Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल हुआ महंगा... डीजल के भी बढ़े दाम, यहां अचानक सरकार ने दे दिया झटका

Petrol-Diesel Price Hike: अमेरिका-ईरान में जंग फिर से तेज होने के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, तो वहीं पाकिस्तान में सरकार ने अचानक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं.

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पेट्रोल-डीजल के नए रेट बुधवार से हो गए लागू. (Photo: Reuters) पेट्रोल-डीजल के नए रेट बुधवार से हो गए लागू. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST

पाकिस्तान (Pakistan) में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल पर महंगाई (Petrol-Diesel Price Hike) का बम फू़टा है. शहबाज शरीफ सरकार ने जहां पेट्रोल की कीमत में 1.08 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, तो वहीं हाई-स्पीड डीजल का दाम (HSD Price) भी 0.51 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. पेट्रोल-डीजल की ये बढ़ी हुई कीमतें बुधवार 2 सितंबर से लागू कर दी गई हैं. 

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पेट्रोल-डीजल की ये नई कीमतें
पाकिस्तान सरकार द्वारा फ्यूल प्राइस में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब 1 लीटर पेट्रोल की रिटेल कीमत बढ़कर 343.87 रुपये प्रति लीटर हो गई है, तो वहीं हाई स्पीड डीजल का दाम उछलकर 370.92 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार पेट्रोल पर 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगाना जारी रखेगी.

मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरान हाई पर थे दाम 
भले ही पाकिस्तान में बुधवार को पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है, लेकिन फ्यूल प्राइस अभी भी अप्रैल महीने के अपने हाई लेवल से काफी सस्ता है. बता दें कि मिडिल ईस्ट युद्ध जब चरम पर था, तो उस समय दुनिया के तमाम देशों के साथ ही पाकिस्तान में भी पेट्रोल-डीजल का भाव आसमान पर पहुंच गया था.

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28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर अटैक शुरू किए थे और उस दिन पाकिस्तान में High Speed Diesel Price 281 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन 3 अप्रैल को ये अपने हाई लेवल 520.35 रुपये पर पहुंच गया. ऐसे में ताजा बढ़ोतरी के बाद भी डीजल की कीमत अपने हाई से अभी काफी नीचे है. 

Diesel की तरह ही पेट्रोल की कीमत में भी अमेरिका-ईरान में पहले चरण के युद्ध के दौरान जोरदार उछाल आया था. मार्च महीने के पहले सप्ताह में Pakistan Petrol Price 266 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन जैसे-जैसे वेस्ट एशिया में युद्ध बढ़ा, तो 3 अप्रैल आते-आते पेट्रोल की कीमत 458.41 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गई थी. 

सरकार ने पहले ही दिए थे संकेत 
अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जब थमा था, तो देश में पेट्रोल-डीजल सस्ता भी किया गया था. लेकिन, बीते 17 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने घोषणा करते हुए इस तरह के Price Hike का संकेत पहले ही दे दिया था.

उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच नए सिरे से शुरू हुई जंग के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अब ईंधन की कीमतें दैनिक आधार पर तय की जाएंगी, जो पहले पखवाड़े में की जाती थीं. 

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Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि मंत्रिमंडल और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shahbaz Sharif) ने तेल और गैस नियामक प्राधिकरण को अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर दैनिक आधार पर ईंधन की कीमतों का निर्धारण करने की जिम्मेदारी दी है. 

डीजल में बढ़ोतरी से आम जनता पर असर
बता दें कि पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट और छोटे वाहनों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में किया जाता है और इसकी कीमत में होने वाले किसी भी बदलाव से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग प्रभावित होते हैं. वहीं डीजल की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर सीधे तौर पर आम जनता पर दिखाई पड़ता है, क्योंकि Diesel का यूज मुख्य रूप से भारी परिवहन, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होता है.

पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) रेवेन्यू के प्रमुख सोर्स हैं, जिनकी मासिक बिक्री लगभग 700,000 से 800,000 टन है, जबकि केरोसिन की मासिक डिमांड सिर्फ 10,000 टन है.

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