आपने भी अक्सर ये सुना होगा कि गुजराती फैमिली के पास बहुत पैसा होता है और वे ऐशो-आराम से जीवन गुजारते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है कि गुजरात के लोग इतने अमीर क्यों होते हैं. आखिर वे कौन सा ऐसा तरीका अपनाते हैं या फिर कौन सा ऐसा काम करते हैं कि गुजरात के ज्यादातर परिवार अमीर बन जाते हैं... आज हम आपको उनके एक ऐसे ही सीक्रेट के बारे में बताएंगे, जिसके जरिए आप भी अमीर बन सकते हैं.
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल एडवाइजर प्रेम सोनी ने कहा कि कुछ गुजराती परिवार वित्तीय सुरक्षा, अनुशासन और लॉन्गटर्म पैसा जुटाने पर ज्यादा फोकस करते हुए मनी का मैनेजमेंट करते हैं. सोनी ने सोशल मीडिया पर गुजराती परिवारों के धन संबंधी 10 नियम शेयर किए हैं.
उन्होंने कहा कि गुजराती लोग बच्चों को अमीर दिखाने पर फोकस नहीं करते, बल्कि 'आर्थिक तौर पर असहाय' होने के लिए पालते हैं. वे लग्जरी चीजों से पहले प्रॉपर्टी खरीदने, इनकम का सोर्स बनाने तक पर फोकस रहते हैं. आइए जानते हैं गुजरातियों के मनी रिलेटेड 10 रूल क्या है...
गाड़ी खरीदने से पहले जमीन खरीदें
सोनी ने सबसे प्रभावशाली सुझाव में से एक दिखावे के लिए चीजें खरीदने की जगह प्रॉपर्टी को प्राथमिकता देना है. वे सलाह देते हैं कि गुजराती लोग लग्जरी कार खरीदने से पहले जमीन खरीदने पर फोकस रहते हैं. उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति मजबूत होने तक जीवनशैली में सुधार लाने के खर्चों को टाल देना चाहिए.
वेतन कोई स्थायी सुरक्षा नहीं
नियमित वेतन का मतलब स्वतः ही वित्तीय स्थिरता होता है. उनके नियमों में से एक यह है कि वेतन तभी तक सुरक्षित है जब तक कंपनी आपको छोड़ न दे या कंपनी आपको निकाल ना दे. अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी भी छूट सकती है, इसलिए बचत, निवेश और आय के अतिरिक्त सोर्स बनाना चाहिए.
योग्यता के साथ प्रतिष्ठा के भी मायने
उन्होंने एक नियम यह भी बताया कि आपकी प्रतिष्ठा आपकी डिग्री से कहीं अधिक पैसा उधार दिला सकती है. उनका तात्पर्य यह है कि विश्वसनीयता, भरोसेमंद और एक मजबूत कार्य अनुभव फाइनेंशियल कैपिटल के वैल्यूवेशन के रूप बन सकते हैं. योग्यताएं अवसर खोल सकती हैं, लेकिन प्रतिष्ठा ही यह तय करती है कि लोग किसी व्यक्ति को अवसरों, साझेदारी या लोन देने के लिए कितना भरोसा करने को तैयार हैं.
बच्चों को पैसों के बारे में कम उम्र से ही क्यों सीखना चाहिए?
सोनी का कहना है कि बच्चों को कम उम्र से ही फाइनेंशयिल एजुकेशन के बारे में सीखना चाहिए. ना कि फाइनेंशियल एजुकेशन से दूर रहना चाहिए.
फाइनेंशियल शर्तों के साथ रिश्तों की रक्षा करें
पैसा करीबी रिश्तों में भी जटिलताएं पैदा कर सकता है, इसीलिए सोनी रिश्ते को बचाने के लिए पैसे उधार देने की सलाह नहीं देते. उनका नियम है कि दोनों पक्षों की सुरक्षा के लिए शर्तों को स्पष्ट रूप से तय करना चाहिए.
आमदनी से कम खर्च
उनका कहना है कि गुजरात के लोग आमदनी से कम खर्च करते हैं. वे अपनी महत्वकांक्षाओं को कम किए बिना ही कम खर्च पर फोकस करते हैं.
पैसा जुटाने पर फोकस और बेकार धन को सेव करें
सोनी कहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने पर फोकस करना चाहिए, ना कि कम कमाई में ज्यादा खर्च पर फोकस. साथ ही काम के अलावा बचे अतिरिक्त धन को अलग-अलग जगहों पर निवेश और बचत करना चाहिए.
वित्तीय सुरक्षा
सोनी के अनुसार, पारिवारिक संपत्ति का अंतिम मापदंड कोई महंगी कार, लग्जरी लाइफस्टाइल या सफलता का बाहरी प्रदर्शन नहीं है. उनका अंतिम नियम कहता है कि परिवार की सबसे बड़ी शान यह नहीं है कि आप कितना खर्च करते हैं, बल्कि यह है कि अगली पीढ़ी को कभी किसी बात की चिंता न करनी पड़े.
आजतक बिजनेस डेस्क