बिहार के मुजफ्फरपुर में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने योजना एवं विकास विभाग में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ससुराल में छापेमारी की. करीब सात घंटे चली इस कार्रवाई में 51 लाख 50 हजार रुपये कैश बरामद किए गए. इसके अलावा लाखों के जेवरात भी मिले. मामला आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत से जुड़ा है. छापेमारी कहां हुई, इंजीनियर कौन हैं और EOU ने अब तक क्या बताया है? पूरी कहानी समझते हैं.
छापेमारी मुजफ्फरपुर के नयाटोला इलाके में स्थित राधिका अपार्टमेंट में हुई. अपार्टमेंट के दूसरे फ्लोर पर मौजूद आवास में EOU की टीम सुबह से जांच में जुटी रही. जिस इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनका नाम नारद कुमार दास है. वह बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर तैनात हैं.
फिलहाल उनकी पोस्टिंग मुंगेर में है. वह मूल रूप से भागलपुर के रहने वाले हैं. EOU की टीम ने उनके मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल में तलाशी ली. कार्रवाई के दौरान घर में आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी. न बाहर से किसी को अंदर जाने दिया गया और न ही अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने की अनुमति थी.
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छापेमारी के दौरान EOU की टीम को 51 लाख 50 हजार रुपये कैश मिले. रकम की गिनती के लिए नोट गिनने वाली मशीन भी मंगाई गई. कैश के अलावा लाखों के जेवरात बरामद हुए. करीब सात घंटे तक चली तलाशी के बाद EOU की टीम कैश और आभूषणों को सूटकेस में लेकर बाहर निकली.
EOU को इंजीनियर पर शक क्यों हुआ?
इस कार्रवाई की वजह आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत है. EOU के सीनियर DSP संजय कुमार पांडे ने बताया कि नारद कुमार दास के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर स्थित इंजीनियर के ससुराल से बड़ी मात्रा में कैश और आभूषण बरामद हुए हैं. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
अब जांच में यह देखा जा रहा है कि बरामद संपत्ति का सोर्स क्या है और उसका संबंधित व्यक्ति की आय से क्या संबंध है. इंजीनियर की आय, संपत्ति और अन्य ठिकानों से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है. फिलहाल EOU की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, छापेमारी में 51.50 लाख रुपये कैश और लाखों के आभूषण बरामद हुए हैं. आगे की जांच में इन संपत्तियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह देखना होगा.
मणिभूषण शर्मा