आधी कीमत में मिल रहा घर, लेकिन जुड़ी है मौत की कहानी... ताइवान में ‘मर्डर हाउस’ का ट्रेंड

इस तरह ताइवान में बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों ने एक ऐसा बाजार भी सामने ला दिया है, जहां कम कीमत का घर पाने के लिए खरीदारों को उस घर के अतीत और उससे जुड़ी सामाजिक-धार्मिक मान्यताओं को स्वीकार करना पड़ता है.

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ताइवान में आधी कीमत पर बिक रहे घर (Photo-Pixabay) ताइवान में आधी कीमत पर बिक रहे घर (Photo-Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

ताइवान में घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है. ऐसे में कुछ खरीदार कम कीमत में अपना घर पाने के लिए ऐसे मकानों का रुख कर रहे हैं, जिनसे जुड़ी पुरानी मौतों की कहानी उन्हें सामान्य प्रॉपर्टी से काफी सस्ते दाम पर घर उपलब्ध करा सकती है. इन घरों को स्थानीय भाषा में ‘श्योंग झाई’ (Xiong Zhai) कहा जाता है. आमतौर पर ऐसे घरों में पहले किसी व्यक्ति की हिंसक या परेशान करने वाली परिस्थितियों में मौत हुई होती है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, मौत जितनी हिंसक या असामान्य मानी जाती है, उस प्रॉपर्टी की कीमत उतनी ही कम हो सकती है. कुछ मामलों में ऐसे मकान सामान्य बाजार कीमत के मुकाबले करीब 50 फीसदी तक कम दाम में बिकते हैं.

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ताइवान की अर्थव्यवस्था इस समय तेजी से बढ़ रही है. 2026 की पहली छमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर उद्योगों की बड़ी भूमिका रही. हालांकि, आर्थिक विकास के बावजूद हर व्यक्ति के लिए घर खरीदना आसान नहीं हुआ है.

यही वजह है कि कुछ खरीदार प्रॉपर्टी से जुड़े सामाजिक और धार्मिक डर को नजरअंदाज कर कम कीमत वाले ऐसे घर खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं.

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बैंक भी ऐसे घरों को कर्ज देने से बचते हैं

इन मकानों की कीमत कम होने के बावजूद इन्हें खरीदना आसान नहीं है. सबसे बड़ी दिक्कत बैंक लोन को लेकर आती है. बैंक ऐसे घरों के लिए कर्ज देने में हिचकिचाते हैं, क्योंकि अगर खरीदार भविष्य में लोन नहीं चुका पाता तो प्रॉपर्टी को दोबारा बेचना मुश्किल हो सकता है.

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ताइवान भले ही दुनिया के प्रमुख तकनीकी और सेमीकंडक्टर केंद्रों में शामिल है, लेकिन वहां पारंपरिक आध्यात्मिक मान्यताओं का प्रभाव अभी भी देखा जाता है.

जो लोग ‘श्योंग झाई’ खरीदते हैं, उनमें से कई नए घर में रहने से पहले विशेष धार्मिक अनुष्ठान करवाते हैं. इन रस्मों का उद्देश्य घर में मौजूद मानी जाने वाली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना और मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना होता है.

आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़े लोगों के मुताबिक, इन अनुष्ठानों के जरिए घर को साफ करने और वहां रहने वाले नए लोगों पर पिछली घटना का कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़ने की कामना की जाती है.

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