कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक और गिरफ्तार, नागपुर ATS ने पकड़ा

कमलेश तिवारी हत्याकांड के 1 दिन बाद नागपुर से हिरासत में लिए गए सैयद असीम अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. नागपुर एटीएस ने सैयद असीम अली को गिरफ्तार कर लिया. यूपी पुलिस ने सैयद को ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है. 

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कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक और गिरफ्तारी

अरविंद ओझा

  • नागपुर,
  • 21 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST

  • मुंबई में बिजनेस करने वाले प्रदीप को हिरासत में लिया गया
  • हत्या के आरोपियों की सूचना पर 2.5 लाख रुपये का इनाम
  • संदिग्ध अशफाक ने FB फर्जी अकाउंट के जरिए की दोस्ती

हिंदू समाज के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के 1 दिन बाद नागपुर से हिरासत में लिए गए सैयद असीम अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. नागपुर एटीएस ने सैयद असीम अली को गिरफ्तार किया. सैयद को यूपी पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. इस मामले में अब कुल चार गिरफ्तारी हो चुकी है.

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सूत्रों के मुताबिक सैयद असीम अली कमलेश तिवारी हत्याकांड के मास्टरमाइंड राशिद से लगातार संपर्क में था. हत्या के बाद भी हत्यारों ने सैयद असीम अली को फोन किया था. सूत्रों के मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या में सैयद की भी भूमिका मानी जा रही है. यूपी पुलिस अब सैयद और सूरत से गिरफ्तार 3 आरोपियों के आमने-सामने बैठा कर पूछताछ करेगी.

कमलेश तिवारी मर्डर केस का एक आरोपी (फोटो-अरविंद)

गुजरात से आए थे हत्यारे

इससे पहले लखनऊ में में उत्तर प्रदेश की पुलिस भले ही अभी असली हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी हो, लेकिन हत्या के तार गुजरात के बाद अब कानपुर देहात से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं.

हालांकि माना जा रहा है कि कमलेश तिवारी के हत्यारे गुजरात से आए जरूर थे, लेकिन उनकी कार्यशैली से लगता है कि वे जानबूझकर यूपी के कई जिलों से जुड़े रहे.

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STF ने प्रदीप को हिरासत में लिया

हत्यारों ने यूपी के किसी जिले से सिम खरीदा तो किसी जिले में सिर्फ घूमने पहुंच गए. इसी तरह कानपुर देहात के रूरा के रहने वाले प्रदीप सिंह यादव का नाम भी हत्यारों से संबंध में जुड़ गया. हालांकि कानपुर देहात के प्रदीप का हत्यारों से कैसे संबंध थे, इसका अभी खुलसा नहीं हुआ है.

प्रदीप मुंबई में बिजनेस करता है, उसको दो दिन पहले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम रूरा से रात में उसके घर से उठा ले गई और उससे पूछताछ की जा रही है. उसका हत्यारों से क्या लिंक निकला अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है.

प्रदीप के फोन का इस्तेमाल

एसटीएफ के सूत्रों से जानकारी मिली कि हत्यारों ने प्रदीप से ट्रेन में दोस्ती करके उसका फोन इस्तेमाल किया था. प्रदीप की बहन से जब इस बारे में बातचीत की गई कि उसके भाई को एसटीएफ की टीम कब और कैसे ले गई तो उन्होंने बताया कि दो दिन पहले कुछ लोग सादे वर्दी में आए और प्रदीप को उठाकर ले गए. उन्होंने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी थी कि वह प्रदीप को कहां लेकर जा रहे हैं.

प्रदीप की बहन के अनुसार, उनका भाई प्रदीप मुंबई में रहता है और बड़े भाई के साथ बिजनेस करता है. सादे वर्दी में आए लोग प्रदीप को घर से ले गए इस बात की सूचना रूरा थाने में दे दी गई है. उन्होंने कहा कि मेरे भाई की जो जांच करना हो कर लें. हालांकि कानपुर देहात पुलिस इस पर कुछ नहीं बता रही है.

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2.5-2.5 लाख रुपये का इनाम

इस बीच उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने सोमवार को कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी दो संदिग्धों पर 2.5-2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है.

बता दें कि . डीजीपी ने कहा कि दोनों हत्यारों के ठिकानों की सूचना देने पर इनाम दिया जाएगा.

पुलिस ने दोनों हत्यारों की पहचान अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान के रूप में की है, जो हत्या करने से एक दिन पहले लखनऊ के एक होटल में ठहरे थे. वह हिंदू समाज के नेता कमलेश तिवारी की हत्या करने के एक घंटे के अंदर ही होटल से फरार हो गए थे. होटल के कमरे में खून से सना भगवा कुर्ता समेत अन्य चीजें बरामद हुईं.

फर्जी अकाउंट से दोस्ती

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उनके गुजरात के समकक्षों ने पाया कि हमलावारों में से एक की पहचान अशफाक हुसैन के रूप में हुई है, उसने 'रोहित सोलंकी' के नाम से अकांउट बनाया और तिवारी से दोस्त बना.

कमलेश तिवारी ने सोलंकी से 18 अक्टूबर को मिलने की सहमति जताई थी. 18 अक्टूबर को तिवारी की हत्या हुई. हुसैन और मोइनुद्दीन पठान की मुख्य हमलावरों के रूप में पहचान की गई है. उनकी पहचान की पुष्टि जिस होटल में वे ठहरे थे उसके के जरिए की गई है और पुलिस ने उनके कमरे से खून के धब्बों वाला कपड़ा तथा एक तौलिया बरामद किया है. (इनपुट-आईएएनएस)

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