बस एक गलती और... PAK के खिलाफ ग्राउंड एक्शन को तैयार थी सेना, आर्मी चीफ ने ऑपरेशन सिंदूर पर किया ये खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर के तनाव के क्षणों को याद करते हुए आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि इस दौरान इंडियन आर्मी ग्राउंड एक्शन के लिए तैयार थी. अगर पाकिस्तान थोड़ी सी भी गलती करता तो भारत ने पाकिस्तान में जमीनी एक्शन का प्लान बना रखा था.

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जम्मू में इंडियन आर्मी का ऑपरेशन ( File Photo Photo: PTI) जम्मू में इंडियन आर्मी का ऑपरेशन ( File Photo Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

भारत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की किसी भी गलत हरकत का जवाब देने के लिए जमीनी कार्रवाई के लिए तैयार था. भारत के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अगर उन 88 घंटों में पाकिस्तान कोई भी गलती करता तो हम ज़मीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे. 

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने देखा होगा कि पारंपरिक दायरे को बढ़ाने के लिए सेना की तैयारी ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार थे. 

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आर्मी चीफ ने कहा कि पहले के आकलन से ऐसा लगता था कि परंपरागत ऑपरेशन के लिए जगह कम हो रही है और अगर लड़ाई होती है तो ये सब-कन्वेंशनल से तेजी से न्यूक्लियर लेवल तक पहुंच सकते हैं. हालांकि,ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के जवाब ने ज़मीन पर एक अलग सच्चाई दिखाई.

आर्मी चीफ ने कहा कि, "इस बार हमने जो कार्रवाई की - खासकर जम्मू-कश्मीर में जिस तरह की फायरिंग हुई और हमने जिस तरह से उसका जवाब दिया - उससे पता चलता है कि हमने पारंपरिक दायरे को बढ़ाया है." उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने लगभग 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया.

आर्मी चीफ ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमने 22 मिनट के ऑपरेशन में स्ट्रैटेजी को रिसेट कर दिया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब उसी तरह से दिया जाएगा. 

100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान कैजुअलिटी के बारे में बताते हुए आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "मुझे याद है, करीब 13 या 14 अगस्त को उन्होंने (पाकिस्तान) गलती से लगभग 150 लोगों की एक लिस्ट जारी की थी, जिसका हमने एनालिसिस किया, और फिर उन्होंने उसे वापस ले लिया. हमारे आकलन के अनुसार, उनमें से लगभग 100 लोग लाइन ऑफ कंट्रोल या IB J&K सेक्टर में फायरिंग में मारे गए थे. जहां तक ​​फोर्स स्ट्रक्चर की बात है, मैं आपको बस इतना बताना चाहूंगा कि ड्रोन पहले से ही एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद, इस पहलू को काफी तेज़ी मिली है. 

आर्मी चीफ ने ड्रोन वारफेयर के बारे में कहा कि हम पहले से ही इस संगठन पर नजर रख रहे थे. हमने इसे रेगिस्तानी इलाके, ऊंचे पहाड़ी इलाकों में वैलिडेट किया था. लेकिन क्योंकि ऑपरेशन चल रहा था, इसलिए हमें इसे जल्दी से जल्दी कमीशन करना पड़ा। इसे ध्यान में रखते हुए, हमने क्या कार्रवाई की? अगर हम इन्फेंट्री बटालियन से शुरू करें, अगर आप ड्रोन का एक्टिव रूप से इस्तेमाल करना चाहते हैं, सर्विलांस के लिए, फोर्स एप्लीकेशन के लिए, एंटी-रेडिएशन के लिए, जैमिंग के लिए, लॉइटरिंग म्यूनिशंस के लिए, तो हमें बहुत कुशल ऑपरेटरों की ज़रूरत है, और इसके लिए हमें इंटीग्रेशन की ज़रूरत है. पहला संगठन जो हमने स्थापित किया वह एक इन्फेंट्री बटालियन थी, जिसके अंदर हमने अश्विनी प्लाटून बनाई, जिसमें ऐसे स्पेशलिस्ट शामिल हैं जिन्हें शामिल होने के लिए एक निश्चित लेवल की क्वालिफिकेशन हासिल करनी होती है.  इसी तरह, हमने भैरव लाइट कमांडो बटालियन स्थापित की है, और आज की तारीख में, हमने 13 भैरव बटालियन बनाई हैं. 

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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को 15 जनवरी को होने वाले सेना दिवस समारोह से पहले नई दिल्ली में सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने भारतीय सेना के प्रमुख विकास, प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला.  उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी.

जो देश तैयार रहते हैं वही जीतते हैं

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले पर भारत की मजबूत प्रतिक्रिया दुनिया की मौजूदा सच्चाई का एक उदाहरण है कि "जो देश तैयार रहते हैं, वे ही जीतते हैं."

भारत को मिसाइल फोर्स की जरूरत

आर्मी चीफ द्विवेदी ने कहा कि हमें मिसाइल फोर्स की जरूरत है. आज आप देखेंगे कि रॉकेट और मिसाइलें एक-दूसरे से जुड़ गई हैं क्योंकि अगर हम कोई असर डालना चाहते हैं, तो रॉकेट और मिसाइलें दोनों ही ऐसा कर सकती हैं. हम एक रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाने की सोच रहे हैं क्योंकि, जैसा कि आप जानते हैं, पाकिस्तान ने एक रॉकेट फोर्स बनाई है, और चीन ने भी ऐसी ही एक फोर्स बनाई है. यह समय की जरूरत है कि हम भी ऐसी ही एक फोर्स बनाएं. हमने 120 किमी की रेंज वाले पिनाका सिस्टम का टेस्ट किया है. हमने कई और कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किए हैं जो 150 किमी तक की रेंज का पता लगाएंगे और बाद में हम देखेंगे कि यह 300-450 किमी की रेंज तक पहुंच जाएगा. आपने प्रलय और ब्रह्मोस के बारे में भी सुना होगा.

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पहलगाम हमले के जवाब में था ऑपरेशन सिंदूर 

भारत ने पिछले साल 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें 25 टूरिस्ट और एक पोनी ऑपरेटर मारे गए थे. मिलिट्री हमलों में पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) के अंदर गहरे आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए.

पाकिस्तान ने मिलिट्री और नागरिक ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने ज़ोरदार पलटवार किया, जिससे इस्लामाबाद को 10 मई को सीज़फायर समझौते के लिए नई दिल्ली से संपर्क करना पड़ा.

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