लॉरेंस के दुश्मन बंबीहा गैंग पर कसा NIA का शिकंजा, 3 राज्यों में 9 ठिकानों पर छापेमारी

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के दुश्मन बंबीहा गैंग के खिलाफ एनआईए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इस गैंग के एक गैंगस्टर अर्श डाला के कनाडा में गिरफ्तारी के बाद हिंदुस्तान में जांच एजेंसियों ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है.

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बंबीहा गैंग के खिलाफ एनआईए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. बंबीहा गैंग के खिलाफ एनआईए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के दुश्मन बंबीहा गैंग के खिलाफ एनआईए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इस गैंग के एक गैंगस्टर अर्श डाला के कनाडा में गिरफ्तारी के बाद हिंदुस्तान में जांच एजेंसियों ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है. टेररिस्ट-गैंगस्टर सिंडिकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दविंदर बंबीहा गिरोह के सहयोगियों से जुड़े 9 से अधिक ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है.

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एनआईए की टीमों ने हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम; पंजाब के जालंधर और उत्तर प्रदेश के मथुरा में कई ठिकानों पर छापेमारी कर मोबाइल/डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग लेनदेन और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की हैं. ये तलाशी एनआईए द्वारा भारत में हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ, विस्फोटक आदि की तस्करी करने की आपराधिक साजिशों में लिप्त आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई का हिस्सा था.

एनआईए ने बंबीहा गैंग के दो शूटरों हैरी मौर और हैरी राजपुरा को 23 नवंबर 2023 को गिरफ्तार किया था. इनको पनाह देने वाले एक अन्य आरोपी राजीव कुमार को 12 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था. हैरी मौर और हैरी राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे. तीनों ने गैंगस्टर अर्श डाला के निर्देश पर कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले की जांच में लगातार जुटी हुई है. 

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इसके नेटवर्क खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में मौजूद हैं. केंद्रीय एजेंसी के मुताबिक, हैरी मौर और हैरी राजपुरा गिरोह के शूटर थे. उनके पास टार्गेट किलिंग को अंजाम देने का आदेश था. राजीव कुमार उर्फ ​​शीला को हैरी मौर और हैरी राजपुरा को पनाह देने के लिए अर्श डाला से धन मिल रहा था. एनआईए जांच से यह भी पता चला है कि राजीव कुमार अर्श डाला के निर्देश पर अन्य दो के लिए रसद सहायता और हथियारों की व्यवस्था भी कर रहा था.

लॉरेंस बिश्नोई और बंबीहा गैंग में बदले की कहानी लवी दयौड़ा की हत्या से शुरू हुई थी. लवी दयौड़ा, बंबीहा गैंग का आदमी था, जिसकी हत्या लॉरेंस गैंग के शूटर संपत नेहरा ने कर दी थी. इसके बाद लॉरेंस गैंग के शार्प शूटर अंकित भादू का एनकाउंटर हो गया था. लॉरेंस को शक था कि अंकित भादू की मुखबिरी बंबीहा गैंग के मनप्रीत मन्ना ने की थी. इसके बाद 12 दिसंबर 2019 को मालोट के एक मॉल के बाद मन्ना की भी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी.

बबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाला ने मन्ना की हत्या का बदला लेने के लिए 10 अक्टूबर 2020 को गुरलाल बराड़ की हत्या करवा दी. गुरलाल बराड़ रिश्ते में गोल्डी बराड़ का भाई लगता था. इसके बाद गोल्डी ने 22 अक्टूबर 2020 को बंबीहा गैंग का साथी होने के शक में रणजीत सिंह राणा की हत्या करवा दी. उसके बाद लॉरेंस ने कांग्रेस प्रधान गुरलाल पहलवान की हत्या करवा दी. फिल लक्की ने साल 2021 में लॉरेंस के करीबी विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या करवा दी.

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इसके बाद मार्च 2022 में जालंधर में इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया की हत्या कर दी गई. विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए लॉरेंस गैंग ने मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई थी. इस हत्याकांड के बाद से लॉरेंस गैंग का खौफ पूरे देश में कायम हो गया. इसके बाद उसने करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या करके जरायम की दुनिया में पहले से ज्यादा कुख्यात हो गया.

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