पैसों की किल्लत में PF अकाउंट से भर सकते हैं अपना LIC प्रीमियम! जानें नियम और तरीका

Pay LIC Premium from PF: एलआईसी का प्रीमियम भरने की तारीख करीब आते ही अगर जेब खाली है, तो कई लोगों को उधार लेने की चिंता सताने लगती है. लेकिन अगर आप EPFO मेंबर हैं, तो एक ऐसी सुविधा आपके काम आ सकती है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

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आप ईपीएफओ के फॉर्म 14 का इस्तेमाल करके पीएफ अकाउंट से अपना LIC प्रीमियम भर सकते हैं. (Photo: ITG/@Gfx) आप ईपीएफओ के फॉर्म 14 का इस्तेमाल करके पीएफ अकाउंट से अपना LIC प्रीमियम भर सकते हैं. (Photo: ITG/@Gfx)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:01 PM IST

कई लोगों के लिए LIC का प्रीमियम भरने की तारीख आते ही एक अलग टेंशन शुरू हो जाती है. महीने का बजट पहले ही खिंचा हुआ है, ऊपर से अचानक कोई खर्च आ जाए तो प्रीमियम के पैसे जुटाना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में कई लोग रिश्तेदारों या दोस्तों से उधार लेकर या क्रेडिट कार्ड का सहारा लेकर पॉलिसी चालू रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन अगर आप EPFO मेंबर हैं, तो आपके पास एक ऐसा विकल्प भी हो सकता है, जिसके बारे में बहुत से लोगों को पता नहीं है- EPF खाते की रकम से LIC का प्रीमियम भरने की सुविधा.

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में LIC पॉलिसी के प्रीमियम के भुगतान के लिए फॉर्म 14 का प्रावधान है. EPFO की अपनी वेबसाइट पर भी फॉर्म 14 को 'फाइनेंसिंग LIC पॉलिसी' के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म के तौर पर बताया गया है.

इस सुविधा में सदस्य EPFO को निर्देश दे सकता है कि उसके PF खाते से रकम निकालकर LIC को प्रीमियम के तौर पर भुगतान किया जाए. फॉर्म 14 में शुरुआती प्रीमियम के साथ-साथ आगे देय प्रीमियम के लिए भी भुगतान की व्यवस्था का प्रावधान है.

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हर किसी को नहीं मिलेगी सुविधा

यहां एक जरूरी शर्त है. EPF खाते में इतनी रकम होनी चाहिए कि उससे कम से कम दो साल के LIC प्रीमियम का भुगतान किया जा सके. फॉर्म 14 के नियमों में सदस्यता की न्यूनतम अवधि और खाते में पर्याप्त रकम से जुड़ी शर्तें भी दी गई हैं. यानी सिर्फ EPFO का सदस्य होना काफी नहीं है. पहले यह देखना जरूरी है कि आपके EPF खाते में उपलब्ध रकम इस शर्त को पूरा करती है या नहीं.

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फॉर्म 14 से करना होगा आवेदन

अगर आप इस सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो फॉर्म 14 के जरिए EPFO को आवेदन देना होता है. फॉर्म में LIC पॉलिसी और प्रीमियम से जुड़ी जानकारी देनी होती है. आवेदन स्वीकार होने के बाद प्रीमियम की देय तारीख पर EPF खाते से रकम निकालकर LIC को भेजी जा सकती है. इसका मतलब यह है कि हर बार प्रीमियम की तारीख आने पर आपको अलग से पैसे जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती, बशर्ते आपने इस सुविधा के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर रखी हो.

यह सुविधा किस काम आती है?

मान लीजिए किसी व्यक्ति की LIC पॉलिसी का सालाना प्रीमियम ₹30,000 है. अचानक नौकरी चली गई या घर में कोई बड़ा खर्च आ गया और उस समय जेब में ₹30,000 नहीं हैं. ऐसी स्थिति में प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी की स्थिति प्रभावित हो सकती है.

अगर संबंधित व्यक्ति इस सुविधा की पात्रता पूरी करता है और EPF खाते में कम से कम दो साल के प्रीमियम के बराबर रकम है, तो वह फॉर्म 14 के जरिए EPF से LIC प्रीमियम भुगतान का विकल्प अपना सकता है. यानी मुश्किल समय में प्रीमियम के लिए अलग से उधार लेने की जरूरत कुछ मामलों में टाली जा सकती है.

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EPF का पैसा निकालना हमेशा सही नहीं

यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है. EPF की रकम आपकी रिटायरमेंट बचत का हिस्सा है. इसलिए सिर्फ इसलिए कि इस पैसे से LIC का प्रीमियम भरा जा सकता है, इसका मतलब यह नहीं कि हर बार इसी विकल्प का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आपके पास प्रीमियम भरने के लिए पर्याप्त पैसे हैं, तो सामान्य तौर पर EPF सेविंग्स को छेड़ने की जरूरत नहीं है. इस विकल्प को खासकर उस स्थिति में समझा जा सकता है, जब पैसों की वास्तविक कमी हो और पॉलिसी को जारी रखना जरूरी हो.

LIC प्रीमियम में देरी होने पर क्या होगा?

प्रीमियम की तारीख निकल जाने का मतलब हर पॉलिसी में तुरंत सब कुछ खत्म हो जाना नहीं है. LIC के मुताबिक सालाना, छमाही और तिमाही प्रीमियम में सामान्य तौर पर कम से कम 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है, जबकि मंथली प्रीमियम के लिए 15 दिन का ग्रेस पीरियड होता है. अगर इस अवधि में भी भुगतान नहीं किया जाता, तो पॉलिसी लैप्स हो सकती है. इसके बाद रिवाइवल का विकल्प पॉलिसी के नियमों के मुताबिक उपलब्ध हो सकता है. LIC के मुताबिक लैप्स्ड पॉलिसी को दोबारा चालू करने के लिए बकाया प्रीमियम, ब्याज और जरूरत पड़ने पर दूसरे दस्तावेज देने पड़ सकते हैं. अलग-अलग योजनाओं में रिवाइवल की अवधि और शर्तें अलग हो सकती हैं.

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सिर्फ LIC प्रीमियम के लिए है यह सुविधा

EPF से LIC प्रीमियम भुगतान की यह सुविधा किसी भी तरह के सामान्य खर्च के लिए पैसे निकालने का विकल्प नहीं है. EPFO इसे खास तौर पर LIC पॉलिसी की फाइनेंसिंग के लिए फॉर्म 14 के जरिए उपलब्ध कराता है. इसलिए अगर आपके ऊपर घर का किराया, स्कूल फीस, क्रेडिट कार्ड बिल या कोई दूसरा खर्च है, तो इस सुविधा के तहत EPF से सीधे उसका भुगतान नहीं किया जा सकता.

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इस्तेमाल करने से पहले ये 4 बातें जरूरी

अगर आप इस विकल्प के बारे में सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी LIC पॉलिसी की स्थिति और प्रीमियम की ड्यू डेट देखें. इसके बाद EPF खाते में उपलब्ध रकम चेक करें. यह भी सुनिश्चित करें कि खाते में कम से कम दो साल के LIC प्रीमियम के बराबर रकम की शर्त पूरी हो रही है. सबसे जरूरी बात, EPF को रिटायरमेंट के लिए जमा पैसा समझें. इसलिए इसे LIC प्रीमियम के लिए इस्तेमाल करने का फैसला तभी करें, जब वास्तव में इसकी जरूरत हो और आपकी पॉलिसी की शर्तें इस विकल्प की अनुमति देती हों.

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