नागपुर में 16 साल की एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की कोशिश के संगीन मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, 19 साल के आरोपी ने लड़की को नागपुर के दिघोरी इलाके में एक किराए के फ्लैट में 'डिजिटल अरेस्ट' रखा था. पुलिस के अनुसार, उसने लड़की को लगभग तीन महीने तक अपने हिसाब से जीने को मजबूर किया. आरोपी फिलहाल नागपुर जेल में बंद है.
इस मामले में लड़की के माता-पिता ने लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 3 अगस्त को पुलिस ने उसे दिघोरी के किराए के फ्लैट से रेस्क्यू किया था. जांच में सामने आया कि आरोपी ने लड़की से इंस्टाग्राम पर संपर्क किया था. इसके बाद उसने मोबाइल फोन, लगातार वीडियो कॉल और धमकियों के जरिए लड़की पर कंट्रोल में रखा. पुलिस ने जांच के बाद इसे डिजिटल अरेस्ट बताया है.
आरोपी ने लड़की को अपनी बात मानने के लिए मजबूर किया. करीब दो महीने पहले उसने लड़की को अपने फ्लैट की छत पर जाकर वीडियो कॉल शुरू करने को कहा. जब लड़की झिझकी तो उसने उसके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी दी. डर के कारण लड़की ने उसकी बात मान ली. वहीं से खेल शुरू हुआ. फिर उसने पीड़ित लड़की को बिस्तर के नीचे सोने को भी कहा था.
आरोप है कि बंधक बनाए रखने के दौरान आरोपी ने लड़की के साथ बार-बार बलात्कार किया. उसने चमड़े की बेल्ट से लड़की को मारा और उसके शरीर पर चाकू से 20 जख्म दिए. पुलिस जांच में एक गर्दन का पट्टा और बेल्ट बरामद हुई जो कुत्तों को बांधने के लिए इस्तेमाल होती है. ये सामान नागपुर की दो पेट शॉप्स से जोड़े गए हैं. पुलिस ने उन दुकानों के मालिकों और कर्मचारियों से पूछताछ की है.
पूरे मामले में आरोपी ने मोबाइल एक्सेस और लगातार निगरानी के जरिए लड़की को घेर रखा था. पुलिस ने सभी तथ्यों की जांच पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. यह मामला नागपुर पुलिस की सक्रियता से सामने आया जिसमें लापता शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई हुई. जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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