फ्रांसीसी जेट, ड्रोन और इजरायली-रूसी मिसाइलें... ईरान जंग के बीच भारत बढ़ा रहा हवाई ताकत

भारत ईरान संघर्ष के बीच अपनी वायु रक्षा मजबूत कर रहा है. रूस से 5 अतिरिक्त S-400 सुदर्शन स्क्वॉड्रन खरीदने की योजना है, जो ऑपरेशन सिंदूर में सफल रहे. फ्रांस से SCALP क्रूज मिसाइल, राफेल के लिए मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइल और इजरायल से बाराक-8 जैसी मिसाइलें खरीदने की तैयारी है. स्वदेशी अकाश, QR-SAM के साथ मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम बन रहा है.

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ये है रूस का पैंटसिर मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जिसपर भारत विचार कर रहा है. (Photo: ITG) ये है रूस का पैंटसिर मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जिसपर भारत विचार कर रहा है. (Photo: ITG)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी हवाई रक्षा को बहुत मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है. हाल ही में भारत ने रूस से S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की पांच और स्क्वाड्रन खरीदने की योजना बनाई है.  

भारत ने पहले 2018 में रूस से पांच स्क्वाड्रन S-400 खरीदे थे, जिनमें से तीन डिलीवर हो चुके हैं. बाकी दो 2026-2027 तक आएंगे. अब पांच अतिरिक्त स्क्वॉड्रन खरीदकर भारत अपनी लंबी दूरी की हवाई रक्षा को दोगुना करना चाहता है. ये सिस्टम पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर तैनात किए जाएंगे.

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S-400 सिस्टम की ताकत और ऑपरेशन सिंदूर में सफलता

S-400 सुदर्शन सिस्टम दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है. यह 400 किलोमीटर तक दुश्मन के विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिरा सकता है. पिछले साल मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने कमाल दिखाया था.  

इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया. S-400 ने कई PAK लड़ाकू विमान और ड्रोन को मार गिराया. यह सिस्टम अब भारत की हवाई रक्षा का गेम-चेंजर बन चुका है. चीन के HQ-9 जैसे सिस्टम ईरान-इजरायल संघर्ष में फेल हो रहे हैं, लेकिन S-400 की सफलता से भारत और ज्यादा भरोसा कर रहा है.

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फ्रांस से SCALP क्रूज मिसाइल की बड़ी डील

भारत फ्रांस से SCALP लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल की बड़ी संख्या में खरीदने की तैयारी कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना ने राफेल लड़ाकू विमानों से SCALP और ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को पूरी तरह नष्ट किया. 

ये हमले बहुत सटीक थे. मुरिदके व बहावलपुर जैसे इलाकों में लक्ष्य ध्वस्त हो गए. अब भारतीय वायु सेना और नौसेना के लिए अतिरिक्त SCALP मिसाइलों की डील चल रही है, जिसकी कीमत लगभग 300 मिलियन यूरो बताई जा रही है. यह डील भारत की स्टैंड-ऑफ अटैक क्षमता को बहुत बढ़ाएगी.

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मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइल और अन्य खरीद

भारतीय वायु सेना अपने राफेल फ्लीट के लिए बहुत सारी मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइलें ऑर्डर करने की प्रक्रिया में है. मेटियोर बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल है जो 150 किलोमीटर से ज्यादा दूर दुश्मन के विमान को मार सकती है. यह मिसाइल नौसेना के 26 राफेल मरीन फाइटर जेट्स में भी लगाई जाएगी, जो अगले 3-4 साल में आएंगे.

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इसके अलावा भारत इजरायल से बराक-8, रूस से पैंटसिर (ड्रोन रोधी) और RVV-BD मिसाइलें, तथा स्वदेशी अकाश और QR-SAM सिस्टम को मजबूत कर रहा है. भारत S-500 सिस्टम की भी संभावना तलाश रहा है जो हाइपरसोनिक मिसाइल और स्टेल्थ विमान रोक सकता है.

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ईरान संघर्ष से सीख और भारत की रणनीति

ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष में ड्रोन और मिसाइल हमलों से हवाई रक्षा की कमजोरी साफ दिखी है. कई देशों के महंगे इंटरसेप्टर खत्म हो गए. सस्ते ड्रोन से हमले जारी रहे. भारत इस से सबक ले रहा है. मल्टी-लेयर एयर डिफेंस बना रहा है. स्वदेशी सिस्टम के साथ आयातित उन्नत मिसाइलें मिलाकर भारत अपनी सीमाओं, शहरों और सैन्य ठिकानों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. यह कदम क्षेत्रीय खतरे जैसे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत रक्षा बनाता है. 

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