लखनऊ का फाइव स्टार होटल, 12 करोड़ की डील और नेपाली माफिया... कुछ बड़ा करने की फिराक में थे अतीक गैंग और शाइस्ता!

पुलिस को जानकारी मिली थी कि लखनऊ के एक होटल में कोई बड़ी डील होने वाली है, जिसका संबंध अतीक अहमद गैंग और उसके परिवार से है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उस होटल में छापेमारी की और अतीक के वकील विजय मिश्रा को गिरफ्तार किया.

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वकील विजय मिश्रा ने पकड़े जाने के बाद शाइस्ता और जैनब के बारे में बड़ा खुलासा किया है वकील विजय मिश्रा ने पकड़े जाने के बाद शाइस्ता और जैनब के बारे में बड़ा खुलासा किया है

आशीष श्रीवास्तव / परवेज़ सागर

  • लखनऊ/नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST

बाहुबली माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की हत्या के बाद उसकी संपत्ति को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे. सरकार ने पहले ही उसकी करोड़ों की संपत्ति को कुर्क कर लिया. लेकिन इसके बावजूद अतीक और उसके भाई अशरफ की बेनामी संपत्ति अभी भी जांच के दायरे में है. इसी संपत्ति को लेकर लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में बड़ी डील होने वाली थी. लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया. उस शख्स को पुलिस ने धर दबोचा जो इस संपत्ति को ठिकाने लगाने में शाइस्ता और जैनब की मदद कर रहा था. हम बात कर रहे हैं अतीक अहमद के वकील रह चुके विजय मिश्रा की.

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इस मामले में संपत्ति को लेकर ये खुलासा एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है. दरअसल, जब से उमेशपाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद और उसके परिवार वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया. उसकी तमाम संपत्तियों को जब्त और कुर्क किया गया. लेकिन जब प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा के बीच तीन नई उम्र के बदमाशों ने सरेआम अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी, तो उसके बाद उसकी बेनामी संपत्ति को लेकर जांच एजेंसिया और तेजी से कार्रवाई करने के मूड में आ गई. 

होटल में होने वाली थी बड़ी डील
इधर, पुलिस को तलाश थी अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की बीवी जैनब की. लेकिन ये दोनों अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं. इन दोनों के अलावा पुलिस इस मामले में अभी तक गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्डू बमबाज, साबिर और अरमान की तलाश कर रही है. गुड्डू मुस्लिम को आखिरी बार ओडिशा में देखा गया था. इसके बाद उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग पाया है.

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अब वापस आते हैं अतीक-अशरफ की बेनामी संपत्ति की कहानी पर.. पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली थी कि राजधानी लखनऊ के एक नामी होटल में कोई बड़ी डील होने वाली है, जिसका संबंध अतीक अहमद गैंग और उसके परिवार से है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर उस होटल में भेजी और छापेमारी के दौरान अतीक का वकील विजय मिश्रा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पकड़े जाने के बाद विजय ने जो खुलासा किया, वो बेहद हैरान करने वाला था. 

बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिश
विजय से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब को अब पैसों की तंगी सता रही है. उन दोनों के पास अब पैसे नहीं हैं. इसलिए वे दोनों अतीक और अशरफ की बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रही हैं. ताकि वो अपने बेटे अली और उमर को जेल से बाहर निकाल सकें और फिर से अपना साम्राज्य खड़ा कर सकें. इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए शाइस्ता और जैनब ने अतीक के वकील विजय मिश्रा को अपने इस प्लान में शामिल कर लिया. 

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि यूपी का कोई भी कारोबारी या बिल्डर अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति को खरीदने के लिए तैयार नहीं था. कोई भी अतीक गैंग से जुड़ी सपंत्ति पर हाथ रखने को राजी नहीं था. लिहाजा, इसी दौरान वकील विजय मिश्रा को यूपी के एक ऐसे माफिया के बारे में पता चला, जो नेपाल में रहता है और भारत में काम करता है. 

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पक्की हो गई थी जमीन बेचने की डील
सूत्रों के मुताबिक, वकील विजय मिश्रा ने नेपाल में रहने वाले उस माफिया से सम्पर्क किया. कई दौर की बातचीत के बाद नेपाल में रहने वाला यूपी का वो माफिया इन संपत्तियों को खरीदने के लिए तैयार हो गया. संपत्ति की तस्वीर और वीडियो के साथ जरूरी कागजात विजय मिश्रा ने वॉट्सएप के जरिए नेपाल के उस माफिया को भेजे थे. इसके बाद जमीन की डील पक्की हो गई थी. 

लेकिन नेपाल में बैठा वो खरीदार माफिया एक बार आमने-सामने बैठकर विजय मिश्रा और शाइस्ता या जैनब से बात करना चाहता था. इसके लिए लखनऊ में मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें अशरफ की पत्नी जैनब, वकील विजय मिश्रा और नेपाल का खरीदार माफिया शामिल होने वाले था. बात बनती नजर आ रही थी. अतीक की कई बेनामी संपत्तियां बिकने की उम्मीद थी, लेकिन इसी बीच सीमा हैदर अवैध रूप से भारत आ गई, जिससे शाइस्ता परवीन और जैनब के अरमानों पर पानी फिर गया. शाइस्ता का सारा प्लान धरा का धरा रह गया.

पुलिस को लग गई प्लान की भनक
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बेनामी संपत्ति की डील के लिए मीटिंग 26 जुलाई को फिक्स हुई थी. वकील विजय मिश्रा लखनऊ पहुंच चुका था, लेकिन उसे बताया गया कि खरीदार नेपाल से उस दिन नहीं, बल्कि दूसरे दिन आएगा. अगले तीन दिनों तक मीटिंग का समय टलता गया. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि जब विजय मिश्रा ने नेपाल के माफिया से मीटिंग टालने का कारण पूछा तो जवाब मिला कि पाकिस्तान की सीमा गुलाम हैदर नेपाल के रास्ते भारत में चोरी छिपे घुसी है, इसके बाद से नेपाल बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है.

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नेपाल में बैठे माफिया ने विजय मिश्रा से कहा कि लोकल पुलिस और एसएसबी हर आने जाने वाले की जांच रही है. ऐसे में फिलहाल नेपाल से यूपी आना मुश्किल है. इसके बाद वकील विजय मिश्रा पांच दिनों तक लखनऊ में डेरा डाले रहा और नेपाल से आने वाले माफिया का इंतजार करता रहा. इसी दौरान उसकी भनक लखनऊ पुलिस को लग गई और बीते रविवार को प्रयागराज पुलिस ने विजय मिश्रा को वहां से धर दबोचा.

ये सारी जानकारी खुद वकील विजय मिश्रा ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को बताई. उसने पुलिस को बताया कि अतीक की प्रयागराज और लखनऊ स्थित बेनामी संपत्तियों को बेचने के लिए वह खरीदार ढूंढ़ रहा था, लेकिन यूपी का कोई भी बिल्डर अतीक की संपत्ति खरीदने को तैयार नहीं था. इसलिए वो ये संपत्ति नेपाल के एक माफिया को बेचने की तैयारी में था, जिसके साथ मीटिंग करने वो लखनऊ आया था.

बिल्डरों की संपत्तियों में भी अतीक का पैसा
विजय मिश्रा से की गई पूछताछ के दौरान ही ये खुलासा हुआ कि अतीक अहमद ने साल 2015 में गौसपुर कटहुला में जमीन खरीदी थी. उसने एक राजमिस्त्री के नाम 25 हजार वर्गफुट जमीन खरीदी थी. यही नहीं लखनऊ में कुछ बिल्डरों की संपत्तियों में भी अतीक का पैसा लगा था. ये संपत्तियां भी अलग-अलग लोगों के नाम से थीं. अब यूपी एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस इसकी जांच कर रही हैं.

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पुलिस से पूछताछ में विजय मिश्रा ने बताया है कि वो बेनामी संपत्ति का सौदा करने लखनऊ पहुंचा था. इसके लिए उसने अशरफ की पत्नी जैनब और उसके भाई सद्दाम को भी लखनऊ बुलाया था. इसी बीच ये खुलासा भी हुआ है कि अगर ये डील हो जाती तो तकरीबन 12 करोड़ रुपये विजय मिश्रा को शाइस्ता और जैनब तक पहुंचाने थे. इस काम को अंजाम देने के लिए विजय मिश्रा को कमीशन के तौर पर मोटी रकम दी जानी थी. 

अशरफ की बीवी जैनब की तलाश
इसी दौरान पुलिस को जांच में पता चला कि वकील विजय मिश्रा लखनऊ की जेल में उमर से मिलने भी गया था. इसकी वजह ये बताई जा रही है कि अतीक के बेटे उमर और असद को ही उसकी बेनामी संपत्ति की जानकारी है. अब पुलिस इस मामले में उमर से लखनऊ जेल जाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही अशरफ की बीवी जैनब की तलाश भी शुरू कर दी गई है. पुलिस को आशंका है कि जैनब लखनऊ के आसपास ही कहीं छुपी हुई है.

उमेशपाल हत्याकांड के बाद से ही शाइस्ता और जैनब पुलिस के हाथ नहीं आ सकीं, लेकिन पुलिस और एसटीएफ को अब शाइस्ता और जैनब को लेकर अहम बात पता चली है. पुलिस को पता चला है कि बेनामी संपत्ति की डील में 12 करोड़ रुपये का भुगतान होना था. जिसके सहारे जैनब और शाइस्ता हर कीमत पर देश से फरार होना चाहती थीं. 

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आखिर कहां छिपी हैं शाइस्ता परवीन?
इस खुलासे के बावजूद 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस के लिए एक राज़ है. फरार शाइस्ता को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक दर्जन भर बार छापेमारी हो चुकी है. लेकिन उसका अता-पता नहीं चल सका. जानकारी को मुताबिक, अतीक अहमद ने जीते जी ही अपनी पत्नी शाइस्ता को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था. जहां पुलिस उस तक ना पहुंच जाए. यही कारण है कि अपने बेटे के एनकाउंटर होने के बाद और अपने पति के मरने के बाद भी वह मिट्टी में नहीं पहुंची थी. वहीं अशरफ की पत्नी जैनब भी फरार है और वो भी अपने पति के जनाजे में नहीं आई थी.

बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद जैनब अपने घर पर मौजूद थी. तब तक पुलिस ने उसे आरोपी नहीं बनाया था. हालांकि पुलिस ने दबिश देकर उसे पकड़ा था और पूछताछ के बाद शांति भंग में उसका चालान कर दिया. इसके बाद जैनब ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इस बीच पुलिस ने भी जैनब को उमेश पाल हत्याकांड में वॉन्टेड कर दिया था और ठीक इसी के बाद जैनब फरार हो गई थी. यूपी एसटीएफ और पुलिस अब भी शाइस्ता और जैनब की तलाश में जुटी है.

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