सैलरी ₹32 लाख, फिर भी घर की EMI ने निकाला दम, युवक ने बयां किया दर्द

भारतीय में घर खरीदने का फैसला जितना बड़ा होता है, उससे जुड़े वित्तीय जोखिम भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं. हाल ही में Reddit पर वायरल हो रहे एक पोस्ट ने होम लोन और फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर युवाओं की आंखें खोल दी हैं.

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घर खरीदकर फंसा युवक (Photo-AI Generated) घर खरीदकर फंसा युवक (Photo-AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST

एक शख्स ने ₹1.5 करोड़ का अपार्टमेंट खरीदने के बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसी बात साझा की है, जिसने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है. युवक का कहना है कि उसकी कमाई में आई मंदी के कारण अब उसके लिए घर के लोन की ईएमआई और बाकी खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है और उसे इस खरीदारी पर पछतावा है.

Reddit पर लिखे अपने पोस्ट में उसने बताया कि करीब एक साल पहले जब उसकी आर्थिक स्थिति ठीक लग रही थी, तब उसने यह प्रॉपर्टी खरीदी थी, उसने लिखा, "मैंने करीब एक साल पहले ₹1.5 करोड़ का एक अपार्टमेंट खरीदा था. 2024 में मेरी सालाना कमाई लगभग ₹25 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर ₹32 लाख हो गई. हालांकि, पिछली दो तिमाहियों से मेरे बिजनेस को बड़ा झटका लगा है. मेरी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा इंसेंटिव और कमीशन पर निर्भर करता है, इसलिए मेरी मासिक कमाई काफी कम हो गई है."

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शख्स ने बताया कि अब उसकी 'टेक-होम' सैलरी से घर के लोन की EMI और तयशुदा मासिक खर्चे ही बमुश्किल पूरे हो पा रहे हैं. इस वित्तीय तनाव से निपटने के लिए वह अब एक 'साइड गिग' शुरू करने की योजना बना रहा है. अतीत को याद करते हुए उसने कहा कि घर खरीदने के फैसले को टाल देना ही बेहतर होता. उसने लिखा, "घर खरीदने के फैसले को कुछ समय के लिए रोक देना ही समझदारी होती, लेकिन अब मैं इस बारे में कुछ नहीं कर सकता."

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उसकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं, उसने बताया कि अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद उसे सोसायटी मेंटेनेंस चार्ज और कंस्ट्रक्शन रिपेयर के नाम पर अचानक ₹2.5 लाख खर्च करने पड़े. इसके अलावा, प्लंबिंग की दिक्कतों को ठीक कराने में भी करीब ₹50,000 और खर्च होने की आशंका है. शख्स ने यह भी खुलासा किया कि उसके सेविंग्स अकाउंट में इमरजेंसी फंड घटकर सिर्फ ₹5 लाख रह गया है, जबकि ₹10 लाख म्यूचुअल फंड और पीपीएफ (PPF) में इन्वेस्टेड हैं, जिन्हें वह निकालना नहीं चाहता.

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सोशल मीडिया पर लोगों ने दी सलाह

इस पोस्ट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, और कई लोगों ने उसे मुश्किलों के बावजूद प्रॉपर्टी बेचने की सलाह दी. एक यूजर ने सलाह दी: "इसे बेचने की कोशिश करो. रीसेल अपार्टमेंट बेचना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन अगर बिना किसी मुनाफे के भी बेचना पड़े, तो थोड़ा नुकसान उठाकर बेच दो और आगे बढ़ो."

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दूसरे यूजर ने कमेंट किया-  "सभी युवाओं के लिए फैंसी सुविधाओं वाले बड़े घर खरीदने के 'FOMO' में न फंसें. आखिरकार, आपको ही अपने फाइनेंस और परिवार के खर्चों को संभालना है. इस मामले में, घर बेचना समझदारी है, लेकिन कहना आसान है और करना मुश्किल. अगर आपको घर का पजेशन मिल चुका है, तो इसे बेचना आसान होगा, या फिर आप बिल्डर से बात करके बुकिंग कैंसिल करा सकते हैं और जो भी पैसा दिया है, उसे वापस ले सकते हैं."

एक अन्य यूजर ने लिखा: "मैं ऐसे बहुत कम लोगों से मिला हूं जो प्रॉपर्टी खरीदने के अपने फैसले पर पछताते हैं. देखो अगर तुम इस स्थिति से बाहर निकल सको, तो इसे पास में ही रखने की कोशिश करो. सोसायटी का इतना भारी मेंटेनेंस वाकई निराशाजनक है, लेकिन तुम प्रॉपर्टी पर होने वाले अन्य सभी खर्चों को सीमित कर सकते हो."

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