अगर आप अक्टूबर में ट्रेन से सफर करने वाले हैं, तो इस बार सिर्फ टिकट जेब में रखना काफी नहीं होगा. 1 अक्टूबर से रेलवे टिकट चेकिंग को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है. इस दौरान यात्रियों के टिकट के साथ उनकी पहचान और पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जाएंगे. खासकर अगर आपने कंसेशन, किसी खास आरक्षण कोटे, ई-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) के जरिए टिकट लिया है, तो सफर के दौरान जरूरी कागज साथ रखना बेहद जरूरी होगा.
भारतीय रेलवे में 'प्रिविलेज टिकट ऑर्डर' (PTO) एक कंसेशनल ट्रैवल वाउचर है, जो पात्र रेलवे कर्मचारियों और रिटायर हो चुके कर्मचारियों को जारी किया जाता है. इसके जरिए वे सामान्य यात्री किराए के एक-तिहाई (33%) दाम पर ट्रेन का टिकट खरीद सकते हैं.
1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाएगा. इस दौरान रेलवे कर्मचारी यह देखेंगे कि यात्री के पास मौजूद टिकट सही है या नहीं और उस टिकट पर यात्रा करने वाला व्यक्ति उसके लिए पात्र भी है या नहीं. यानी अब जांच सिर्फ यह देखने तक सीमित नहीं रहेगी कि आपके पास टिकट है या नहीं. टिकट किस आधार पर मिला है और उसके लिए जरूरी पात्रता पूरी होती है या नहीं, इसकी भी जांच हो सकती है.
किन यात्रियों को दस्तावेज रखना होगा?
सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ डॉ. स्वप्निल नीला के मुताबिक, कंसेशन या निर्धारित रिजर्वेशन कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को तय ओरिजिनल आईडी कार्ड साथ रखना होगा. अगर एक टिकट पर कई यात्री यात्रा कर रहे हैं, तो कम से कम एक यात्री के पास रेलवे के नियमों के मुताबिक जरूरी आईडी कार्ड होना चाहिए. रेलवे कर्मचारी जांच के दौरान इन दस्तावेजों को देखकर यह सत्यापित कर सकते हैं कि टिकट सही यात्री के लिए जारी हुआ है या नहीं.
दस्तावेज नहीं मिला तो क्या होगा?
यह सबसे जरूरी बात है. रेलवे के मुताबिक, अगर जांच के समय जरूरी ओरिजिनल दस्तावेज नहीं मिला, तो टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को लागू नियमों के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है. यानी आपके पास टिकट होने के बावजूद दस्तावेज की कमी परेशानी खड़ी कर सकती है. इसलिए अगर टिकट किसी कंसेशन या विशेष कोटे के तहत लिया गया है, तो सफर से पहले दस्तावेज जरूर जांच लें.
रेलवे कर्मचारी कंसेशन और निर्धारित रिजर्वेशन कोटे वाले टिकटों के अलावा ई-पास और पीटीओ से यात्रा करने वालों की भी जांच करेंगे. ऐसे यात्रियों को भी अपना ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा. इसके अलावा यात्रा शुरू करने से पहले ई-पास या पीटीओ को तय अधिकारी से नियम के मुताबिक एक्सचेंज कराना जरूरी होगा.
बिना रिजर्वेशन वाले टिकटों की भी जांच
इस विशेष अभियान में अनारक्षित टिकटों की भी जांच होगी. रेलवे का टिकट एग्जामिनर जरूरत पड़ने पर टीटीई ऐप की मदद से टिकट की पुष्टि और जांच कर सकते हैं. इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास सीट आरक्षित नहीं है और आप अनारक्षित टिकट पर सफर कर रहे हैं, तब भी टिकट की वैधता जांची जा सकती है.
कौन-कौन सी आईडी मान्य होगी?
रेलवे के मुताबिक, यात्रा के दौरान पहचान के लिए कई दस्तावेज मान्य हैं. इनमें शामिल हैं...
ध्यान रखें कि जिन यात्रियों के टिकट में किसी तरह की पात्रता जुड़ी है, उनके लिए सिर्फ कोई भी पहचान पत्र होना ही पर्याप्त नहीं हो सकता. जरूरत के मुताबिक पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी दिखाने पड़ सकते हैं.
रेलवे क्यों चला रहा है यह अभियान?
सेंट्रल रेलवे के मुताबिक, इस चेकिंग अभियान का मकसद टिकट और रिजर्वेशन से जुड़ी गड़बड़ियों पर रोक लगाना है. रेलवे खास तौर पर राजस्व के नुकसान को रोकने, रिजर्वेशन के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने और कंसेशन, पास या अन्य सुविधाओं के फर्जी इस्तेमाल को रोकने पर ध्यान देगा.
आजतक बिजनेस डेस्क