145 साल पुरानी डाबर कंपनी के ऊपर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का डंडा चला है और कंपनी के तमाम प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी गई है. इनमें शहद, घी से लेकर कोकोनट मिल्क तक शामिल हैं, जिन्हें लेकर कंपनी 100 फीसदी शुद्धता के दावे कर रही थी. डाबर के इस तरह के दावों को एफएसएसआई ने गुमराह करने वाला करार दिया है. इसका असर कंपनी के शेयर पर भी देखने को मिला है.
बिक्री बैन, 15 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने डाबर कंपनी पर की गई इस कार्रवाई को लेकर बीते कारोबारी दिन सोमवार को सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की थी. इनमें कंपनी द्वारा अपने प्रोडक्ट्स को लेकर किए जा रहे '100% नेचुरल', '100% प्योर', '100% प्योरिटी गारंटेड', '100% ऑर्गनिक' दावों को पूरी तरह के गुमराह करने वाला बताते हुए बिक्री पर रोक लगा दी. रेग्युलेटर के मुताबिक, इस तरह के दावों का इस्तेमाल करना सीधे FSS विनियम, 2018 का उल्लंघन है.
इन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक
FSSAI ने जानकारी शेयर करते हुए डाबर के उन प्रोडक्ट्स की लिस्ट भी बताई है, जिनमें '100 फीसदी' शुद्धता की गारंटी वाले भ्रामक दावे किए गए थे और अब उन्हें बिक्री से रोका गया है.
FSSAI के एक्शन से शेयर धड़ाम
फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के इस बड़े एक्शन का सीधा असर डाबर कंपनी के शेयर पर देखने को मिला है. मंगलवार को शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने के साथ ही Dabur India Share Crash हो गया और 5 फीसदी के आसपास फिसलकर 406 रुपये के लेवल पर आ गया, जो इसके 52 वीक के लो-लेवल के बेहद करीब है.
1884 में हुई थी डाबर की शुरुआत
डाबर के शेयर में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैपिटल भी बुरी तरह फिसला और 71,880 करोड़ रुपये पर आ गया. बता दें कि भारतीय मल्टीनेशनल कंज्यूमर गुड्स कंपनी की स्थापना आजादी से काफी पहले साल 1884 में की गई थी और इसकी नींव एस.के.बर्मन (S K Burman) ने रखी थी.
आजतक बिजनेस डेस्क