अगर आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अक्सर ट्रेन पकड़ते हैं, तो अब सीधे प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले एक बार इंक्वायरी विंडो पर जरूर चले जाएं. रेलवे ने यहां से चलने वाली 14 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदल दिए हैं. इनमें मगध एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रीडेवलपमेंट वर्क चल रहा है. कंस्ट्रक्शन और त्योहारों के सीजन में यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में ये बदलाव किए हैं. ऐसे में पुराने प्लेटफॉर्म के भरोसे रहने पर यात्रियों को आखिरी वक्त पर परेशानी हो सकती है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 14 ट्रेनें अब बदले हुए प्लेटफॉर्म से चल रही हैं. रेलवे इससे पहले भी करीब एक दर्जन ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदल चुका है. इसके अलावा 10 ट्रेनों को नई दिल्ली के बजाय दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट किया गया है. रेलवे का कहना है कि प्लेटफॉर्म में बदलाव का मकसद स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को अलग-अलग जगह बांटना और आवाजाही को बेहतर बनाना है. यात्रियों को नई व्यवस्था के हिसाब से प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं.
रोज लाखों यात्री करते हैं स्टेशन का उपयोग
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश की राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है. यहां से हर दिन 400 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही होती है और हर रोज करीब 5 लाख यात्री इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य जारी रखते हुए यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या को नियंत्रित करना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है. इसलिए स्टेशन पर चल रहा निर्माण कार्य भी बाधित न हो और ट्रेनों संचालन भी सुव्यवस्थित रहे, इसे ध्यान में रखकर रेलवे लगातार जरूरी बदलाव कर रहा है.
इन ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में हुआ है बदलाव
हादसे के बाद बढ़ी भीड़ नियंत्रण पर सख्ती
करीब डेढ़ साल पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और भगदड़ के दौरान जानलेवा हादसा हुआ था. इस घटना के बाद स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई स्तर पर बदलाव किए गए हैं. अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर अलग यात्री सुविधा शिविर बनाया गया है. उनके प्रवेश के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था भी की गई है. अब प्लेटफॉर्म पर भीड़ का दबाव कम करने के लिए ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले जा रहे हैं.
यात्रियों की संख्या देखकर तय हुए प्लेटफॉर्म
रेलवे अधिकारियों ने ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने का फैसला यात्रियों की संख्या और प्लेटफॉर्म की क्षमता को ध्यान में रखकर किया है. जिन ट्रेनों में ज्यादा यात्री सफर करते हैं, उन्हें अपेक्षाकृत लंबे और चौड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है. वहीं, कम यात्रियों वाली ट्रेनों को छोटे प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है. इसका मकसद यह है कि किसी एक प्लेटफॉर्म पर जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा न हो और यात्रियों की आवाजाही संतुलित बनी रहे.
रेलवे ने नई दिल्ली स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों को बदली हुई व्यवस्था के मुताबिक काम करने के निर्देश दिए हैं. कर्मचारियों को यात्रियों को सही प्लेटफॉर्म की जानकारी देने और उन्हें किसी तरह की परेशानी न होने देने के लिए कहा गया है. आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और स्टेशन की स्थिति के आधार पर प्लेटफॉर्म व्यवस्था में और बदलाव भी किए जा सकते हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क