दिल्ली में फिर खूनी रोडरेज, दो भाईयों ने मिलकर बुजुर्ग कैब ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला

घटना के बाद पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली और फिर पीड़ित ने खुद पुलिसवालों को घटना के बारे में बताया. बाद में उसे सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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दोनों आरोपियों ने बुजुर्ग कार चालक को जमकर पीटा था दोनों आरोपियों ने बुजुर्ग कार चालक को जमकर पीटा था

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST

दिल्ली में एक बार फिर खूनी रोड रेज की वारदात सामने आई है. जहां दो भाईयों ने मिलकर एक बुजुर्ग को मामूली सी टक्कर के बाद इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई. हालांकि पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद तेजी से एक्शन लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

ये वारदात पश्चिमी दिल्ली के टैगोर गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास हुई. मरने वाले शख्स की उम्र 56 साल थी. पुलिस ने सोमवार को इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान जतिन सामरिया (21) और उसके चचेरे भाई पवन सामरिया (21) के तौर पर हुई है. जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी चचेरे भाई स्क्रैप का कारोबार करते हैं.

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दिल्ली पुलिस ने इस बारे पीटीआई को बताया, "रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे राजौरी गार्डन पुलिस के अधिकार क्षेत्र में टैगोर गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास रोड रेज की एक घटना हुई." एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविंदर सिंह नाम का एक टैक्सी चालक, अपने बेटे और एक रिश्तेदार के साथ मोती नगर से घर जा रहा था, तभी एक कार ओवरटेक करते समय उसकी टैक्सी से टकरा गई.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "रविंदर सिंह ने अपनी कार रोकी और खिड़की का शीशा नीचे करके और दूसरी कार के चालक पर चिल्लाया. इसके बाद उन्होंने कुछ मीटर आगे अपनी कार रोकी. फिर रविंदर की कैब को रोका और उसे बाहर निकलने के लिए कहा. इसके बाद दोनों लोगों ने रविंदर पर हमला किया और वहां से भाग गए." 

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घटना के बाद पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली और फिर पीड़ित ने खुद पुलिसवालों को घटना के बारे में बताया. बाद में उसे सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इस संगीन मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत मामला दर्ज किया है. अब आगे जांच की जा रही है. पुलिस ने बताया कि रविंदर सिंह के बेटे और उनके रिश्तेदार हंगामे के कारण हमलावर वाहन का पंजीकरण नंबर नोट नहीं कर सके थे.

पुलिस अधिकारी ने कहा, "वे जो एकमात्र सुराग दे सके, वो ये था कि वाहन एक सफेद हुंडई क्रेटा कार थी. वाहन और आरोपी को ट्रैक करने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया था." इसके बाद मौका-ए-वारदात के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. और आरोपियों की कार का पता लगाया गया. सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को पश्चिम विहार में मौजूद उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. 

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