समुद्र में उतारे परमाणु मिसाइल वाले डिस्ट्रॉयर, अमेरिका-साउथ कोरिया को किम की वार्निंग

किम जोंग उन ने वोंसान में कांग कोन नाम का दूसरा न्यूक्लियर मिसाइल सक्षम डिस्ट्रॉयर नौसेना में शामिल किया और इसे जवाबी न्यूक्लियर व्यवस्था का हिस्सा बताया. यह कदम तब आया है जब अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने जेजू द्वीप के पास 5 दिन की फ्रीडम एज ड्रिल शुरू की है, जिसे प्योंगयांग सुरक्षा खतरा मानता है.

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किम जोंग उन ने जून में डिस्ट्रॉयर को नेवी में शामिल किया था. (Photo- ITG) किम जोंग उन ने जून में डिस्ट्रॉयर को नेवी में शामिल किया था. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:20 AM IST

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नौसेना में अपने दूसरे डिस्ट्रॉयर को शामिल किया है. सरकारी मीडिया ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. 5 हजार टन के इस युद्धपोत का नाम 'कांग गॉन' है और इसे रविवार को पूर्वी बंदरगाह शहर वॉनसान में एक समारोह के दौरान नौसेना में शामिल किया गया. इस मौके पर किम जोंग उन के साथ उनकी किशोर बेटी भी मौजूद थी, जिसे दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी उनका संभावित उत्तराधिकारी मानती है.

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किम ने इस मौके पर ज्यादा भरोसेमंद परमाणु प्रतिरोधक क्षमता तैयार करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि लगातार दो डिस्ट्रॉयर को नौसेना में शामिल किए जाने से दुश्मनों की चिंता बढ़ेगी. किम के मुताबिक, नौसेना का परमाणु हथियारों से लैस होना परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के ज्यादा व्यावहारिक और अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल की संभावना पैदा करता है.

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'चोए ह्योन' डिस्ट्रॉयर को जून में शामिल किया गया

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया की तस्वीरों में किम की बेटी उनके साथ लाल कालीन पर चलती, युद्धपोत का दौरा करती और नौसैनिकों के साथ तस्वीर खिंचवाती नजर आई. कांग गॉन और जून में नौसेना में शामिल किया गया 'चोए ह्योन' दोनों करीब 5 हजार टन के डिस्ट्रॉयर हैं. इन्हें परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों से लैस बताया गया है. उत्तर कोरिया के लिए ये अब तक के सबसे आधुनिक युद्धपोत हैं.

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अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान की सैन्य ड्रिल

इसी बीच अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान सोमवार से पांच दिवसीय 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास शुरू करने वाले हैं. यह अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी जेजू द्वीप के पास समुद्री क्षेत्र में होगा.

दक्षिण कोरिया ने इसे रक्षात्मक अभ्यास बताया है, जिसका मकसद उत्तर कोरिया की परमाणु धमकियों से निपटना है. उत्तर कोरिया पहले ही इस अभ्यास और अमेरिका की ओर से उसके पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता को लेकर नाराजगी जता चुका है.

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ट्रंप की पहल भी नहीं आई काम

21 अगस्त को अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास तय समय से छह दिन पहले खत्म कर दिया था. डोनाल्ड ट्रंप ने इसे काफी कम करने का आदेश दिया था और किम के साथ अच्छे रिश्तों का हवाला दिया था. हालांकि, किम यो जोंग ने कहा कि सिर्फ अभ्यास की अवधि कम करने से उसका उकसावे वाला और आक्रामक स्वरूप नहीं बदलेगा.

इसके बाद उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. किम पहले कह चुके हैं कि अमेरिका अपनी 'शत्रुतापूर्ण नीति' छोड़ दे तो वह बातचीत के लिए लौट सकते हैं.

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