इधर ट्रंप की करारी हार, उधर अमेरिकी मार्केट में तेजी के संकेत, क्या यही चाहता था बाजार?

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजे ट्रंप की पार्टी के पक्ष में नहीं आने के बाद अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. साथ ही भारतीय बाजार में भी अच्‍छी तेजी है. चीनी बाजार में तो गजब की रैली है.

Advertisement
अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी का अनुमान. (Photo: ITG) अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी का अनुमान. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:34 PM IST

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद शेयर बाजारों में एक अलग ही उत्‍साह दिखाई दे रहा है.  अमेरिकी बाजार में भी शानदार तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. साथ ही एशियाई बाजार भी अच्‍छी तेजी पर हैं. हालांकि, भारतीय बाजार में यह तेजी सिर्फ अमेरिकी मिडटर्म चुनावों को नहीं माना जा सकता है, क्‍योंकि यहां पर LTCG और कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट का असर भी है. 

Advertisement

दरअसल, अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों- सीनेट और प्रतिनिधि सभा, में बहुमत हासिल कर लिया है. इसे ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जनता की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है. इस बार, डेमोक्रेट्स 435 सीटों वाले US हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में 224 सीटों और सीनेट में 54 सीटों पर आगे चल रहे थे. US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से हैं. 

अब इसी नतीजों को लेकर अमेरिकी बाजार में भी तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं. डाऊ फ्यूचर में गजब की तेजी देखी जा रही है, जो 330 अंक या 0.64 फीसदी चढ़कर 52116 पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, नतीजे आने से पहले यही डाऊ फ्यूचर एक फीसदी गिरा था. ऐसे में देखा जाए तो निचले स्‍तर से करीब 2 फीसदी चढ़ गया है. 

Advertisement

चीनी मार्केट में भी शानदार तेजी
इस नतीजे के बाद 2.16% चढ़कर 3,686.17 पर कारोबार कर रहा है और हेंगसेंग में 1.67 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, कोस्‍पी में 0.62 फीसदी की उछाल आई है और ब्रिटेन का मार्केट 0.30 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहा है.

भारतीय बाजार में भी शानदार तेजी
भारतीय बाजार का प्रमुख इंडेक्‍स सेंसेक्‍स और निफ्टी में भी अच्छी तेजी आई है. हालांकि, इसकी वजह कच्‍चे तेल में करीब एक फीसदी की गिरावट और एलटीसीजी में कटौती की बढ़ती उम्‍मीद है. निफ्टी 100 अंक चढ़ा है, जबकि सेंसेक्‍स 350 अंक से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है. 

इतिहास क्‍या कहता है? 
US मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने आने वाले समय में एक जरूरी बदलाव दिखाया. 1982 से अब तक हुए पिछले 11 मौकों के पुराने डेटा से पता चलता है कि आठ मौकों पर, US बेंचमार्क S&P 500 ने अगले तीन महीनों में औसतन 10 परसेंट का पॉजिटिव रिटर्न दिया. ICICI डायरेक्ट ने बताया कि भारत में, स्टॉक इंडेक्स ने 1982 से छह मौकों पर औसतन 12 परसेंट का पॉजिटिव रिटर्न दिया.

एक्सिस बैंक में इकोनॉमिक रिसर्च के सीनियर VP तनय दलाल ने कहा कि US मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक बढ़त कई जानकारों की उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत लग रही है, और कई पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन के मज़बूत गढ़ दबाव में आ रहे हैं.

Advertisement

उन्होंने कहा कि इसका एक संभावित नतीजा यह हो सकता है कि AI रेगुलेशन के लिए ज़्यादा बंटा हुआ तरीका अपनाया जाए. भारत के लिए, यह एक अच्छा डेवलपमेंट हो सकता है, क्योंकि कम एक जैसा रेगुलेटरी माहौल आउटसोर्स टेक्नोलॉजी और बिजनेस सर्विसेज़ एक्सपोर्ट की मांग को बनाए रख सकता है. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »