कोरोना: देश के कई राज्यों में जवानों को दिया जा रहा ये इम्युनिटी बूस्टर

हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा था कि कोरोना में आयुष चिकित्सा की भूमिका अहम है. उन्होंने यह भी बताया था कि आयुष मंत्रालय के जरिए देश भर के आयुष चिकित्सकों को इम्युनिटी बूस्टर पर दिशा-निर्देश भेजे जा चुके हैं.

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एमिनिटी प्लस के सहारे इम्युनिटी बढ़ा रहे राज्य एमिनिटी प्लस के सहारे इम्युनिटी बढ़ा रहे राज्य

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:48 PM IST
  • सात लाख आयुष चिकित्सकों को गाइडलाइन
  • एमिनिटी प्लस के सहारे इम्युनिटी बढ़ा रहे राज्य
  • आयुष चिकित्सकों को इम्युनिटी बूस्टर पर निर्देश

कोरोना का कहर जारी है. सरकार इससे बचने के लिए तमाम उपायों पर जोर दे रही है. इसी कड़ी में अब ज्यादात्तर राज्य इम्युनिटी बढ़ाने की राह पर हैं. तमिलनाडु से लेकर दिल्ली और पंजाब तक में जवानों को भी इम्युनिटी बूस्टर दिए जा रहे हैं. देश के करीब सात लाख आयुष चिकित्सकों को गाइडलाइंस भी भेजी जा चुकी हैं.

दरअसल, हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा था कि कोविड महामारी के प्रबंधन में आयुष चिकित्सा की भूमिका अहम है. उन्होंने यह भी बताया था कि आयुष मंत्रालय के जरिए देश भर के आयुष चिकित्सकों को इम्युनिटी बूस्टर पर दिशा-निर्देश भेजे जा चुके हैं. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए गिलोय, अश्वगंधा और तुलसी इत्यादि औषधियों से निर्मित काढ़ा का इस्तेमाल जवान कर रहे हैं. जवानों को आयुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा रही है जिसमें काढ़ा के अलावा औषधियों से बनीं दवाएं शामिल हैं.

पंजाब में भी कुछ ही समय पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पुलिस जवानों को किट वितरित करने का फैसला लिया था. इसमें एमिनिटी प्लस के अलावा मास्क, ऑक्सीमीटर और औषधियों से निर्मित दवाएं शामिल हैं. एमिनिटी प्लस का निर्माण करने वाले एमिल फॉर्मास्युटिकल के कार्यकारी निदेशक डॉ. संचित शर्मा ने बताया कि एमिनिटी प्लस को 51 जड़ी बूटियों से बनाया है. इनमें अश्वगंधा, गुडुची, सुंठी, हरद बड़ी, यास्तीमधु, आमला, मजीठा, हरिद्रा, नीम इत्यादि शामिल हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा इसमें मौजूदा एंटी आक्सीडेंट तत्व शरीर में मौजूदा जहरीले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार हैं.

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वहीं तमिलनाडु सरकार ने भी अपने यहां इम्युनिटी बूस्टर का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. इसे लेकर किट वितरण का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा है कि अब तक कोरोना वायरस का कारगर उपचार सामने नहीं आया है. ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना ही एकमात्र विकल्प है.

उधर आयुष मंत्रालय ने बताया कि इम्युनिटी बूस्टर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ई-मैराथन का निर्णय लिया गया है. 28 सिंतबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन का समापन आयुष फॉर इम्युनिटी अभियान के विहारा केंद्र बिंदु के साथ होगा. प्रतिभागी अपनी पंसद की जगह पर भाग ले सकेंगे.

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