शेयर बाजार में बीते सप्ताह काफी उथल-पुथल देखने को मिली थी और हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ रेड जोन में क्लोज हुए थे. अब कल से शुरू होने वाले सप्ताह में कई ऐसे फैक्टर्स हैं, जो बाजार की चाल को प्रभावित करने वाले हैं और इनमें सबसे ऊपर कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेज उछाल शामिल है.
बीते सप्ताह के आखिरी दिन का हाल
शेयर बाजार में वैसे तो पिछले पूरे हफ्ते तेल उतार-चढ़ाव देखने को मिला था और आखिरी कारोबारी दिन इंडेक्स गिरावट में बंद हुए थे. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 125 अंकों की गिरावट लेकर 73,123 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 87 अंक गिरकर 22,600 पर बंद हुआ था.
पूरे हफ्ते में इतना टूटा था सेंसेक्स-निफ्टी
तमाम ग्लोबल कारकों का असर बीते सप्ताह शेयर बाजार पर देखने को मिला था. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते दो हफ्ते की बढ़त के बाद NSE Nifty 2.8% की गिरावट में रहा था, तो वहीं एक छुट्टी के साथ छोटे सप्ताह में BSE सेंसेक्स भी 2.1% गिरा था.
पहला फैक्टर: अगले हफ्ते कच्चा तेल करेगा खेल
कच्चा तेल एक बड़ी चिंता बनी हुई है और ये अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल पर बड़ा असर डालने वाला साबित हो सकता है. बता दें कि अतंरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Price 117 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट गौरांग शाह ने आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे के साथ बातचीत में कहा कि कच्चे तेल की कीमतों से घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव है, अगर मुझे किसी एक चीज पर ध्यान देना हो जो ऊंचे लेवल से सेलिंग-साइड प्रेशर बना रही है. क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें इंडियन इकॉनमी के लिए चिंता का कारण बनती हैं, क्योंकि यह ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत तेल आयात पर निर्भर है.
दूसरा फैक्टर: विदेशी निवेशकों की बिकवाली
बीते सप्ताह छुट्टी की वजह से चार दिन का कारोबारी सप्ताह था और इस दौरान विदेशी निवेशक उतार-चढ़ाव वाले मोड में रहे, उन्होंने दो सेशन में इक्विटी खरीदी और बाकी दो सेशन में तगड़ी बिकवाली भी कर दी. निवेशकों ने 19 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को लगभग 4,606 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे, जबकि 21 अक्टूबर और 23 अक्टूबर को 1,909 करोड़ रुपये की खरीदारी की. अगले हफ्ते इन निवेशकों की बिकवाली या खरीदारी का असर देखने को मिलेगा.
तीसरा फैक्टर: कंपनियों के Q2 नतीजे
शेयर बाजार की चाल पर अगले सप्ताह तमाम दिग्गज कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों का भी असर देखने को मिलेगा. कल से शुरू होने वाला हफ्ता कॉर्पोरेट अर्निंग्स के हिसाब से बिजी रहने वाला है. कई बड़ी कंपनियां अपने सितंबर-क्वार्टर (Q2 FY27) के रिजल्ट्स अनाउंस करने वाली हैं.
26 अक्टूबर: पेटीएम, REC, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एथर एनर्जी
27 अक्टूबर: लार्सन एंड टूब्रो (L&T), मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज ऑटो, टाटा स्टील और सिप्ला
28 अक्टूबर: HUL, अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज, TVS मोटर कंपनी, हुंडई मोटर इंडिया और हीरो मोटोकॉर्प
29 अक्टूबर: एशियन पेंट्स, Trent, लॉरस लैब्स, अंबुजा सीमेंट्स और सुजलॉन एनर्जी
30 अक्टूबर: सन फार्मा, BEL, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), बैंक ऑफ बड़ौदा और गेल इंडिया
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क