Jio IPO: जियो का जन्म कैसे हुआ? ईशा अंबानी ने बताई 16 साल पुरानी कहानी

Jio IPO News: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ चर्चा में है. ₹30,213 करोड़ के इस आईपीओ के लिए कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,119 का ऊपरी मूल्य तय किया है. निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, यानी एक लॉट के लिए ₹13,428 खर्च करने होंगे.

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जियो प्लेटफॉर्म्स ने ₹30,213 करोड़ के आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹1,119 का अपर प्राइस बैंड तय किया है. (File Photo) जियो प्लेटफॉर्म्स ने ₹30,213 करोड़ के आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹1,119 का अपर प्राइस बैंड तय किया है. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

निवेशकों की नजरें रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल एंड टेलीकम्युनिकेशन यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के प्रस्तावित आईपीओ (IPO) पर टिकी हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स के सीनियर अफसर दोपहर 3:30 बजे इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें कंपनी के IPO से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

कंपनी ने अपने IPO के लिए प्रति शेयर ₹1,119 का टॉप बैंड तय किया है. वहीं, निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. इस हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए टॉप बैंड पर ₹13,428 खर्च करने होंगे. कंपनी ने 14 अक्टूबर को आईपीओ से जुड़ा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था. ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत से जुड़ी 16 साल पुरानी कहानी का जिक्र भी किया. 

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₹30,213 करोड़ का होगा Jio का IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ करीब ₹30,213 करोड़ का है. शेयर मार्केट में आने के साथ ही यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा. इस इश्यू पर निवेशकों के साथ-साथ शेयर बाजार की भी नजर है. जियो के आईपीओ की घोषणा का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी देखने को मिला. कंपनी के शेयर गुरुवार को करीब 3 फीसदी तक चढ़ गए और निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स वाले शेयरों में शामिल रहे.

कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹54 की छूट

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पात्र कर्मचारियों को भी छूट मिलेगी. एम्प्लॉयी रिजर्वेशन कैटेगरी के तहत बोली लगाने वाले योग्य कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 की छूट दी जाएगी. आईपीओ में जियो प्लेटफॉर्म्स के पात्र कर्मचारियों के लिए अधिकतम ₹500 करोड़ के शेयर रिजर्व रखने का प्रावधान है. इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए अधिकतम ₹2,500 करोड़ के शेयर रिजर्व किए गए हैं. इस तरह, आईपीओ में आम निवेशकों के साथ-साथ पात्र कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के योग्य शेयरधारकों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है.

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उदय कोटक ने बताया ऐतिहासिक
जियो आईपीओ को लेकर पीसी की शुरुआत में कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक ने संबोधन की शुरुआत की और रिलायंस की शुरुआत के पलों का जिक्र किया. उन्होंने Jio के बारे कहा कि इसने भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी को बदल दिया, जियो करोड़ों दिनों में बसता है. उदय कोटक ने कहा कि जियो का आईपीओ आना एक एतिहासिक पल. उन्होंने कहा कि ये देश का सबसे बड़ा आईपीओ है. 

आकाश अंबानी बोले- चीन के बाहर सबसे बड़ा 5G नेटवर्क
आकाश अंबानी ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि जियो ने भारत को डेटा-समृद्ध राष्ट्र में बदलने का काम किया है. उन्होंने कहा कि हमने इसे भारत को डेटा की कमी वाले राष्ट्र से डेटा की बहुल्यता वाले राष्ट्र में बदला है. आकाश अंबानी ने कहा, जियो के नेटवर्क के आंकड़े हमें दूसरों से अलग बनाते हैं. आज चीन के बाहर हम दुनिया के सबसे बड़े 5जी नेटवर्क हैं.

आकाश अंबानी ने आगे कहा कि हमने अपने ग्राहकों को बेहतर सर्विस देने और उन्हें ऐसी सेवाएं प्रदान करने के लिए अपना खुद का सिस्टम बनाया है, जिनका उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं किया था. जियो ने 7200 पेटेंट फाइल किए हैं. 

आकाश अंबानी ने बताया जियो का टारगेट
आकाश अंबानी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि जियो का मिशन विकसित भारत के तहत जियो को हाई क्‍वालिटी सर्विस प्रोवाइड कराना है. हमने जियो के तहत लोगों को बेहतर कनेक्टिव‍िटी प्रोवाइड कराते हुए देखा है. हम हरदिन सोचते हैं कि जियो के सर्विसेज को कैसे बेहतर बना सकते हैं. 

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आकाश ने कहा कि 53 करोड़ लोग जियो पर भरोसा कर रहे हैं. हम तेजी विकसित होने वाली डिजिटल कंपनी है. 53 फीसदी एबिटा मार्जिन रहा है. हमारा बिजनेज काफ हेल्‍दी रहा है. 3 साल पहले 5जी सर्विस शुरू की और आज सबसे ज्‍यादा यूजर्स हमारे पास हैं.

ईशा अंबानी ने बताई Jio की शुरुआत की कहानी
Jio IPO से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत की 16 साल पुरानी कहानी शेयर की. उन्होंने खुलासा किया कि जियो का आइडिया सबसे पहले साल 2011 में आया था. उन्होंने इससे जुड़ा दिलचस्प किस्सा बताते हुए कहा कि अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी में पढ़ रही थीं और छुट्टियों में जब भारत आईं, तो घर के धीमे इंटरनेट (स्लो स्पीड) के कारण अपना कॉलेज असाइनमेंट सबमिट नहीं कर पा रही थीं. तब भाई आकाश अंबानी ने मुझे डिजिटल का आइडिया सुनाया और एक कंपनी शुरू करने के बारे में बताया. आज हम 2026 में हैं और एक बेहतर पोजिशन में भी है. 

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