दिल्ली के एक फाइव-स्टार होटल की पार्किंग में दो गुटों के बीच झगड़े का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है. नागालैंड की 28 वर्षीय युवती ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि तीन युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की और उसे जबरन कार में ले जाने की कोशिश की. युवती के मुताबिक, जब उसके दोस्तों ने बीच-बचाव किया तो उन पर हॉकी स्टिक और अन्य चीजों से हमला किया गया.
यह घटना 4 अक्टूबर की तड़के करीब 3:30 बजे की है. युवती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह अपनी एक महिला दोस्त के साथ वॉशरूम से बाहर आई थी. इसी दौरान एग्जिट गेट के पास सफेद रंग की मर्सिडीज कार में मौजूद तीन युवकों ने कथित तौर पर उन्हें रोक लिया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि युवकों ने दोनों को जबरन कार में खींचने की कोशिश की. पुलिस का कहना है कि युवती की ओर से लगाए गए कथित अपहरण के प्रयास के आरोप की भी जांच की जा रही है.
शिकायत के मुताबिक, युवती और उसकी दोस्त को बचाने के लिए उनके पुरुष दोस्त आगे आए। आरोप है कि इसके बाद तीनों युवकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। युवती ने बताया कि उसके एक दोस्त पर हॉकी स्टिक से हमला किया गया और उसके चेहरे पर मुक्का मारा गया. दो अन्य दोस्तों के साथ भी हॉकी स्टिक और कथित तौर पर लोहे की वस्तु से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है.
युवती ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि मर्सिडीज की नंबर प्लेट हटा दी गई थी, ताकि कार में सवार लोगों की पहचान छिपाई जा सके. उसका दावा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी वहां से निकलने की कोशिश करने लगे. शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि भागने के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों या वहां मौजूद लोगों को कार से कुचलने की कोशिश की. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना की जानकारी एक PCR कॉल के जरिए मिली थी. कॉल में होटल में मारपीट की सूचना दी गई थी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था. पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी और घटना के पूरे क्रम की जांच शुरू कर दी थी.
घटना के बाद युवती और उसके साथ मौजूद लोगों को मेडिकल जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, युवती के ग्रुप के चार सदस्यों में कोई नई बाहरी चोट नहीं मिली. हालांकि एक व्यक्ति के मेडिकल रिकॉर्ड में होटल में कथित मारपीट के बाद जांच के लिए लाए जाने और बेहोश होने की बात दर्ज की गई.
दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के दाहिने हाथ की छोटी उंगली में सूजन और दर्द पाया गया और उसकी गतिविधि भी प्रभावित थी. वहीं, दूसरे पक्ष के दो अन्य लोगों के शरीर पर कोई नई बाहरी चोट नहीं मिली. पुलिस ने दोनों पक्षों के सदस्यों के ब्लड सैंपल भी सुरक्षित रखे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उनका इस्तेमाल किया जा सके.
PCR कॉल, मौके की परिस्थितियों, मेडिकल रिपोर्ट और महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की. मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2) के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने और धारा 3(5) के तहत साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं. पुलिस अब दोनों पक्षों की भूमिका और विवाद की शुरुआत की परिस्थितियों की जांच कर रही है.
पुलिस होटल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. पूछताछ के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने कुछ आरोपों से इनकार किया. पुलिस शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों को मिलाकर घटना का पूरा क्रम स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है. उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मामले में जांच जारी है.
अब पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पार्किंग में दोनों पक्षों के बीच विवाद किस वजह से शुरू हुआ और घटना के दौरान असल में क्या-क्या हुआ था. पुलिस CCTV और मेडिकल रिकॉर्ड समेत उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है.
ताजा अपडेट के मुताबिक पुलिस ने घटना की शिकायत मिलने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन मामूली धाराएं होने की वजह से गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही उन तीनों लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था.
(साथ में अंशुल सिंह का इनपुट)
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