पूछताछ से ठीक पहले विपश्यना को अटैक, अस्पताल में भर्ती, हनीप्रीत से पूछताछ जारी

सिरसा के डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना पूछताछ के लिए एसआईटी के सामने नहीं पहुंच सकी. अस्थमा अटैक के बाद विपश्यना को एमएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गुरुवार को क्राइम ब्रांच हनीप्रीत और विपश्यना को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करने वाली थी. लेकिन अब हनीप्रीत से पूछताछ की जा रही है.

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 हनीप्रीत और विपश्यना (दाएं) हनीप्रीत और विपश्यना (दाएं)

मुकेश कुमार / मनजीत सहगल / परवेज़ सागर

  • चंडीगढ़,
  • 12 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

सिरसा के डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना पूछताछ के लिए एसआईटी के सामने नहीं पहुंच सकी. अस्थमा अटैक के बाद विपश्यना को एमएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गुरुवार को क्राइम ब्रांच हनीप्रीत और विपश्यना को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करने वाली थी. लेकिन अब हनीप्रीत से पूछताछ की जा रही है.

डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. पुलिस ने उसे आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. बुधवार को भी SIT ने उसका मेडिकल चेकअप कराया था और खराब सेहत के उसके दावों की पड़ताल की थी. मंगलवार को ही उसे तमाम सवालों को जवाब देना था, लेकिन वो पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुई.

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पुलिस को शक है कि विपश्यना सवालों से भाग रही है. वैसे सिरसा पुलिस उससे पूछताछ कर चुकी है. विपश्यना डेरा के थिंक टैंक के सदस्यों से एक है. वही पूरा मैनेजमेंट देखती है. ऐसे में डेरा का राज जानने के लिए SIT विपश्यना से हर कीमत पर सवाल जवाब करना चाहती है. हनीप्रीत और विपश्यना को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है.

इधर, यह भी खुलासा हुआ है कि 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा फैलाने के लिए खर्च किए गए आठ करोड़ रुपये डेरा सच्चा सौदा के खजाने से निकाला गया कालाधन था. राम रहीम की खास राजदार हनीप्रीत ने हरियाणा पुलिस की एसआईटी के समक्ष यह खुलासा किया है कि यह पैसा किस तरह और कहां से उपलब्ध करवाया गया था.

पुलिस पूछताछ के दौरान हनीप्रीत ने आठ करोड़ रुपये की धनराशि संबंधित एक फाइल का जिक्र किया था. यह फाइल हरियाणा पुलिस की एसआईटी के हत्थे चढ़ गई है. सूत्रों के मुताबिक, फंडिंग से जुड़े दस्तावेज बुधवार की रात को राजस्थान के गुरुसर मोडिया में चली लगभग 4 घंटे की रेड के दौरान जप्त किए गए हैं.

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हरियाणा पुलिस के हाथ कई और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लगे हैं, जिनको 28 अगस्त की रात हनीप्रीत इंसान ने चुपचाप निकालकर गुरुसर मोडिया पहुंचा दिया था. हनीप्रीत के निर्देशों के मुताबिक उसके करीबियों ने 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे राम रहीम की गाड़ी, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये थी, उसे आग के हवाले कर दिया था.

सूत्रों की माने तो हनीप्रीत इंसान ने डेरा से जुड़े कुछ संदिग्ध दस्तावेज इस गाड़ी में रख कर आग के हवाले करवा दिए थे. हरियाणा पुलिस हनीप्रीत इंसान और विपश्यना इंसान को आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी. पुलिस यह पूछताछ सोमवार के दिन करना चाहती थी, लेकिन विपश्यना ने बीमारी का बहाना करके मोहलत ले ली थी.

एसआईटी डेरा की वरिष्ठ उप प्रधान शोभा इंसान से भी पूछताछ करना चाहती है. इसलिए विपश्यना के साथ उसे भी आज जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है. इन तीनों को एक साथ बिठाकर भी पूछताछ कर सकती है. दरअसल, पुलिस पैसे सोर्स और बांटने के बारे में जानकारी चाहती है, जिसका इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए किया गया था.

हनीप्रीत से सच उगलवाने और सबूत इकट्ठा करने के लिए हरियाणा पुलिस लगातार कोशिश कर रही है. लेकिन कामयाबी के नाम पर अब तक हाथ खाली हैं. पुलिस को उम्मीद है कि हनीप्रीत जिन जगहों पर 38 दिनों तक छिपी रही, वहां से उसे कुछ सुराग मिल सकते हैं. इसीलिए हनीप्रीत को साथ लेकर पुलिस अब राजस्थान पहुंच चुकी है.

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बुधवार को भी पुलिस ने बठिंडा से लेकर गुरसर मोडिया तक सबूतों की तलाश में दौड़ लगाई. इसकी शुरूआत हुई बठिंडा से. हनीप्रीत जंगीराणा नामक गांव के एक घर में 5 दिनों तक छिपी हुई थी. यह घर हनीप्रीत की साथी सुखदीप कौर के रिश्तेदार का है. पुलिस ने यहां करीब 10 मिनट तक हनीप्रीत के साथ खोजबीन की है.

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