आरोप लगाने का यह तरीका नया नहीं है, लेकिन गंभीर सुरक्षा मुद्दों पर दावे तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही परखे जाने चाहिए.

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी किए दावे

जमील ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने दक्षिण एशिया को परमाणु तबाही के कगार पर पहुंचा दिया था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रणनीतिक संयम की वजह से हालात संभले. हालांकि, उन्होंने यह सच्चाई नहीं बताई कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की कितनी पिटाई हुई थी. यह सच्चाई भी नहीं बताई कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को हमले रोकने की गुहार लगाई थी. मसलन, यह दावा ऐसे देश के अधिकारी की ओर से आया है, जिसे खुद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ा था.

पाकिस्तानी अधिकारी ने ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर भी आरोप लगाया कि भारत ने पाकिस्तान पर जानबूझकर हमला किया था. इसके लिए उन्होंने मार्च 2022 में हुई उस घटना का हवाला दिया, जब भारतीय वायुसेना की एक ब्रह्मोस मिसाइल गलती से लॉन्च हो गई थी और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानवाल जिले में गिरी थी.

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भारत की परमाणु नीति पर भी सवाल

पाकिस्तानी सलाहकार ने भारत की नो फर्स्ट यूज नीति को भी दिखावा बताया. भारत की सार्वजनिक परमाणु नीति का मसौदा 1999 में जारी किया गया था, जिसमें पहले परमाणु हमला नहीं करने, विश्वसनीय न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध और हमले के जवाब में ही परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की नीति पर जोर दिया गया था.

जमील ने भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की एक किताब का हवाला देकर दावा किया कि भारत की परमाणु नीति में पहले हमला करने की गुंजाइश है. हालांकि, परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल और दुश्मन के परमाणु हथियारों को निष्क्रिय करने के लिए संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा करना दो अलग-अलग बातें हैं. इन्हें एक ही अर्थ में पेश करना भ्रामक हो सकता है.

पाकिस्तान के अपने परमाणु ढांचे पर भी सवाल

मजर जमील 2015 से 2017 तक पाकिस्तान की स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन के प्रमुख रह चुके हैं. यह इकाई पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से जुड़े मामलों को संभालती थी. जिस नेशनल कमांड अथॉरिटी के वह सलाहकार हैं, उसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करते हैं. हालांकि, पिछले साल नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के गठन के बाद पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का संचालन सैन्य नेतृत्व यानी आसिम मुनीर के नियंत्रण में आ गया. 

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