किराये के घरों की मांग 16% बढ़ी, जानिए किरायेदारों की पहली पसंद कौन से शहर

अगर आप किराये का घर तलाश रहे हैं, तो आपकी पसंद और बजट अब रेंटल मार्केट की दिशा तय कर रहे हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में किराये के घरों की मांग में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि उपलब्धता में सिर्फ 4.5 फीसदी का इजाफा हुआ.

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2 BHK और सेमी-फर्निश्ड पहली पसंद (Photo-ITG) 2 BHK और सेमी-फर्निश्ड पहली पसंद (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

भारत के आवासीय किराये के बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. मैजिकब्रिक्स के ताजा रेंटल इंडेक्स के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 के दौरान किराये के घरों की तलाश करने वाले लोगों की संख्या पिछली तिमाही के मुकाबले 16% बढ़ी. वहीं, किराये के लिए उपलब्ध घरों की संख्या में सिर्फ 4.5% की बढ़ोतरी हुई. इससे पता चलता है कि किराये के घरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उस अनुपात में घर उपलब्ध नहीं हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भारत में किराये के घरों की तलाश से जुड़े बाजार में सालाना करीब 7.53 लाख करोड़ रुपये की संभावित मांग है. 2024 से 2026 के बीच यह बाजार औसतन 2.4% सालाना की दर से बढ़ा है. इससे यह भी पता चलता है कि किराये का घर तलाशने में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है.

10 से 30 हजार रुपये किराये वाले घरों की ज्यादा मांग

किरायेदार ऐसे घर पसंद कर रहे हैं, जहां किराया उनकी जेब के मुताबिक हो और रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं भी मिलें. 10,000 से 20,000 रुपये महीने के किराये वाले घरों की मांग सबसे ज्यादा 35% है. इसके बाद 20,000 से 30,000 रुपये वाले घरों की मांग 21% है.

घर के आकार की बात करें तो 2 BHK सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. कुल किराये की मांग में इनकी हिस्सेदारी 46% है. इसके बाद 1 BHK घरों की मांग 30% है. 500 से 1,000 वर्ग फुट के घर भी किरायेदारों की पसंद बने हुए हैं. इस आकार के घरों की कुल किराये की मांग में 46% हिस्सेदारी है.

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सेमी-फर्निश्ड घर सबसे ज्यादा पसंद

किराये का घर तलाशते समय फर्निशिंग भी लोगों के लिए अहम है. रिपोर्ट के मुताबिक, 55% किरायेदार सेमी-फर्निश्ड घर पसंद कर रहे हैं. ऐसे घरों में जरूरी सुविधाएं पहले से मौजूद होती हैं, जबकि किरायेदार अपनी जरूरत के हिसाब से बाकी चीजें जोड़ सकते हैं.

रिपोर्ट में किराये के घरों की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर भी सामने आया है। किरायेदारों की सबसे ज्यादा तलाश 10,000 से 30,000 रुपये के किराये वाले घरों की है, जबकि उपलब्ध घरों का एक बड़ा हिस्सा इससे ज्यादा किराये वाली श्रेणी में है.

ग्रेटर नोएडा में किराये के घरों की मांग सबसे तेज

अलग-अलग शहरों में किराये के घरों की मांग में अलग-अलग तरह की तेजी देखने को मिली. ग्रेटर नोएडा में पिछली तिमाही के मुकाबले किराये के घरों की मांग 32.5% बढ़ी, जो सबसे ज्यादा है. इसके बाद दिल्ली में 30.6%, कोलकाता में 27% और नोएडा में 25.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

देशभर में किराये के घरों के दाम भी बढ़े हैं. अप्रैल-जून तिमाही में किराये की कीमतों में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% और पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6.2% की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, अलग-अलग शहरों में किराये की कीमतों में बदलाव एक जैसा नहीं रहा.

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