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अनंत ने ऐसा क्या कहा, अचानक मुकेश अंबानी के छलक गए आंसू

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST
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जियो प्लेटफॉर्म्स की आईपीओ लिस्टिंग सेरेमनी में एक ऐसा पल आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने बच्चों अनंत, आकाश और ईशा का संबोधन सुनकर भावुक हो गए. तीनों की स्पीच के दौरान मुकेश अंबानी की आंखें आंसुओं से डबडबाई हुई दिखीं. यह पल सिर्फ एक कारोबारी उपलब्धि का नहीं, बल्कि अंबानी परिवार के सफर, पुरानी यादों और नई पीढ़ी की जिम्मेदारियों का भी था.

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28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित समारोह में ईशा, अनंत और आकाश अंबानी ने जियो की 10 साल की यात्रा, ग्राहकों के भरोसे और रिलायंस की विरासत पर बात की. ईशा ने पिता मुकेश अंबानी को उनके शुरुआती दिनों की याद दिलाई, तो अनंत ने जियो को भारत के करोड़ों लोगों के साथ जोड़ने और उनका विश्वास जीतने की बात कही. दोनों के संबोधन में परिवार के प्रति सम्मान और कंपनी के भविष्य को लेकर प्रतिबद्धता साफ नजर आई.

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बच्चों की बातें सुन भावुक हुए मुकेश अंबानी

जियो प्लेटफॉर्म्स की आईपीओ लिस्टिंग सेरेमनी में मुकेश अंबानी के लिए सबसे भावुक पल तब आया, जब उनके बच्चों ईशा और अनंत अंबानी ने मंच से अपनी बातें रखीं. दोनों का संबोधन सुनते हुए मुकेश अंबानी भावुक नजर आए और उन्होंने अपनी आंखों से आंसू पोंछे. कंपनी की बड़ी कारोबारी उपलब्धि के बीच यह पारिवारिक पल समारोह का खास आकर्षण बन गया.

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दादा का सपना, दादी का आशीर्वाद, मां के संस्कार

अपने संबोधन के आखिर में अनंत अंबानी ने रिलायंस की जड़ों और परिवार से मिले मूल्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रिलायंस नए सपने देखता रहेगा, लेकिन उसकी जड़ें हमेशा वही रहेंगी. अनंत ने इन जड़ों को अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपने, दादी के आशीर्वाद, पिता के मार्गदर्शन और मां से मिले विनम्रता व दूसरों की देखभाल के संस्कारों से जोड़ा. उन्होंने कहा, 'जियो के सपने के बीज को ईशा दीदी ने बोया, आकाश भाई ने उस बीज को अपना सपना बना लिया. जियो को पूरे देश ने दुआएं दी. मां ने कहा- जियो मेरे लाल... दादी ने कहा- जुग-जुग जियो और दोस्तों ने कहा- जियो यार.' उनकी ये बातें सुनकर मुकेश अंबानी अपने आंसू नहीं रोक सके.

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ईशा ने याद दिलाए पिता के पुराने दिन

रिलायंस रिटेल वेंचर्स की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में परिवार की पुरानी यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कि कुछ शाम पहले डिनर टेबल पर मुकेश अंबानी 1977 के दिनों को याद कर रहे थे. उस समय वह महज 20 साल के थे और रिलायंस की पहली पब्लिक ऑफरिंग पर काम कर रहे थे. ईशा ने कहा कि उनके दादा धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस को आम लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया था. उनकी यह बात रिलायंस की उस विरासत की याद दिलाती है, जिसने कंपनी के सफर की नींव रखी.

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जियो ने 10 साल में हासिल किया बड़ा मुकाम

ईशा अंबानी ने जियो की कारोबारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि इस साल कंपनी का रेवेन्यू करीब 15.5 अरब डॉलर रहा, जबकि उसकी वास्तविक कमाई करीब 8 अरब डॉलर रही. उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम कंपनियां महज 10 साल में इस स्तर तक पहुंच पाती हैं. हालांकि, ईशा ने अपने संबोधन में केवल आंकड़ों पर जोर नहीं दिया. उन्होंने कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक ग्राहक है और जियो को इस मुकाम तक पहुंचाने में ग्राहकों की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने ग्राहकों को संबोधित करते हुए कहा, ​'जियो को आपने बनाया. आपने इसे अपनाया.'

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आकाश अंबानी की मेहनत का भी किया जिक्र

ईशा ने अपने भाई और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी की मेहनत की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस 13 साल के सफर में शायद ही कोई रात रही हो, जब आकाश आधी रात से पहले घर लौटे हों. ईशा ने कहा, 'मैं तुम्हारी बहन होने पर इससे ज्यादा गर्व महसूस नहीं कर सकती.' उनके इस बयान में कंपनी के निर्माण के दौरान आकाश की मेहनत के साथ भाई-बहन के रिश्ते की झलक भी दिखाई दी.
 

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अनंत अंबानी ने सबसे पहले कहा- शुक्रिया

रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत आभार जताने के साथ की. उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा मायने रखने वाला शब्द 'कृतज्ञता' है. अनंत ने उन लाखों लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने जियो पर भरोसा किया और इस दिन को संभव बनाया. उनका संबोधन इस बात पर केंद्रित रहा कि जियो की उपलब्धि के पीछे ग्राहकों का विश्वास और लोगों का साथ है. उन्होंने इस मौके को केवल कंपनी की सफलता के तौर पर नहीं, बल्कि देश के साथ साझा की जाने वाली उपलब्धि के रूप में पेश किया.

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एक्सचेंज की घंटी मेरे लिए मंदिर की घंटी जैसी

अनंत अंबानी ने आईपीओ लिस्टिंग के दौरान बजने वाली एक्सचेंज की घंटी की तुलना मंदिर की घंटी से की. उन्होंने कहा, 'मेरे लिए कारोबार पूजा है और हर पूजा प्रसाद के साथ पूरी होती है. प्रसाद हमेशा बांटा जाता है. आज जियो भारत के साथ साझा किया गया है.' उनकी इस बात ने जियो की लिस्टिंग को कारोबार से आगे बढ़कर साझा जिम्मेदारी और लोगों की भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की. अनंत ने कहा कि कंपनी की उपलब्धियों का असली मतलब तभी है, जब उनका फायदा लोगों तक पहुंचे.

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भाई-बहनों की एकजुटता पर बोले अनंत

अनंत अंबानी ने अपनी बहन ईशा और भाई आकाश के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की. उन्होंने कहा, 'आज ईशा दीदी, आकाश भाई और मैं तीन शरीर, लेकिन एक आत्मा के रूप में आपके सामने खड़े हैं.' अनंत ने कहा कि तीनों एक ही प्रतिबद्धता के साथ परिवार के सपनों का सम्मान करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. उनके इस बयान में रिलायंस की अगली पीढ़ी के नेतृत्व और आपसी एकजुटता का संदेश था.

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Jio अब आपके भरोसे का रखवाला- आकाश

रिलायंस जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के लिए निवेशकों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, 'आज मैं भावनाओं से अभिभूत हूं. ऐसी भावनाएं, जिन्हें मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. निवेशकों के इस भरोसे ने मेरे भीतर एक बड़ी जिम्मेदारी का एहसास पैदा किया है. आपने जियो पर भरोसा जताया है. आप जियो के शेयरधारक हैं और अब जियो आपके भरोसे का रखवाला है.' आकाश ने कहा कि जियो भारतीय तिरंगे को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, 'मेरा सपना है कि एक दिन जब दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की गिनती हो, तो उनमें एक नाम Jio Platforms Limited का भी हो.'

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