'पंचायत आजतक बिहार' के विशेष सत्र में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के 150 से अधिक दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए राज्य के विकास, शिक्षा, उद्योग, सुशासन और रोजगार पर रोडमैप रखा. उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार का लक्ष्य बिहार को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.
सम्राट चौधरी ने एक तरफ जहां बीजेपी के पारंपरिक गढ़ बांकीपुर उपचुनाव में मिली अप्रत्याशित हार को स्वीकारते हुए जनमत का सम्मान किया और आत्ममंथन की बात कही, वहीं दूसरी तरफ चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की चूक स्वीकार कर दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई का संदेश भी दिया.
शिक्षा में बड़े सुधारों से लेकर बाढ़ के स्थायी समाधान और सुशासन के दावों के बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार किसी भी राजनीतिक रेस या व्यक्तिगत होड़ से परे हटकर केवल बिहार के विकास और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है.
बिहार सरकार का 150 दिनों का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पिछले 150 दिनों में सरकार ने शिक्षा और अवसंरचना के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं. उन्होंने कहा, 'बिहार के विकास में तीन लोगों का अहम रोल रहा है. श्रीबाबू, जननायक कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार ने बिहार को खड़ा किया, अब उसे हम आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.'
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 700 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं, जिनमें लगभग 3.5 लाख छात्र पढ़ रहे हैं. रात में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए 'विद्यार्थी साथी ऐप' शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से रात 1 बजे भी औसतन 1.5 लाख बच्चे शिक्षकों से मार्गदर्शन (ट्यूटर सुविधा) प्राप्त कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्षों में बिहार में केवल 272 डिग्री कॉलेज थे. 15 जुलाई को एक ही दिन में पूरे बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए और एक महीने के रिकॉर्ड समय में शिक्षकों की बहाली व पोस्टिंग की गई. हमारी सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि बिहार के किसी भी युवा को पढ़ाई और रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े.
'नीतीश से आगे का बिहार' और औद्योगिक क्रांति
सम्राट चौधरी ने कहा कि अब बिहार को महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक की गति से आगे बढ़ाना है.
उन्होंने कहा कि पिछले 150 दिनों में उद्योग लगाने के लिए लगभग 50,000 एकड़ (तथा अधिग्रहण प्रक्रिया में 3,000 एकड़) ज़मीन उपलब्ध कराई गई है. बिहार का बजट ₹3,17,000 करोड़ तक पहुंच गया है. राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं (125 यूनिट फ्री) और किसानों को बिजली पर ₹23,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दे रही है.
बांकीपुर उपचुनाव की हार और जनमत का सम्मान
भाजपा के पारंपरिक गढ़ बांकीपुर उपचुनाव में हुई हार पर मुख्यमंत्री ने बेबाकी से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही मालिक है. फैसलों या परिस्थितियों में हुई चूक की पार्टी स्तर पर समीक्षा की जाएगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी एक सीट के नतीजे से सरकार का जनादेश नहीं बदलता. बिहार में 243 में से 202 विधायकों के साथ एनडीए गठबंधन की सरकार पूरी मजबूती से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का हक है; 2030 के चुनावों में जनता पुनः सरकार के काम का मूल्यांकन करेगी.
भरत तिवारी एनकाउंटर और अपराध पर सख्त रुख
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक आयोग गठित किया गया. आयोग की रिपोर्ट में पुलिस की चूक (लैप्स) पाई गई, जिसके बाद दोषी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. साथ ही कहा कि अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे पुलिस को चुनौती देने की इजाजत नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वालों और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ 'गुंडा एक्ट' के तहत डेढ़ साल तक जेल में रखने का कड़ा कानूनी प्रावधान किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी एनकाउंटर या बुलडोजर की रेस में नहीं हैं; उनका एकमात्र काम शासन को ठीक से चलाना और पुलिस को अपराध नियंत्रण के लिए स्वतंत्र रखना है.
यूसीसी (UCC) पर एनडीए में एकजुटता का रोडमैप
समान नागरिक संहिता (UCC) पर एनडीए के सहयोगियों (JDU और LJP) के रुख पर सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए गठबंधन की सरकार संवाद के आधार पर चलती है. सभी सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श करके ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों कहा कि 2029 तक बीजेपी शासित राज्यों में यूसीसी लागू हो जाएगा. इस पर जेडीयू की राय अलग है. इसके अलावा बिहार में एनडीए के दूसरे सहयोगी दल भी अपना पत्ता नहीं खोल रहे हैं.
सम्राट चौधरी ने कहा कि हम बिहार में यूसीसी के लागू करने पर सभी सहयोगी दलों से बात करेंगे, उनसे राय-मशवरा करेंगे, तब कोई निर्णय करेंगे. बिहार में यूसीसी लागू करने पर चर्चा करेंगे तब डिसीजन करेंगे. इसके बाद राजद ने तो न्योता दे दिया है कि जेडीयू को छोड़ दो, वे यूसीसी ले आएंगे. हमने कहा कि हम चर्चा करेंगे, राजद क्या कहता है उससे हमको क्या लेना-देना है. जेडीयू से कह रहे हैं, वैसे भी मेरा यह मानना है कि मैं अपने गठबंधन को जानता हूं. यह कोई बैकफुट या फ्रंटफुट खेलने की बात नहीं है. मेरा स्पष्ट मानना है कि हम सबसे मिलकर चर्चा करके आगे बढ़ेंगे.
बाढ़ की विभीषिका का स्थाई समाधान नीति
बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ पर मुख्यमंत्री ने व्यापक योजना पेश की. बिहार में पड़ोसी राज्यों और नेपाल से लाखों क्यूसेक पानी आता है. गंगा नदी में गाद जमा होने से पानी का फैलाव होता है. सरकार ने नई गाद नीति लागू की है. भारत-बांग्लादेश जल संधि के संदर्भ में बिहार सरकार ने केंद्र से मांग रखी है कि राज्य को सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी का अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित 80 लाख से अधिक परिवारों के खातों में सीधा ₹7,000-₹7,000 की आर्थिक सहायता भेजी गई है और कृषि इनपुट व बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
बिहार में 1 करोड़ रोजगार और पलायन पर रोक
रोजगार और पलायन रोकने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने ठोस रोडमैप पेश किया. उन्होंने कहा कि 2020-25 के दौरान लगभग 43 लाख लोगों को रोजगार और 11.5 लाख को सरकारी नौकरी दी गई. अब अगले चरण में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है. बंद पड़ी चीनी मिलों और अशोक पेपर मिल जैसी इकाइयों को टेकओवर कर फिर से चालू किया जा रहा है. 25 नई चीनी मिलें और औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए जमीन दी जा रही है.
सीएम सम्राट ने कहा कि राज्य से बाहर मजबूरी में मजदूरी करने वाले लगभग 12 लाख लोगों को बिहार में ही स्थायी रोजगार देकर वापस लाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है. दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित किया जा रहा है ताकि बिहार के उत्पादों का सीधे निर्यात हो सके.
'बुलडोजर या एनकाउंटर' रेस से किया इनकार
योगी आदित्यनाथ और शुभेंदु अधिकारी के साथ 'बुलडोजर और एनकाउंटर' की राजनीति की रेस में शामिल होने के सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि वह किसी भी तरह की व्यक्तिगत होड़ या रेस में नहीं हैं., उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार में शासन को सही ढंग से चलाना और पुलिस को अपराध के खिलाफ पूरी स्वतंत्रता देना है, ताकि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे.
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