दिल्लीः जेल से चल रहा था नीरज बवानिया गैंग का रंगदारी रैकेट, वसूले गए लाखों रुपये

जसमीत की जान खतरे में फंसी थी. लिहाजा उसने फौरन दिल्ली पुलिस से संपर्क किया. क्राइम ब्रांच के एसीपी राजकुमार साहा और इंस्पेक्टर पंकज अरोड़ा को इस मामले से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया.

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मंडोली जेल में बैठकर बवानिया गैंग के बदमाश वसूली कर रहे थे मंडोली जेल में बैठकर बवानिया गैंग के बदमाश वसूली कर रहे थे

तनसीम हैदर

  • दिल्ली,
  • 06 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST
  • पहले कारोबारी के फोन पर आई थी मिस्ड कॉल
  • फिर पिस्तौल लेकर ऑफिस में आया था बदमाश
  • क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े तीन बदमाश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जेल से चल रहे एक्सटॉर्शन (रंगदारी) रैकेट का पर्दाफाश किया है. यह रैकेट नीरज बवानिया गैंग संचालित कर रहा था. इस गैंग के 3 लोगों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. ये सभी तिहाड़ की मंडोली जेल में बैठकर कारोबारियों को धमका डराकर वसूली कर रहे थे. 

दरअसल, दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी जसमीत सिंह के मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आई और कट गई. इसके फौरन बाद एक मैसेज आया. जिसमें कहा गया था, 'भाई मैं नहीं अब आप खुद फोन करोगे.' इसके बाद 25 नवंबर को जसमीत के लाजपत नगर ऑफिस में एक शख्स हाथ में पिस्तौल और एक मोबाइल लेकर दाखिल हुआ. लेकिन उस वक्त जसमीत ऑफिस में नहीं थे.

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ऑफिस में मौजूद उनके पार्टनर हरपाल सिंह को उस शख्स ने कहा कि मोबाइल फोन पर जेल से कोई बात करेगा. इसी बीच जसमीत के पार्टनर हरपाल और कुछ लोगों ने उस बदमाश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वो पिस्तौल वहीं छोड़कर भाग निकला. जसमीत के फोन पर दोबारा कॉल आया और कहा गया कि वह जेल से प्रवीण सभरवाल बोल रहा है और कारोबारी से 20 लाख रुपये की मांग की गई. 

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अब जसमीत की जान खतरे में फंसी थी. लिहाजा उसने फौरन दिल्ली पुलिस से संपर्क किया. क्राइम ब्रांच के एसीपी राजकुमार साहा और इंस्पेक्टर पंकज अरोड़ा को इस मामले से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर सबसे पहले आरोपी अभिषेक मसीही को लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया. यह वो शख्स था जो रियल एस्टेट कारोबारी के दफ्तर में पिस्तौल लेकर घुसा था. अभिषेक की निशानदेही पर पुलिस ने रोहित सिंह और और शिबू नाम के आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया.

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पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि अभिषेक के मोबाइल फोन पर आकाश (मर्डर केस में मंडोली जेल में बंद) की तरफ से मोबाइल नंबर 6026411xxx के ज़रिये कॉल मिली थी. आकाश आरोपी प्रवीन सभरवाल उर्फ मोटा का साथी है. प्रवीन सभरवाल नाम का बदमाश नीरज बवानिया गिरोह का सदस्य है. उस पर 1 लाख रुपये इनाम भी था. उसे सितंबर 2020 में स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था. वर्तमान में वह मंडोली जेल में बंद है और नीरज बवानिया के सहयोग से जेल से ही रंगदारी का रैकेट चला रहा है.

आरोपी रोहित की जांच और पूछताछ में पता चला है कि इन लोगों को असलहा कारतूस शिबू कर नाम के शख्स ने मुहैया कराया था. पूछताछ के दौरान शिबू ने यह भी खुलासा किया कि उसे जेल में बंद आकाश के निर्देश पर दिल्ली के संगम विहार में नितेश नामक शख्स से देसी कट्टे की डिलीवरी मिली थी. पुलिस जांच के दौरान मंडोली जेल में संदिग्ध नंबर की लोकेशन की पुष्टि भी हो हुई.

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जानकारी के मुताबिक आरोपियों में से एक अभिषेक मसीह, खतरनाक क्रिमिनल है. उस पर लूट और डकैती के 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं. अभिषेक अक्टूबर 2021 में ही जेल से बाहर आया है. जबकि रोहित सिंह पर भी पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें चोरी और एक गैंगरेप का मामला शामिल है. आरोपी शिबू भी क्रिमिनल प्रवृति का है और ऑटो ड्राइवर है. अब क्राइम ब्रांच जल्द ही इस मामले में जेल में बंद आकाश और प्रवीण सभरवाल से पूछताछ करेगी.

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