लव मैरिज, बच्चा और फिर हत्या... स्वीटी पटेल केस में पूर्व इंस्पेक्टर को उम्रकैद

गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में कोर्ट ने स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अजय देसाई को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है.

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स्वीटी पटेल हत्याकांड स्वीटी पटेल हत्याकांड

ब्रिजेश दोशी

  • वडोदरा,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में करजन कोर्ट ने मृतक स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अजय देसाई को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है. वहीं, हत्या की साज़िश रचने और सबूत मिटाने में मदद के आरोप में सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को भी कोर्ट ने 5 साल की जेल की सज़ा सुनाई है. 

क्या था मामला

37 वर्षीय स्वीटी पटेल आणंद जिले के उमरेठ तालुका के पंसोरा गांव की निवासी थी. स्वीटी ने अपने गांव के ही निवासी हेतस पांड्या से लव मैरिज की थी. इस शादी से उन्हें दो बेटे हुए. लेकिन साल 2014 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था. इसके बाद साल 2015 में स्वीटी की मुलाकात PSI अजय देसाई से होती है. इन दोनों को प्यार हुआ और 2016 में इन्होंने रूपाल के एक मंदिर में गंधर्व विवाह कर लिया.  

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साल 2019 में स्वीटी को इस शादी से एक बेटा हुआ. वहीं अजय देसाई ने 2017 में अपने समाज की एक दूसरी युवती से कानूनी तौर पर शादी कर ली थी, जिसके कारण अक्सर स्वीटी और अजय देसाई में लड़ाई होती थी. स्वीटी चाहती थी कि अजय उसकी और अपनी शादी को सार्वजनिक करे. इसी को लेकर दोनों के बीच तनाव था और यही तनाव हत्या की वजह बन गया.

4 जून 2021 की आधी रात को करजन स्थित प्रयोशा सोसाइटी में अजय देसाई और स्वीटी के बीच बहुत बहस हुई. बहस के बाद अजय देसाई ने स्वीटी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के अगले ही दिन उसने स्वीटी के शव को चादर में लपेटा और जीप में रख कर भरूच पहुंच गया. भरूच जिले के दहेज के पास अटाली इलाके में उसने शव को जला दिया. 

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5 जून 2021 यानी घटना के अगले दिन, पुलिस को स्वीटी पटेल के लापता होने की सूचना दी गई. शुरुआत में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और ATS की जांच के दौरान 49 दिनों बाद इस हत्याकांड का खुलासा हुआ. जांच के दौरान उनके घर में खून के धब्बे पाए. साथ ही, जहां शव को जलाया गया था, वहां से हड्डियों के अवशेष, दांत और गहने बरामद हुए. इसके अलावा, मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों ने भी इस मामले को और मजबूत बना दिया.

इस जांच में कांग्रेस नेता किरीटसिंह जडेजा का नाम भी सामने आया. उनपर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मदद करने का आरोप है. 

बाद में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले में करजन कोर्ट में 1290 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान, फॉरेंसिक सबूत, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजी सबूत पेश किए गए थे. लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर पूर्व PI अजय देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं, सह आरोपी किरीटसिंह जडेजा को पांच साद की कैद सुनाई गई है.

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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताते हुए मुख्य आरोपी अजय देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट का कहना है कि अजय देसाई ने पुलिस अधिकारी होने के बावजूद एक बंद घर के अंदर अपनी पत्नी की हत्या की. 

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