पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने सीमा पार से चल रहे हेरोइन तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया है. इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने दोनों के कब्जे और उनसे जुड़े ठिकानों से कुल 7.823 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है.
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' के तहत की गई. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरपंथ निवासी गांव वडाला, अमृतसर ग्रामीण और उसकी महिला साथी हरमनजीत कौर निवासी ध्यानपुर, जिला गुरदासपुर के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई को दो चरणों में अंजाम दिया गया.
पहले चरण में गुरपंथ को गिरफ्तार कर उसके पास से 590 ग्राम हेरोइन बरामद की गई. इसके बाद उससे पूछताछ और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस को तस्करी से जुड़े दूसरे ठिकाने का सुराग मिला.
पठानकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मनप्रीत सिंह ने बताया कि विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद स्पेशल ब्रांच की टीम ने गुरपंथ को पकड़ने के लिए कार्रवाई की थी. गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की गई और उसके मोबाइल फोन की जांच की गई.
इस दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने फतेहगढ़ चूड़ियां में एक किराए के मकान पर छापा मारा. यहां से गुरपंथ की महिला साथी हरमनजीत कौर को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 7.233 किलोग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद हुई.
दोनों चरणों में हुई बरामदगी को मिलाकर पुलिस ने कुल 7.823 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है. एसएसपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में इस तस्करी नेटवर्क के सीमा पार से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी मार्किंग वाली विशेष मोहर लगे पैकेट भी बरामद किए गए हैं.
पुलिस अब इन पैकेटों, आरोपियों के संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य सुरागों की जांच कर रही है. हालांकि, नेटवर्क की पूरी संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना अभी बाकी है.
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस इस नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है. इसके लिए डिजिटल सबूतों और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है. साथ ही, आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है.
पुलिस को नशीले पदार्थों की खेप से संबंधित कुछ वीडियो भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. इन डिजिटल सबूतों और वित्तीय रिकॉर्ड से तस्करी के तरीके, नेटवर्क से जुड़े लोगों और संभावित अन्य गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है.
इस मामले में पठानकोट के थाना सदर में 12 अक्टूबर 2026 को एफआईआर नंबर 155 दर्ज की गई है. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज किया है.
फिलहाल दोनों आरोपियों से जुड़े संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि इस जांच का उद्देश्य तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है.
कमलजीत संधू