गुजरात के वडोदरा में मुंबई के एक व्यापारी से 8.28 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के सोने के गहने हड़पने के मामले में वडोदरा क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने व्यापारी का भरोसा जीतने के बाद उसे वाघोडिया रोड स्थित श्री अंबिका ज्वैलर्स की दुकान पर बुलाया था. व्यापारी के वॉशरूम जाने के दौरान आरोपी दुकान से सोने के गहनों से भरे दो बैग लेकर फरार हो गए. पुलिस ने इस मामले में अब तक सोने-चांदी के गहनों, वाहनों और मोबाइल फोन समेत कुल 3,31,71,123 रुपये का माल बरामद किया है.
पुलिस के मुताबिक, खेड़ा जिले के डाकोर निवासी भाविक सोनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात की साजिश रची थी. आरोपियों ने वडोदरा के वाघोडिया रोड स्थित साईं गणेश कॉम्प्लेक्स में श्री अंबिका ज्वैलर्स के नाम से एक दुकान किराए पर ली थी. दुकान पर कारोबार करने का भरोसा दिलाकर उन्होंने मुंबई के एक व्यापारी से संपर्क किया. इसके बाद व्यापार के उद्देश्य से व्यापारी से 8,28,37,680 रुपये कीमत के सोने के गहने मंगवाए गए. इन गहनों का कुल वजन 5 किलो 500 ग्राम 510 मिलीग्राम बताया गया है.
यह घटना 11 अक्टूबर 2026 की है, जब मुंबई का व्यापारी सोने के गहने लेकर वडोदरा पहुंचा था. मुख्य आरोपी भाविक सोनी ने व्यापारी से गहनों से भरा बैग अपनी दुकान में रखने के लिए कहा. इसके बाद उसने खाना खाने जाने का बहाना बनाया और दुकान पर ताला लगा दिया. दुकान की चाबी पानी के जग के नीचे छिपा दी गई थी. जब व्यापारी वॉशरूम गया, तब साजिश के तहत उसके अन्य साथियों ने चाबी की मदद से दुकान खोली और सोने के गहनों से भरे दो बैग लेकर फरार हो गए.
वारदात के बाद इस मामले में वडोदरा के बापोद पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई. बाद में मामले की जांच वडोदरा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई. वडोदरा क्राइम ब्रांच के डीसीपी हिमांशु वर्मा के मुताबिक, पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की. जांच के दौरान मुख्य आरोपी भाविक सोनी को गोवा से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद वह अपनी मां को लेकर घर से फरार हो गया था.
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने और लूटे गए माल को आपस में बांटने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की योजना बनाई थी. मुख्य आरोपी के अन्य साथी पहले मध्य प्रदेश गए, फिर वडोदरा पहुंचे और आखिर में दमन से पकड़े गए. पुलिस ने मुख्य आरोपी भाविक सोनी के अलावा छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. जांच में यह भी सामने आया कि सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग थी और वारदात को अंजाम देने के बाद वे पहले से तय योजना के मुताबिक एक जगह इकट्ठा हुए थे.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महेशभाई भरवाड़ इस साजिश में शामिल था. उसने मुख्य आरोपी के संपर्क में रहकर 40 हजार रुपये नकद और चांदी के कड़े समेत चांदी प्राप्त की तथा अन्य साथियों को इकट्ठा किया. दुकान की चाबी कहां छिपाई गई है, इसकी जानकारी के आधार पर राहुल भरवाड़, दीपक वाघेला और जयेश कहार ने दुकान का ताला खोला. इसके बाद तीनों सोने के गहनों से भरे बैग लेकर एक्सेस मोपेड से फरार हो गए. पुलिस जांच में इन आरोपियों की भूमिका वारदात को अंजाम देने और गहने दुकान से बाहर निकालने में सामने आई है.
वारदात के बाद आरोपी हालोल पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने बस स्टैंड के सामने स्थित एक कपड़े की दुकान में अपने कपड़े बदले. इसके बाद वे पहले से तय फार्महाउस के एक कमरे में इकट्ठा हुए. आरोपी साजन भोई ने साथियों के एकत्र होने और लूटे गए सोने के गहनों के बंटवारे के लिए हालोल में कमरे की व्यवस्था की थी. वहां सभी आरोपियों ने गहनों को आपस में बांटा. पुलिस के अनुसार, आरोपी सागर वाघेला भी साजिश में शामिल था और वारदात के बाद तय योजना के तहत हालोल पहुंचकर लूटे गए माल के बंटवारे में शामिल हुआ.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किए गए बैग और लैपटॉप को नष्ट करने की कोशिश की थी. इसके लिए वे इन सामानों को स्कॉर्पियो गाड़ी में ले गए और नहर में फेंक दिया. पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से सोने और चांदी के गहनों के अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी जब्त किए हैं. पुलिस अब बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस मामले की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
वडोदरा क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान 3,11,20,623 रुपये कीमत के सोने के गहने बरामद किए हैं. इनका वजन 2 किलो 376 ग्राम 400 मिलीग्राम बताया गया है. इसके अलावा 98 हजार रुपये कीमत के 519.9 ग्राम वजन के चांदी के 12 कड़े भी जब्त किए गए हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक स्कॉर्पियो, एक मारुति स्विफ्ट कार, तीन दोपहिया वाहन और 11 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. इस तरह जब्त किए गए कुल माल की कीमत 3,31,71,123 रुपये बताई गई है.
पुलिस के मुताबिक, मुंबई के व्यापारी से ठगी गई कुल रकम 8,28,37,680 रुपये है, जबकि अब तक बरामद माल की कीमत 3,31,71,123 रुपये है. इस तरह शुरुआती आंकड़ों के आधार पर करीब 4.97 करोड़ रुपये मूल्य के माल का हिसाब अभी बाकी है. पुलिस इस मामले में शेष गहनों और अन्य संपत्ति का पता लगाने के लिए जांच कर रही है. सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की कोशिश वारदात से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि करने और बाकी माल बरामद करने की है.
ब्रिजेश दोशी