ट्रंप को कोर्ट से झटका, क्या टैरिफ का डर हो गया खत्म? शेयर बाजार के लिए जानिए मायने

अमेरिकी कोर्ट ने अपनी टिप्‍पणी में कहा कि ट्रंप के टैरिफ ने US को महंगाई और मंदी की ओर खींचा है. साथ ही वित्तीय मार्केट में अस्थिरता पैदा की है. व्‍यापार घाटे को देखते हुए ट्रंप ने अधिकतम 50 फीसदी और न्‍यूनतम 10 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही थी. अब कोर्ट के रोक के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि ट्रंप के टैरिफ का भविष्‍य क्‍या होगा?

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टैरिफ रोक से भारतीय बाजार पर असर टैरिफ रोक से भारतीय बाजार पर असर

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 29 मई 2025,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST

डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ को न्‍यूयॉर्क के एक फेडरल कोर्ट ने बुधवार को बड़ा झटका दिया. कोर्ट ने दुनिया के लगभग हर देश से आयात पर भारी टैरिफ लगाने की उनकी योजना पर रोक लगा दी है. यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के तीन जजों के एक पैनल ने फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि सभी देशों पर टैरिफ लगाने को सही ठहराने के लिए 977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल किया, जो राष्‍ट्रपति को व्‍यापारिक देशों पर अतिरिक्‍त टैरिफ लगाने को अधिकार नहीं देता है. 

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अमेरिकी कोर्ट ने अपनी टिप्‍पणी में कहा कि ट्रंप के टैरिफ ने US को महंगाई और मंदी की ओर खींचा है. साथ ही वित्तीय मार्केट में अस्थिरता पैदा की है. व्‍यापार घाटे को देखते हुए ट्रंप ने अधिकतम 50 फीसदी और न्‍यूनतम 10 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही थी. अब कोर्ट के रोक के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि ट्रंप के टैरिफ का भविष्‍य क्‍या होगा? 

ट्रंप के टैरिफ का क्‍या होगा? 
पूर्व अमेरिकी व्यापार वार्ताकार और एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में उपाध्यक्ष वेंडी कटलर ने एपी को बताया कि कोर्ट का यह फैसला 'राष्ट्रपति की व्यापार नीति में उथल-पुथल मचा दी है.' वहीं जिन देशों से अमेरिका की Tariff को लेकर बातचीत चल रही है, वे अमेरिका को और ज्‍यादा कानूना स्‍पष्‍टता होने तक और ज्‍यादा रियायत देने से बच सकते हैं. 

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वहीं फेडरल कोर्ट के इस फैसले को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिल सकती है. हालांकि इस फैसले से ट्रंप के IEEPA के यूज पर लिमिट लग गईं, लेकिन कोर्ट ने कहा कि 1974 के व्यापार अधिनियम के तहत उनके पास अभी भी सीमित टैरिफ है, लेकिन केवल 15 फीसदी और 150 दिनों से ज्‍यादा के लिए नहीं. 

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह तय है कि अदालत का फैसला कितनी जल्दी प्रभावी होगा. यह फैसला संघीय सरकार को टैरिफ हटाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने के लिए 10 दिन तक का समय देता है. अगर इसे बरकरार रखा जाता है, तो यह फैसला चीनी आयातों पर 30% टैरिफ, कनाडाई और मैक्सिकन सामान पर 25% और अधिकांश अन्य देशों पर 10% शुल्क को जल्दी से समाप्त कर सकता है. 

इन चीजों पर टैरिफ को सही ठहराया 
कोर्ट ने स्टील एल्यूमिनियम और ऑटो पर लगाए ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को सही ठहराया है और कोई रोक नहीं लगाया है. ट्रंप प्रशासन ने स्‍टील और एल्यूमिनियम पर 25%, ऑटोमोबाइल पर भी 25% का टैरिफ लगाया है. ये टैरिफ अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले हर देश पर लगे हैं और आगे भी जारी रहेंगे. 

शेयर बाजार में अब क्‍या होगा? 
एक्‍सपर्ट्स को उम्‍मीद है कि अगर टैरिफ की योजना रद्द होती है, तो यह मार्केट के लिए अच्‍छे संकेत होंगे. आने वाले समय में भारतीय बाजार में तेजी आएगी. Nifty 25000 लेवल को भी पार कर सकता है. हालांकि आज शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. निफ्टी 24,727 पर है, जबकि सेंसेक्‍स 81,243 पर कारोबार कर रहा है. 

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एक्‍सपर्ट ने बाजार को लेकर क्‍या कहा? 
जियोजित इन्वेस्टमेंट के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि यह कोर्ट फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के लिए दूसरा बड़ा झटका है, इससे पहले बॉन्ड बाजार ने झटका दिया था, जिसके कारण ट्रंप प्रशासन को 90 दिनों के लिए टैरिफ को रोकना पड़ा था. ये बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत है. ट्रंप की आक्रामक टैरिफ पॉलिसी ने अमेरिका में हाई इन्‍फ्लेशन ओर कम आर्थिक विकास का रिस्‍क बढ़ा दिया है. 

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