केंद्र सरकार ने पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम समेत छोटी बचत योजनाओं के ब्याज का ऐलान कर दिया है. स्माल सेविंग स्कीम या छोटी बचत योजनाओं के ब्याज की घोषणा अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए किया गया है.
केंद्र सरकार के फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से इस ब्याज ऐलान किया है. सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए इन योजनाओं के ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया है. ये पहले की तरह अनचेंज रहने वाली हैं. यानी आपको जितना पहले ब्याज मिलता था, उतना ही मिलता रहेगा. यह लगातार 9वीं तिमाही है, जब छोटी बचत योजनाओं के ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने बुधवार को इस निर्णय की घोषणा की. इस फैसले के अनुसार , 1 अक्टूबर, 2026 से शुरू होने वाली तिमाही के दौरान छोटी बचत योजनाओं द्वारा दिए जाने वाले प्रतिफल में कोई बदलाव नहीं होगा.
जुलाई-सितंबर 2026 के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें
| छोटी बचत योजना | ब्याज दर | कार्यकाल/लॉक-इन |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8.2% | 21 साल |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना | 8.2% | — |
| राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र | 7.7% | — |
| किसान विकास पत्र | 7.5% | — |
| 5 वर्षीय डाकघर सावधि जमा | 7.5% | 5 साल |
| मासिक आय योजना | 7.4% | — |
| सामान्य भविष्य निधि | 7.1% | 15 साल |
| डाकघर में 3 साल की सावधि जमा | 7.1% | 3 वर्ष |
| 2 वर्षीय डाकघर सावधि जमा | 7% | 2 साल |
| एक वर्ष की डाकघर सावधि जमा | 6.9% | 1 वर्ष |
| 5 वर्षीय आवर्ती जमा | 6.7% | 5 साल |
डाकघर बचत खाता 4%
किस आधार पर तय होती हैं छोटी बचत योजनाओं के ब्याज?
सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है. इस समीक्षा में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले लाभ, ब्याज दरें और बाजार, भू-राजनीतिक स्थितियों जैसे फैक्टर्स चेक करती है. इसके बाद ब्याज दर तय करती हैं. आखिरी बार अंतिम बदलाव अप्रैल 2024 में हुए, जब सरकार ने तीन वर्षीय डाकघर सावधि जमा पर ब्याज दर 7% से बढ़ाकर 7.1% कर दी थी. सुकन्या समृद्धि योजना पर भी दर 8% से बढ़ाकर 8.2% कर दी गई थी.
आजतक बिजनेस डेस्क