बिहार के नवगछिया के राघोपुर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर बुधवार सुबह से ही ग्रामीण और स्थानीय लोग जुटने लगे थे. लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचेंगे और टूटे तटबंध का जायजा लेंगे. साथ ही प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे.
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से भीड़ बढ़ती रही. ग्रामीण करीब चार घंटे तक दोनों नेताओं के आने का इंतजार करते रहे. समय बीतने के साथ लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी. जब उनके कार्यक्रम में नहीं पहुंचने की जानकारी सामने आई तो वहां मौजूद लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी.
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इसी दौरान कुछ आक्रोशित लोग कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर और पोस्टर के पास पहुंच गए. उन्होंने बैनर-पोस्टर फाड़कर अपना विरोध जताया. इससे मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया.
चार घंटे इंतजार के बाद बढ़ा गुस्सा
ग्रामीणों का कहना था कि वे निर्धारित समय से काफी पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे. कई लोग दूर-दराज के इलाकों से आए थे और उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री सीधे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेंगे. लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने की जानकारी उन्हें समय रहते नहीं दी गई.
स्थानीय एक व्यक्ति ने कहा कि वे सम्राट चौधरी को देखने के लिए सुबह 9 बजे से इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके नहीं आने से वे नाराज हैं. उन्होंने कहा कि राघोपुर में कटाव हो रहा है और इसी वजह से लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचकर स्थिति देखेंगे.
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं. सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी था. लेकिन लंबे इंतजार के बाद नाराजगी सामने आने लगी और कुछ लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर लगे प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाया.
बाढ़ प्रभावित राघोपुर को लेकर था कार्यक्रम
बाढ़ की स्थिति के बीच राघोपुर क्षेत्र में तटबंध और कटाव को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है. इसी वजह से लोगों को उम्मीद थी कि प्रस्तावित दौरे के दौरान उनकी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक पहुंचेंगी. प्रशासन की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की गई थीं.
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है. केंद्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान को 16 सितंबर को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करना था और राघोपुर के कोजीकरैया तटबंध का निरीक्षण भी उनके कार्यक्रम में शामिल था.
बाद की रिपोर्टों के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राघोपुर के तेरसिया इलाके का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और फसल नुकसान का जायजा लिया. दोनों ने प्रभावित लोगों और किसानों से बातचीत भी की.
सुजीत कुमार