भारतीय वायु सेना के लिए मध्यम भूमिका वाले लड़ाकू विमान कार्यक्रम में बड़ी प्रगति हुई है. फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने राफेल जेट्स पर स्वदेशी भारतीय हथियारों और प्रणालियों के लगाने की सहमति दे दी है.
रक्षा सूत्रों के अनुसार कंपनी अस्त्र मार्क-1 और मार्क-2 बीवीआर मिसाइल, स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन, रुद्रम एंटी-रेडिएशन मिसाइल और अन्य DRDO विकसित हथियारों व इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट को राफेल प्लेटफॉर्म पर लगाने के लिए तैयार है. इससे पहले सोर्स कोड संबंधी चिंताओं के कारण यह मांग अटक रही थी.
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यह सहमति महंगे फ्रांसीसी हथियारों जैसे मीटियर और स्कैलप पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी. भारतीय वायु सेना को अपने हथियार सिस्टम इस्तेमाल करने की आजादी मिलेगी, जिससे लागत घटेगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी. प्रस्तावित 114 राफेल जेट्स का सौदा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित है.
यह सौदा वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत यानी मार्च 2027 तक या 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. बातचीत में कीमत, 50 से 60 प्रतिशत मेक इन इंडिया सामग्री, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत में MRO सुविधा स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा चल रही है.
उत्पादन और मौजूदा बेड़े का विस्तार
अगर सौदा होता है तो ये 114 जेट्स भारत में ही बड़े पैमाने पर बनाए जाएंगे. डसॉल्ट किसी निजी भारतीय साझेदार के साथ संयुक्त उद्यम के जरिए पूरी उत्पादन लाइन स्थापित करेगा. भारतीय वायु सेना के पास पहले से 36 राफेल हैं जो 2020-22 में शामिल हुए. अप्रैल 2025 में नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन जेट्स भी मंजूर हो चुके हैं, जो आईएनएस विक्रांत पर तैनात होंगे और उनकी कीमत 7.4 अरब डॉलर है. नए 114 जेट्स इनके अतिरिक्त होंगे.
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भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन की संख्या घटकर 29 रह गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है. मिग-21 पूरी तरह रिटायर हो चुके हैं. ऐसे में एमआरएफए कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल पर भारतीय हथियारों के इस्तेमाल के अनुभव और पेरिस से सरकारी स्तर पर दबाव ने डसॉल्ट को इस सहमति के लिए प्रेरित किया.
यह समझौता न केवल सैन्य क्षमता बढ़ाएगा बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी मजबूत करेगा. कुल मिलाकर यह विकास भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी दोनों को मजबूत संकेत देता है. सफल बातचीत से वायु सेना की लड़ाकू क्षमता में उल्लेखनीय सुधार संभव है.
मंजीत नेगी