मुंबई: फर्जी IPS अधिकारी ने मांगा 5 किलो सोना, क्राइम बांच ने धर दबोचा

शिकायतकर्ता कावेरी बाजार का ज्वैलर है. जिसे आरोपी ने धमकी देते हुए शुरुआत में पांच किलो सोना मांगा था. मुंबई क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 22 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST

  • फर्जी आईपीएस अधिकारी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया
  • क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट ने धर दबोचा

मुंबई क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने एक 34 वर्षीय शख्स को गिरफ्तार किया है. शख्स खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर मुंबई के एक जौहरी से 70 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहा था.

पुणे के रहने वाले संतोष मिसल को सीआईयू अधिकारियों की एक टीम ने मुंबई के ट्राइडेंट होटल के पास से गिरफ्तार किया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने उसके पास से दो नकली पहचान पत्र बरामद किए हैं. जिसमें से एक पहचान पत्र में दर्शाया गया है कि वह सीबीआई अधिकारी है. पहचान पत्र में उसकी तस्वीर थी और उनके नाम के रूप में संतोष मिसल दर्ज था. वहीं दूसरे पहचान पत्र में उसका नाम संदीप कुमार मीणा दर्ज था. दूसरे फर्जी पहचान पत्र में उसने खुद को महाराष्ट्र के एक मंत्री का निजी सचिव बताया हुआ था.

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क्या है मामला?

शिकायतकर्ता कावेरी बाजार का ज्वैलर है. जिसे आरोपी ने धमकी देते हुए शुरुआत में पांच किलो सोना मांगा था. वहीं पुलिस ने इस मामले में बताया कि शिकायतकर्ता कारोबारी के देशभर में क्लाइंट है. इन्हीं क्लाइंट में से एक क्लाइंट हैदराबाद में भी है. पुलिस ने बताया कि हैदराबाद स्थित एक क्लाइंट के दो भतीजों को नोटबंदी के वक्त साल 2016 में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया था.

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वहीं पिछले साल शिकायतकर्ता को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने दावा किया कि वह हैदराबाद के उसके क्लाइंट के भतीजों को जमानत पर रिहा करने में मदद कर सकता है. जिसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने हैदराबाद के क्लाइंट की जानकारी फोन करने वाले उस अज्ञात शख्स को दे दी.

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इसके बाद अज्ञात शख्स ने हैदराबाद के कारोबारी को फोन किया और उसे आश्वासन दिया कि उसके भतीजों को जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा. इसके बदले में अज्ञात शख्स ने पांच किलो सोने की मांग की. इसके कुछ महीनों बाद हैदराबाद के कारोबारी ने कावेरी बाजार के ज्वैलर को फोन किया और बताया कि उसने अज्ञात शख्स को पांच किलो सोना दे दिया है लेकिन अभी भी उसके भतीजे जेल में ही बंद है.

मामले में हैदराबाद के कारोबारी ने कावेरी बाजार के ज्वैलर से पांच किलो सोना मांगा. लेकिन कावेरी बाजार के शिकायकर्ता ज्वैलर ने दावा किया था कि वह उस अज्ञात शख्स को नहीं जानता था और हैदराबाद स्थित कारोबारी ने उसे लूप में रखे बिना काम किया था.

2 करोड़ रुपये मांगे

वहीं नवंबर 2019 में शिकायतकर्ता के पास मिसल का फोन आया. जिसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया. मिसल ने शिकायतकर्ता को उस अज्ञात शख्स से पांच किलो सोना लेकर हैदराबाद स्थित क्लाइंट को वापस लौटाने के लिए कहा. हालांकि जब शिकायतकर्ता ने बताया कि वो इस लेन-देन से अनजान है तो मिसल ने खुफिया विभाग से उसके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी और उसे 2 करोड़ रुपये देने को कहा. हालांकि बाद में 70 लाख रुपये देने पर सहमति जताई और साथ ही शिकायतकर्ता ने उसके खिलाफ अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई.

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इस शिकायत के आधार पर सीआईयू ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से पैसे लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और आरोपी को 27 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है.

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