नोएडा अथॉरिटी ने एक नई सार्वजनिक चेतावनी जारी कर लोगों से सालारपुर खादर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर गांवों के कुछ खास खसरा नंबरों के तहत आने वाली संपत्तियों को न खरीदने या बेचने के लिए कहा है. अथॉरिटी का कहना है कि इन जमीनों को पहले ही अधिग्रहित या अधिसूचित किया जा चुका है और यहां अवैध निर्माण और अतिक्रमण देखा गया है.
अथॉरिटी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि खरीदार जमीन के रिकॉर्ड की जांच किए बिना इन क्षेत्रों में संपत्ति खरीदते हैं, तो उन्हें कानूनी और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
अपने पब्लिक नोटिस में नोएडा अथॉरिटी ने कहा कि ग्राम सालारपुर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर में कुछ व्यक्तियों/भू-माफियाओं/अतिक्रमणकारियों ने नोएडा अथॉरिटी द्वारा अधिसूचना, अधिग्रहण और पट्टे के माध्यम से प्राप्त भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर लिया है. अथॉरिटी ने आगे बताया कि वह समय-समय पर तोड़फोड़ और सीलिंग अभियान चलाती रही है, अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और कई अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है.
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अथॉरिटी ने क्यों दी चेतावनी
अथॉरिटी ने यह भी साफ किया है कि उसने इन चिन्हित जमीनों पर किसी भी बिल्डिंग प्लान को मंजूरी नहीं दी है. अथॉरिटी द्वारा इन खसरा नंबरों पर किसी भी इमारत या प्लॉट के लिए कोई बिल्डिंग प्लान स्वीकृत नहीं किया गया है. इन जमीनों पर किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह से अवैध है, और यहां बिजली, पानी, सीवरेज, सड़क या नाली जैसी कोई भी बुनियादी नागरिक सुविधाएं प्रदान नहीं की जाएंगी.
चेतावनी के दायरे में कौन से क्षेत्र हैं?
सालारपुर खादर
भंगेल बेगमपुर
हाजीपुर
अधिसूचित किए गए खसरा नंबर इस प्रकार हैं- सालारपुर खादर: 700–711, 723, 724, 728–735, 745–752, 759, 760, 762–764, 779, 780 और 795–798, भंगेल बेगमपुर: 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251.
प्रभावित जमीनों की पहचान करने में मदद के लिए इस नोटिफिकेशन में संबंधित स्थानों को दर्शाने वाले नक्शे और सैटेलाइट तस्वीरें भी शामिल की गई हैं.
घर खरीदारों के लिए यह क्यों मायने रखता है?
मान लीजिए कि कोई आपको सालारपुर खादर में एक प्लॉट बेच रहा है. यदि वह प्लॉट उदाहरण के लिए खसरा नंबर 730 के अंतर्गत आता है, तो वह इस हालिया चेतावनी के दायरे में आएगा. भले ही वह प्रॉपर्टी भौतिक रूप से वहां मौजूद हो और उस पर इमारतें भी बनी हों, फिर भी अथॉरिटी के अनुसार वह भूमि अधिसूचित या अधिग्रहित जमीन का हिस्सा है जहां निर्माण करना अवैध है. ऐसी संपत्ति खरीदने से खरीदार पर तोड़फोड़ की कार्रवाई का खतरा मंडराएगा, नागरिक सुविधाएं नहीं मिलेंगी और लंबे समय तक कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है.
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