GST Meet Results: GST कम, त्योहार बम-बम! 5% और 18%... अब होंगे सिर्फ दो टैक्स स्लैब

GST काउंसिल की 56वीं बैठक में 5% और 18% के दो टैक्स स्लैब को मंजूरी दे दी गई. वित्त मंत्री ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी शेयर करते हुए बताया कि नए बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे.

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जीएसटी की बैठक में लिए गए बड़े फैसले जीएसटी की बैठक में लिए गए बड़े फैसले

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 12:17 AM IST

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक बुधवार को नई दिल्ली में शुरू हुई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी. वित्त मंत्री साफ किया कि अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब होंगे, जो 5% और 18% होंगे. मतलब अब 12 और 28 फीसदी के जीएसटी स्लैब को खत्म कर दिया गया है और इनमें शामिल ज्यादातर चीजें सिर्फ मंजूर किए गए दो टैक्स स्लैब के अंदर आ जाएंगी. इसके चलते कई सामान सस्ते हो जाएंंगे. हालांकि, विलासिता और हानिकारिक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब को मंजूरी मिली है, जो 40% का है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारा फोकस देश के आम आदमी पर है. किसानों से लेकर लेबर तक को ध्यान में रखते हुए स्लैब कम करने को मंजूरी दी गई है और बैठक में शामिल सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने इस फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि समय की मांग को समझते हुए सभी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने में अपनी सहमति जताई. 

ये सामान होंगे सस्ते
यूएचटी दूध, छेना पनीर, पिज्जा ब्रेड, रोटी, पराठा, को अब जीरो जीएसटी स्लैब में डाला गया है और इन पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा. इसके अलावा  कॉमन मैन और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि शैंपू, साबुन, तेल समेत अन्य रोजमर्रा में घरों में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी इसी दर से टैक्स लागू होगा. इसके अलावा नमकीन, पास्ता, कॉफी, नूडल्स को भी 5% जीएसटी स्लैब में शामिल किया गया है. जबकि छोटी कार, बाइक, सीमेंट पर अब 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी टैक्स लागू होगा. टीवी पर 28 फीसदी से 18 फीसदी जीएसटी किया गया है, तो वहीं 33 जीवन रक्षक दवाइंयों को जीएसटी के दायरे से बाहर करते हुए इन पर टैक्स फ्री कर दिया गया है. इनमें तीन कैंसर की दवाएं भी शामिल हैं. 

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40 फीसदी के स्पेशल दायरे में सुपर लग्जरी सामानों को रखा गया है. पान मसाला, सिगरेट गुटका और अन्य तंबाकू उत्पादों, बीढ़ी को इस कैटेगरी में रखा गया है. फ्लेवर्ड कर्बोनेटेड पेय पदार्थों के साथ ही फास्ट फूड्स को भी इस स्लैब के तहत रखा है.

22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी तमाम चीजें

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री ने बिजनेस टुडे से खास बातचीत के दौरान बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए 5-18 फीसदी के जीएसटी स्लैब को मंजूरी मिलने की जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि काउंसिल की बैठक में लिए गए सभी फैसले 22 सितंबर से लागू होंगे यानी इस तारीख से तमाम चीजें सस्ती हो जाएंगी. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को जीएसटी रिफॉर्म को लेकर की गई थी, जिसके बाद ये पहली काउंसिल बैठक थी, जिसमें बड़े फैसले लिए गए हैं.  

अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के तहत जीएसटी काउंसिल द्वारा मंजूर किए गए प्रस्ताव पर नजर डालें, तो जीएसटी के मौजूदा चार स्लैब को कम करके दो कर दिया गया है. 12% और 28% वाली कैटेगरी खत्म हो गई है. इसके बाद 12 फीसदी स्लैब में शामिल करीब 99 फीसदी सामानों को 5% के स्लैब में डाला जा सकता है, जबकि 28% स्लैब के जीएसटी स्लैब में शामिल चीजों को 18% के स्लैब में लाया जा सकता है.

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काउंसिल की बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने इसमें लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि सभी सदस्यों की ओर से जीएसटी रेट्स को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में सहमति व्यक्त की गई है. प्रभावी रूप से दो टैक्स स्लैब 5% और 18% होंगे, जबकि कुछ विलासिता की वस्तुओं पर 40% कर लगेगा. तंबाकू, पान मसाला जैसी चीजों को इस स्लैब में रखा जाएगा. 

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