सिंघु बॉर्डर हत्या: लखबीर सिंह के शरीर पर चोट के 37 निशान, धारदार हथियारों से हुआ वार

पुलिस द्वारा उन हथियारों को तो बरामद नहीं किया गया है लेकिन एक आरोपी निहंग सिख पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. उसे कोर्ट द्वारा सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. इसके अलावा आज पुलिस ने निहंग नारायण सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है.

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सिंघु बॉर्डर हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी ( सांकेतिक फोटो) सिंघु बॉर्डर हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी ( सांकेतिक फोटो)

अमित भारद्वाज / श्रेया चटर्जी

  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST
  • सिंघु बॉर्डर हत्या में एक और गिरफ्तारी
  • मृत लखबीर सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारी

सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मृत लखबीर सिंह के शरीर पर चोट के 37 निशान मिले हैं. इसके अलावा लाठी और धारदार हथियारों से उसे कई बार मारा गया है. कहा जा रहा है कि ज्यादा खून बहने की वजह से लखबीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

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सिंघु बॉर्डर हत्या में एक और गिरफ्तारी

पुलिस द्वारा उन हथियारों को तो बरामद नहीं किया गया है लेकिन एक आरोपी निहंग सिख पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. उसे कोर्ट द्वारा सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. इसके अलावा आज पुलिस ने निहंग नारायण सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है. ये भी लखबीर सिंह की हत्या में शामिल बताया जा रहा है.

अब पुलिस जांच तो जारी है ही, इसके अलावा लखबीर सिंह के अंतिम संस्कार की भी तैयारी की जा रही है. ऐसी खबरें हैं कि लखबीर के गांव वाले उसका गांव में अंतिम संस्कार नहीं करवाना चाहते हैं. वो इसका लगातार विरोध कर रहे हैं. इस बात की जानकारी जैसे ही NCSC चेयरमैन विजय सांपला को हुई, उनकी तरफ से तुरंत पंजाब डीजीपी को निर्देश दिए गए हैं कि लखबीर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.

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अंतिम संस्कार में ना हो कोई रुकावट: NCSC चेयरमैन

विजय सांपला ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब पुलिस ये सुनिश्चित करे कि अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी तरह की हिंसा ना हो और ना ही कोई समस्या खड़ी करने का प्रयास करे. इस केस की बात करें तो लखबीर सिंह तीन दिन पहले ही सिंघु बॉर्डर आया था. वह निहंग कैंप में रह रहा था जो दिल्ली बॉर्डर के समीप है. बताया जा रहा है कि घटना तीन बजे की है जब लखबीर सिंह सरबलोह ग्रंथ के साथ पाया गया. इसपर एक निहंग सिख ने आपत्ति जताई और उससे सवाल पूछा. इस मुद्दे पर ही बहस शुरू हो गई और लखबीर को जान से मार दिया गया. पहले उसके हाथ काटे गए और बाद में पैर भी काट दिए गए.

इस घटना के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने खुद को निहंग समूह से अलग कर लिया है. जोर देकर कहा जा रहा है कि उनका इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है.

 

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