भारत में बिटकॉइन की सबसे बड़ी चोरी, 19 करोड़ का लगाया चूना

क्रिप्टो करेंसी के लोकप्रिय एक्सचेंज कॉइनसेक्योर ने शिकायत की है कि उसके वॉलेट से 19 करोड़ रुपये मूल्य के 438.318 बिटकॉइन चोरी हो गए हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 2:16 PM IST

रिजर्व बैंक द्वारा क्रिप्टो करेंसी के मामले में सख्ती बरतने के कदमों की घोषणा के कुछ ही दिन बाद भारत में बिटकॉइन की सबसे बड़ी चोरी का मसला सामने आया है. क्रिप्टो करेंसी के लोकप्रिय एक्सचेंज कॉइनसेक्योर ने शिकायत की है कि उसके वॉलेट से 19 करोड़ रुपये मूल्य के 438.318 बिटकॉइन चोरी हो गए हैं.

इस एक्सचेंज के देश भर में करीब दो लाख यूजर हैं और यूजर्स की इसके प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग के दौरान ही इस चोरी का पता चला. दिल्ली केंद्रित कॉइनसेक्योर ने अपनी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी है. कंपनी ने कहा है, 'हमें यह बताते हुए खेद हो रहा है कि हमारे बिटकॉइन फंड्स में सेंधमारी हुई है और ऐसा लगता है कि इसे किसी और एड्रेस को भेज दिया गया है जो हमारी पहुंच से बाहर है. हमारा सिस्टम कभी भी हैक नहीं हुआ है. यह घटना ग्राहकों को वितरण के लिए बिटकॉइन गोल्ड (BTG) एक्स्ट्रैक्ट करने के दौरान हुई है.'

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कंपनी को संदेह है कि इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है. इस बारे में के साइबर सेल में 10 अप्रैल को एक एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. उसके मुताबिक यूजर्स के फंड को कंपनी के बिटकॉइन वॉलेट में रखा जाता है जिसकी प्राइवेट की कॉइनसेक्योर के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर अमिताभ सक्सेना और सीईओ मोहित कालरा के पास होती है. बिटिकॉइन वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट होता है और यूजर को आमतौरपर इसका एक पब्लिक एड्रेस और एक प्राइवेट की दिया जाता है.

एक्सचेंज को पता चला कि जो बिटकॉइन ऑफलाइन स्टोर किए गए थे वो गायब हो गए. हाल ही में बिटकॉइन के भाव में बड़ी तेजी के कारण निवेशक इसकी तरफ आकर्षित हुए थे. भारत में बिटकॉइन या क्रिप्टोकरेंसी को या सरकार की मान्यता नहीं है. इसकी कानूनी मान्यता नहीं होने के कारण कुछ भी होने पर यूजर्स को कानूनी मदद मिलनी भी मुश्किल होती है.

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(BusinessToday.In  से साभार)

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