हादसे का ड्रामा, सिर पर हथौड़ा मारकर मर्डर... वायरल वीडियो ने ले ली सोफिया की जान, अहमदाबाद में ऑनर किलिंग!

अहमदाबाद के सरखेज में 22 साल की सोफिया फारूक की हत्या के मामले में पिता और भाई गिरफ्तार हुए हैं. पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो से नाराज होकर हत्या की गई और इसे हादसा दिखाने के लिए रची गई साजिश. पढ़ें पूरी कहानी.

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लंबी तफ्तीश के बाद कातिल भाई और पिता का राज खुल गया (फोटो-ITG) लंबी तफ्तीश के बाद कातिल भाई और पिता का राज खुल गया (फोटो-ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

अहमदाबाद में पुलिस ने 22 साल की युवती की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, सरखेज की रहने वाली सोफिया फारूक की हत्या कथित तौर पर उसके पिता और भाई ने ही की. इस कत्ल की वजह भी बेहद हैरान करने वाली है. आरोप है कि करीब तीन महीने पहले सोफिया का एक युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद परिवार में नाराजगी बढ़ गई थी. पुलिस का दावा है कि इसी वजह से पिता और भाई ने उसकी हत्या की साजिश रची और फिर वारदात को सड़क हादसा दिखाने की नाकाम कोशिश की.

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पुलिस ने इस मामले में सोफिया के पिता मोहम्मद फारूक नवाबखान (56) और भाई मोहम्मद हाबिल फारूक (38) को गिरफ्तार किया है. दोनों फैब्रिकेशन का कारोबार करते हैं. सोफिया जुहापुरा इलाके में स्थित एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त की रात वह अपने भाई हाबिल के साथ बाइक पर जा रही थी. कुछ देर बाद दावा किया गया कि किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी.

घटना के बाद सोफिया को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया उसके सिर के पिछले हिस्से और पैरों में गंभीर चोटें थीं. उसे इलाज के लिए सोला सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां 13 अगस्त को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआत में पुलिस ने इसे हिट एंड रन यानी अज्ञात वाहन की टक्कर का मामला माना. हाबिल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हादसे की जांच शुरू की.

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लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को हाबिल की बताई कहानी में कई गड़बड़ियां नजर आईं. जिस जगह हादसा होने का दावा किया गया था, वहां पुलिस को दुर्घटना से जुड़े पर्याप्त सबूत नहीं मिले. CCTV फुटेज की जांच में भी ऐसा कोई दूसरा वाहन नजर नहीं आया, जिससे बाइक को टक्कर लगने की बात साबित हो सके. इसके बाद पुलिस का शक सोफिया के भाई पर गहराने लगा.

पुलिस ने हाबिल से सख्ती से पूछताछ की तो कथित तौर पर पूरी कहानी सामने आ गई. जांच में पुलिस को पता चला कि सोफिया को उसके पिता और भाई ने पहले ही रास्ते से अलग एक सुनसान जगह ले जाने की योजना बनाई थी. आरोप है कि दोनों उसे सरखेज के घेलजीपुरा गांव के पास एक सुनसान इलाके में लेकर पहुंचे थे. पुलिस के मुताबिक, हाबिल ने अपनी पैंट में लोहे का हथौड़ा छिपा रखा था.

पुलिस का आरोप है कि सुनसान जगह पहुंचने के बाद हाबिल ने सोफिया के सिर पर हथौड़े से तीन बार वार किया. इस दौरान उसके पिता फारूक ने भी कथित तौर पर उसका साथ दिया. सोफिया के बेहोश होने के बाद भी उस पर दोबारा हथौड़े से हमला किए जाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, दोनों तब तक वहां रुके रहे जब तक सोफिया की सांसें थम नहीं गईं.

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पुलिस जांच में हत्या की कथित वजह भी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले सोफिया का एक युवक के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद उसके पिता और भाई उससे नाराज हो गए थे. दोनों ने सोफिया को दूसरे लड़कों से बातचीत करने पर भी कथित तौर पर आपत्ति जताई थी.

पुलिस का कहना है कि परिवार को सामाजिक बदनामी का डर था और इसी वजह से पिता-पुत्र ने सोफिया के खिलाफ नाराजगी पाल ली. आरोप है कि दोनों ने परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के नाम पर उसकी हत्या की योजना बनाई. पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश करीब तीन महीने पहले ही तैयार कर ली गई थी और 12 अगस्त को बारिश के दौरान इसे अंजाम देने का फैसला किया गया.

कम CCTV वाले रास्ते का चुनाव

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात के लिए ऐसा रास्ता चुना था जहां CCTV कैमरों की संख्या कम थी और रात में अंधेरा भी रहता था. इसी रास्ते से सोफिया अपने काम पर आती-जाती थी. पुलिस का दावा है कि आरोपियों को उम्मीद थी कि इस जगह पर वारदात करने से वे आसानी से बच निकलेंगे.

पुलिस के मुताबिक, हाबिल और फारूक बाइक से उस अस्पताल के पास पहुंचे जहां सोफिया काम करती थी. इसके बाद दोनों सोफिया को बाइक पर अपने साथ ले गए. रास्ते में हाबिल के पास हथौड़ा था. आरोप है कि सुनसान जगह पहुंचने के बाद उसने हथौड़े से सोफिया के सिर पर हमला किया और उसे बाइक से नीचे गिरा दिया.

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बाइक से ले गए थे लाश

पुलिस के अनुसार, सोफिया की मौत के बाद भी पिता और भाई ने कथित तौर पर वारदात को छिपाने की कोशिश जारी रखी. दोनों उसके शव को बाइक पर लेकर आगे बढ़े और बाद में उसे सड़क किनारे रख दिया. इसके बाद हाबिल ने खुद को घायल किया और बाइक को भी क्षतिग्रस्त किया, ताकि पूरी घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी दिखाई दे.

इसके बाद आरोपियों ने पुलिस के सामने अज्ञात वाहन की कहानी बताई. उनका दावा था कि पीछे से आए किसी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मारी और इसी हादसे में सोफिया की मौत हुई. पुलिस के मुताबिक, यह पूरी कहानी जांच को भटकाने के लिए बनाई गई थी. बाद में CCTV फुटेज, घटनास्थल की जांच और पूछताछ से कथित साजिश का खुलासा हुआ.

शुरुआती तौर पर ट्रैफिक पुलिस इस मामले को सड़क दुर्घटना मानकर जांच कर रही थी. लेकिन करीब एक महीने तक चली जांच में पुलिस को हादसे की कहानी पर शक होने लगा. सबूतों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना. इसके बाद एम डिवीजन पुलिस ने पिता और बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया.

पुलिस ने मोहम्मद फारूक नवाबखान और मोहम्मद हाबिल फारूक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर सोफिया की हत्या कर उसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस हत्या की साजिश, घटनास्थल तथा आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

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