रामेश्वरम कैफे ब्लास्टः दो आरोपियों पर NIA ने रखा 10-10 लाख का इनाम

बेंगलुरु के कैफे में ब्लास्ट करने वाले संदिग्ध मुस्सविर हुसैन शाजिब और इस साजिश में शामिल अब्दुल मतीन ताहा पर NIA ने दस-दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. एनआईए ने इनाम का ऐलान करते हुए कहा कि जो भी संदिग्धों के बारे में सूचना देगा उसका नाम-पता पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा.

Advertisement
NIA ने मुस्सविर और अब्दुल मतीन पर 10-10 लाख का इनाम रखा है NIA ने मुस्सविर और अब्दुल मतीन पर 10-10 लाख का इनाम रखा है

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 8:20 PM IST

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में एक मार्च को हुए ब्लास्ट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो आरोपियों पर 10-10 लाख का इनाम घोषित किया है. एनआईए ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ब्लास्ट के संदिग्धों के बारे में सूचना देने वाली की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.

दोनों आरोपियों पर दस-दस लाख का इनाम
बेंगलुरु के कैफे में ब्लास्ट करने वाले संदिग्धों मुस्सविर हुसैन शाजिब और इस साजिश में शामिल अब्दुल मतीन ताहा पर दस-दस लाख रुपये का इनाम रखा गया है. एनआईए ने इनाम का ऐलान करते हुए कहा कि जो भी संदिग्धों के बारे में सूचना देगा उसका नाम-पता पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा. उसकी पहचान किसी पर भी जाहिर नहीं की जाएगी.

Advertisement

दोनों संदिग्धों पर पहले से था 3-3 लाख इनाम
आपको बता दें की दोनों संदिग्ध मुस्सविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा पहले से ही साल 2020 के एक आतंकी मामले में वांटेड हैं और इन पर एनआईए (NIA) ने 3-3 लाख का इनाम रखा हुआ था. वांटेड रहते हुए भी दोनों ने बम धमाके की वारदात को अंजाम दिया था. दोनों शिवमोगा के ISIS मॉड्यूल से जुड़े हुए थे. 

प्रमुख साजिशकर्ता गिरफ्तार
रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब बुधवार को तीन राज्यों में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद एनआईए ने एक प्रमुख साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए की टीमों द्वारा कर्नाटक में 12, तमिलनाडु में 5 और उत्तर प्रदेश में एक जगह सहित कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी.

Advertisement

मुजम्मिल शरीफ हिरासत में
इस दौरान सह-साजिशकर्ता मुजम्मिल शरीफ को हिरासत में लिया गया था. एनआईए ने इस केस को 3 मार्च को अपने हाथ में लिया था. पहले मुख्य आरोपी मुसाविर शाजीब हुसैन की पहचान की थी, जिसने विस्फोट को अंजाम दिया था. जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अन्य साजिशकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की भी पहचान की थी, जो अन्य मामलों में भी एजेंसी द्वारा वांछित है. दोनों व्यक्ति फरार हैं.

शरीफ ने मुहैया कराए थे.
एनआईए की जांच से पता चला है कि मुजम्मिल शरीफ ने विस्फोट से जुड़े मामले में अन्य दो पहचाने गए आरोपियों को लॉजिस्टिक मुहैया कराए थे. आज इन तीनों आरोपियों के घरों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों के आवासीय परिसरों और दुकानों पर भी छापेमारी की गई. तलाशी के दौरान नकदी के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल उपकरण जब्त किए गए. फरार आरोपियों को पकड़ने और धमाके के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने की कोशिशें जारी हैं. 

एक मार्च को कैफे में हुआ था बम विस्फोट 
बता दें कि 1 मार्च को कैफे के ब्रुकफील्ड आउटलेट पर कम तीव्रता का बम धमाका हुआ था. इस धमाके में ग्राहक और होटल कर्मचारी सहित 10 लोग घायल हो गए थे. धमाका होते ही कैफे के अंदर धुआं भर गया और जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने नजर आए थे. शुरू में लोगों को लगा था कि शायद ये सिलेंडर ब्लास्ट है.

Advertisement

एनआईए को सौंपा गया था केस 
मगर, जब पुलिस और NIA की टीम मौके पर पहुंची, तो शक की सूई दूसरी ओर घूम गई. इसके बाद केस पूरी तरह NIA को सौंप दिया गया. इसके बाद की जांच के दौरान कैफे में ब्लास्ट के आरोपी की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं. तस्वीरों में आतंकी अलग अलग दिन कभी टोपी तो कभी बिना टोपी और कभी मास्क पहनकर बस में यात्रा करते हुए देखा गया था. इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संदिग्ध की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए इसके बारे में जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी.

फिर से खुल गया कैफे 
धमाके के बाद महाशिवरात्रि के अवसर पर कैफे को बड़ी धूमधाम से फिर से खोला गया था. प्रशासन के मुताबिक, ग्राहकों की जांच के लिए कैफे के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं. एंट्री की अनुमति देने से पहले कर्मचारी प्रत्येक ग्राहक की हैंडहेल्ड डिटेक्टरों से जांच करेंगे. सभी ग्राहकों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और कर्मचारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »